Iran America War: होर्मुज बनेगा कब्रिस्तान! ट्रंप के खतरनाक इरादों पर ईरान ने दी 'परमाणु' चेतावनी
Iran America War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए जाने के बाद ईरान की सेना ने 'महायुद्ध' की चेतावनी दी है। ईरान का मानना है कि अमेरिका किसी भी संधि को मानने के लिए तैयार नहीं है और केवल दबाव बनाने की राजनीति कर रहा है।
ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को कमजोर और बिखरा हुआ बताया है, जबकि ईरान ने पलटवार करते हुए कहा है कि उनकी सेना किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Donald Trump Iran Statement: ईरानी सेना की तैयारी और बयान
ईरान के सैन्य उप-प्रमुख मोहम्मद जाफर असादी ने कहा है कि अमेरिका के बयान केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरने और तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए हैं। उन्होंने साफ किया कि ईरान की सेना हाई अलर्ट पर है। असादी के मुताबिक, अगर अमेरिका ने कोई भी "मूर्खतापूर्ण" कदम उठाया या हमला करने की कोशिश की, तो ईरान उसे करारा जवाब देगा। ईरान का कहना है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने के अपने फैसले पर अडिग है।
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Strait of Hormuz Crisis: ईरान में बड़ा हादसा: 14 सैनिकों की मौत
तनाव के बीच ईरान में एक दुखद हादसा हुआ है, जहां पुराने बमों के फटने से रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRG) के 14 जवानों की जान चली गई। यह विस्फोट तेहरान के पास जंजन शहर में हुआ। बताया जा रहा है कि ये बम पुराने युद्ध के समय के थे जो फटे नहीं थे। 7 अप्रैल को हुए युद्धविराम के बाद ईरानी सेना के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा नुकसान है, जिससे देश के अंदर शोक और गुस्से का माहौल है।
Middle East Tension: ट्रंप की सख्त चेतावनी और सैन्य विकल्प
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ईरान के साथ मौजूदा बातचीत के प्रस्तावों से खुश नहीं हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ईरान का नेतृत्व आपस में बंटा हुआ है और उन्हें खुद नहीं पता कि उनका असली नेता कौन है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना और वायुसेना अब बहुत कमजोर हो चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो वह सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे और इसके लिए उन्हें संसद की मंजूरी की जरूरत नहीं है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर बना टकराव
इस पूरे विवाद की जड़ में होर्मुज स्ट्रेट है। ट्रंप चाहते हैं कि ईरान इस समुद्री रास्ते को खुला रखे ताकि दुनिया भर में तेल की सप्लाई बिना रुके चलती रहे। इसके उलट, ईरान इसे खोलने को तैयार नहीं है। ट्रंप ने इसे लेकर युद्धविराम जारी रखने की शर्त भी रखी है, लेकिन ईरान का कहना है कि अमेरिका समझौतों का सम्मान नहीं करता। दोनों देशों के बीच यह अड़ियल रुख आने वाले दिनों में बड़े संघर्ष का कारण बन सकता है।












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