Iran Vs Israel: अब नहीं बरसेंगे मिसाइलें? ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को भेजा शांति संदेश

Iran Vs Israel War: ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी तनाव के बीच शांति की एक नई उम्मीद जगी है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव भेजा है। इस कदम को मध्य-पूर्व में जारी युद्ध को रोकने और कूटनीतिक रास्ते से समाधान निकालने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है।

पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच एक 'बैकचैनल' यानी गुप्त संदेशवाहक की अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को तोड़ने में मदद मिल सकती है।

iran israel peace proposal

Israel Iran peace talks: पाकिस्तान की मध्यस्थता और नया मोड़

पाकिस्तान ने हाल के महीनों में ईरान और अमेरिका के बीच संवाद कायम करने के लिए कई राउंड की बातचीत की मेजबानी की है। ताजा अपडेट यह है कि ईरान ने क्षेत्रीय सुरक्षा और परमाणु मुद्दों को अलग-अलग रखते हुए एक 'कैलिब्रेटेड' (नपा-तुला) प्रस्ताव दिया है। इस्लामाबाद के जरिए पहुंचे इस प्रस्ताव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार और कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है, जिसका असर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में गिरावट के रूप में भी देखा गया।

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इजराइल का रुख और शांति वार्ता

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब इजराइल ने भी अमेरिका के माध्यम से पाकिस्तान को शांति वार्ता के लिए एक जवाबी प्रस्ताव भेजा है। हालांकि इजराइल की शर्तें काफी सख्त हैं, जिनमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलना और सुरक्षा गारंटी शामिल है, लेकिन बातचीत की मेज पर आना ही युद्ध विराम की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। अब गेंद ईरान के पाले में है कि वह इन शर्तों को किस हद तक स्वीकार करता है।

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सुरक्षा और परमाणु मुद्दों पर रणनीति

ईरान की मौजूदा रणनीति काफी दिलचस्प है। वह अपनी तत्काल सुरक्षा चिंताओं को परमाणु कार्यक्रम जैसे दीर्घकालिक मुद्दों से अलग रखना चाहता है। इसका मतलब है कि तेहरान पहले युद्ध रोकने और आर्थिक प्रतिबंधों में ढील चाहता है, जबकि परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा वह भविष्य के लिए सुरक्षित रखना चाहता है। अमेरिका और इजराइल इस पर कितनी सहमति जताते हैं, यही आने वाले समय में शांति की दिशा तय करेगा।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

ईरान और इजराइल के बीच तनाव कम होने की खबरों का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और निवेश के सुरक्षित विकल्पों में हलचल इस बात का सबूत है कि दुनिया इस शांति वार्ता को बहुत गंभीरता से ले रही है। अगर पाकिस्तान की मध्यस्थता सफल रहती है, तो न केवल क्षेत्रीय शांति बहाल होगी, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता को भी बड़ी राहत मिलेगी।

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