पाकिस्तानी जज ने कहा- नवाज शरीफ को बाहर नहीं निकालने के लिए ISI सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बना रही है
इस्लामाबाद। एक पाकिस्तानी हाईकोर्ट के जज ने न्यायपालिका में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की दखलंदाजी का आरोप लगाया है। जज का कहना है कि आईएसआई नवाज शरीफ समेत देश के अन्य मामलों में फैसला उनके पक्ष में लाने के लिए देश के मुख्य न्यायाधीश पर दबाव बना रही है। रावलपिंडी बार एसोसिएशन को संबोधित करते हुए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शौकत सिद्दीकी ने न्यायपालिका और मीडिया को 'नियंत्रित' करने का आरोप लगाते हुए खुफिया एजेंसी आईएसआई पर खुलेआम हमला बोला है।

न्यायमूर्ति शौकत सिद्दीकी ने कहा 'आज न्यायपालिका और मीडिया 'बंदूकवाला' (सेना) के नियंत्रण में है। न्यायपालिका स्वतंत्र नहीं है। यहां तक कि मीडिया को सेना से निर्देश मिल रहे हैं। मीडिया सच बोल नहीं रहा है, क्योंकि यह दबाव में काम करना उनकी रूचि है।' उन्होंने कहा कि कई मामलों को प्रभावित करने के लिए आईएसआई खुद न्यायपालिका में जजों की बेंच बनाती है।
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सिद्दीकी ने दावा किया है कि नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज को 25 जुलाई को होने वाले चुनाव से पहले जेल से बाहर नहीं निकालने के लिए आईएसआई ने चीफ जस्टिस पर दबाव बनाया है।
सिद्दीकी ने कहा कि उन्होंने चीफ जस्टिस को मुझे इस केस में शामिल नहीं करने के लिए भी कहा था। सिद्दीकी ने आगे कहा कि मुझे आईएसआई द्वारा पेश किया गया था कि अगर मैं उनके साथ सहयोग करने के लिए सहमत हो गया तो मेरे खिलाफ रेफरेंस को वापस ले लिया जाएगा। मुझे मुख्य न्यायाधीश बनाने की भी पेशकश की गई थी। लेकिन मुझे लगा कि अपने विवेक को बचने से मरना बेहतर है।
न्यायाधीश सिद्दीकी ने कहा कि न्यायपालिका और मीडिया लोगों की विवेक की आवाज है। सिद्दीकी ने कहा, 'यदि उनकी आजादी कम हो जाती है तो पाकिस्तान अब एक स्वतंत्र देश नहीं रहेगा। अपने इतिहास के 70 वर्षों के दौरान सैन्य तानाशाही के कारण, पाकिस्तान आज न तो इस्लामी और न ही लोकतांत्रिक देश है।'
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