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Iran vs US: ईरान का महाविनाशक प्लान, Google- Amazon के दफ्तर उड़ाने की तैयारी, 18 कंपनियों की 'Hit List जारी

Iran vs US Tech Companies: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर आ गया है। ईरान ने पहली बार सीधे तौर पर गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी है। ईरान का आरोप है कि इन कंपनियों की क्लाउड सर्विस और एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल सैन्य अभियानों और खुफिया जानकारी जुटाने में किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष आगे बढ़ा, तो इसका असर न केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया का डिजिटल और आर्थिक सिस्टम चरमरा सकता है।

Iran vs US Tech Companies

West Asia Conflict Update Hindi: निशाने पर क्यों हैं ये दिग्गज कंपनियां?

ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने गूगल, अमेजन और एनविडिया जैसी कंपनियों को चेतावनी दी है। ईरान का मानना है कि ये कंपनियां केवल व्यापार नहीं कर रही हैं, बल्कि इनकी तकनीक का इस्तेमाल युद्ध में इजराइल और अमेरिका की मदद के लिए हो रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर क्षेत्रीय युद्ध फैलता है, तो वह इन कंपनियों के डेटा सेंटर और दफ्तरों को सैन्य ठिकाना मानकर उन पर हमला कर सकता है।

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खाड़ी देशों और इजराइल में मौजूद ठिकानों पर खतरा

ईरान ने विशेष रूप से उन ठिकानों को चिन्हित किया है जो इजराइल और कुछ खाड़ी देशों में स्थित हैं। इन देशों में अमेरिकी कंपनियों के बड़े डेटा सेंटर और रीजनल ऑफिस मौजूद हैं। ईरान का दावा है कि इन जगहों से सैन्य सूचनाओं का आदान-प्रदान होता है। रिपोर्ट में पैलेंटिर और ओरैकल जैसी कंपनियों के नाम भी शामिल हैं। ईरान की इस धमकी ने इन देशों में काम कर रहे हजारों कर्मचारियों और वहां मौजूद अरबों डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर को खतरे में डाल दिया है।

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IRGC Threats America: बैंक और आर्थिक संस्थानों को भी दी चेतावनी

सिर्फ टेक कंपनियां ही नहीं, ईरान ने अब आर्थिक संस्थानों को भी अपनी रडार पर ले लिया है। ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इजरायली बैंक और वित्तीय केंद्र अब सुरक्षित नहीं हैं। ईरान ने इसे अपने एक बैंक पर हुए हमले का बदला बताया है। ईरानी अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इन आर्थिक केंद्रों और बैंकों से कम से कम एक किलोमीटर की दूरी बनाए रखें, क्योंकि ये कभी भी हमले की चपेट में आ सकते हैं।

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Middle East Conflict Hindi: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है बुरा असर

अगर ईरान इन टेक कंपनियों या इनके इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करता है, तो इसका परिणाम पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी हो सकता है। आज की ग्लोबल इकोनॉमी पूरी तरह से क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल डेटा पर टिकी है। गूगल या माइक्रोसॉफ्ट के डेटा सेंटर पर आंच आने का मतलब है ग्लोबल स्टॉक मार्केट और बैंकिंग सेवाओं का ठप होना। एक्सपर्ट्स इसे 'इकोनॉमिक टेररिज्म' और 'साइबर वॉर' का मिला-जुला रूप मान रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में मंदी और डिजिटल ब्लैकआउट का खतरा पैदा हो गया है।

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