ईरान के ऑफर में बुरे फंसे ट्रंप, होर्मुज के चक्कर में हाथ से जा रहा न्यूक्लियर? सरेंडर को तैयार नहीं अराघची

Iran War Update: मिडिल ईस्ट की गर्म होती जंग के बीच अब एक नया डिप्लोमैटिक ट्विस्ट सामने आया है। ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को एक नया प्रस्ताव दिया है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और जंग खत्म करने की बात कही गई है। Axios के हवाले से बाहर आई इस खबर में सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस प्रस्ताव में Nuclear Talks को फिलहाल बाद के लिए टालने की बात कही गई है। यानी पहले जंग रोको, रास्ता खोलो, बाद में न्यूक्लिर मुद्दे पर बात कर सकते हैं।

क्यों अहम है यह प्रस्ताव?

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत लगभग ठप पड़ी है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है और हालात कई बार सैन्य टकराव तक पहुंच चुके हैं। Axios को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ईरानी लीडरशिप खुद भी इस बात पर बंटी हुई है कि अमेरिका को कितनी न्यूक्लिर रियायतें दी जाएं। ऐसे में यह नया प्रस्ताव उस मुश्किल मुद्दे को फिलहाल साइड में रखकर तेज समझौते का रास्ता खोलने की कोशिश माना जा रहा है। सीधी भाषा में कहें तो- ईरान कह रहा है, "पहले तनाव कम करो, बाद में बाकी बातें कर लेंगे।"

Iran War Update

ट्रंप का दबाव हो सकता है कम

हालांकि इस प्रस्ताव का दूसरा पहलू भी है। अगर अमेरिका नाकाबंदी हटाता है और जंग खत्म होती है, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ से वह दबाव खत्म हो सकता है, जिसका इस्तेमाल वे ईरान पर कर रहे थे। यही दबाव अमेरिका ईरान से इन मांगों के लिए इस्तेमाल कर सकता था

• संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) को देश से बाहर हटाना
• यूरेनियम संवर्धन(Uranium Enrichment Process) प्रक्रिया रोकना
• न्यूक्लिर प्रोग्राम पर लंबी पाबंदियां लगाना

ट्रंप की तरफ से ये बड़ी मांगे रखी गई हैं।

ट्रंप की हाई-लेवल बैठक

इन घटनाक्रमों के बीच तीन अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप सोमवार को ईरान पर एक महत्वपूर्ण Situation Room Meeting करने वाले हैं। इस बैठक में उनकी टॉप राष्ट्रीय सुरक्षा टीम और विदेश नीति से जुड़े बड़े अधिकारी शामिल होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप की टीम इस बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा करेगी:

• बातचीत र्ताओं में जारी गतिरोध
• ईरान के नए प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया
• आर्थिक और सैन्य दबाव जारी रखना या नहीं
• आगे की डील की संभावनाएं

यानी मामला अब सिर्फ बयानबाजी से आगे बढ़कर निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।

तेल पर नाकाबंदी की सॉफ्ट धमकी

रविवार को फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में ट्रंप ने साफ कहा कि वे ईरान के तेल निर्यात को रोकने वाली नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखना चाहते हैं। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले कुछ हफ्तों में तेहरान आर्थिक दबाव में झुक सकता है। ट्रंप के मुताबिक ईरान के पास सिर्फ 3 दिन समय है, अगर वे ऐसा नहीं करते तो उनकी तेल की लाइन प्रेशर के चलते फट सकती हैं। यह बयान बताता है कि ट्रंप अभी तुरंत राहत देने के मूड में नहीं हैं।

पाकिस्तान यात्रा बेनतीजा रही

इस संकट के बीच अमेरिका और ईरान की बातचीत में गतिरोध तब और बढ़ गया जब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की पाकिस्तान यात्रा बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई। वीकेंड पर हुई इस यात्रा से उम्मीद थी कि कोई मध्यस्थता आगे बढ़ेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

व्हाइट हाउस की उम्मीद टूटी

व्हाइट हाउस ने पहले ऐलान किया था कि ट्रंप के विशेष दूत इस्लामाबाद में अराघची से मिलेंगे।लेकिन सूत्रों के मुताबिक, ईरानी पक्ष ने कोई स्पष्ट रुख नहीं दिखाया। इसके बाद ट्रंप ने Axios को बताया कि उन्होंने वह यात्रा रद्द कर दी।

'फोन पर भी हो सकती है बात'

अपनी यात्रा रद्द करने पर ट्रंप ने कहा-

"मुझे मौजूदा स्थिति में उन्हें 18 घंटे की उड़ान पर भेजने का कोई मतलब नहीं दिखता। यह बहुत लंबी है। हम इसे टेलीफोन पर भी उतनी ही अच्छी तरह कर सकते हैं। ईरानी चाहें तो हमें फोन कर सकते हैं। हम सिर्फ बैठने के लिए यात्रा नहीं करेंगे।"

इस बयान से साफ है कि ट्रंप बिना ठोस संकेत के बातचीत में समय बर्बाद नहीं करना चाहते।

अराघची की डिप्लोमैटिक दौड़ जारी

रविवार को अराघची ने मस्कट में ओमानी अधिकारियों से मुलाकात की। वहां चर्चा का मुख्य मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज रहा। इसके बाद वे दूसरे दौर की बातचीत के लिए इस्लामाबाद लौट गए। सोमवार को उनके मॉस्को जाकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की उम्मीद जताई गई।यानी ईरान एक साथ कई चैनलों से समर्थन और समाधान तलाश रहा है।

पर्दे के पीछे क्या चल रहा है?

Axios ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अराघची ने इस्लामाबाद में बैठकों के दौरान न्यूक्लिर मुद्दे को फिलहाल किनारे रखने की योजना रखी थी। उन्होंने मध्यस्थों से कहा कि अमेरिकी मांगों पर ईरानी नेतृत्व में सहमति नहीं है। इन मांगों में शामिल हैं:

• कम से कम 10 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकना
• संवर्धित यूरेनियम देश से बाहर भेजना

यानी तेहरान के भीतर भी इस पर मतभेद हैं।

पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को नया प्रस्ताव

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका तक यह नया प्रस्ताव पहुंचाया गया। इसका फोकस था:

• पहले होर्मुज संकट खत्म करो
• अमेरिकी नाकाबंदी हटाओ
• तनाव कम करो
• उसके बाद न्यूक्लिर बातचीत शुरू करो

सीजफायर बढ़ाने का प्लान

इस प्रस्ताव के तहत मौजूदा सीजफायर लंबी अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है या दोनों पक्ष युद्ध खत्म करने पर सहमत हो सकते हैं। इसके बाद ही न्यूक्लिर वार्ता दोबारा शुरू होगी। यानी ईरान पहले सैन्य तनाव खत्म करना चाहता है।

अमेरिका के पास क्या ऑप्शन?

व्हाइट हाउस को यह प्रस्ताव मिल चुका है। लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका इस पर गंभीरता से आगे बढ़ेगा या नहीं। फिलहाल वॉशिंगटन की रणनीति "पहले दबाव, फिर समझौता" जैसी दिख रही है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमे कमेंट में बताएं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+