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Khamenei Iran: ईरान छोड़कर भागने की तैयारी में खामेनेई, इस देश में ले सकते हैं शरण, ब्रिटिश अखबार का दावा

Khamenei Iran: ईरान में जारी भीषण जन-आक्रोश और आंतरिक विद्रोह की खबरों के बीच एक ऐसी खुफिया रिपोर्ट सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ब्रिटिश अखबार 'द टाइम्स' के सनसनीखेज खुलासे के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने सत्ता जाने की स्थिति में देश छोड़ने का एक 'गुप्त बैकअप प्लान' तैयार कर लिया है।

रिपोर्ट का दावा है कि अगर ईरान की सड़कों पर भड़की विरोध की आग बेकाबू हुई, तो 86 वर्षीय खामेनेई अपने परिवार और खास सहयोगियों के साथ रूस में शरण ले सकते हैं। इस खबर ने ईरान के भीतर और बाहर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

Khamenei Iran

Iran internal crisis: खामेनेई का 'प्लान-B' और मॉस्को कनेक्शन

खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई का यह एग्जिट प्लान उनके बेहद करीबी केवल 20 लोगों तक सीमित है। इस सूची में उनके बेटे और संभावित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई का नाम भी शामिल है। व्लादिमीर पुतिन और खामेनेई के बीच बढ़ती रणनीतिक और वैचारिक नजदीकी के कारण 'मॉस्को' को उनके लिए दुनिया का एकमात्र सुरक्षित ठिकाना माना जा रहा है। यदि ईरानी सुरक्षा बलों के भीतर विद्रोह भड़कता है, तो सुप्रीम लीडर बिना देरी किए रूस के लिए उड़ान भर सकते हैं।

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कमजोर होती सेहत और बढ़ती असुरक्षा

86 साल के खामेनेई के बारे में आकलन है कि इजरायल के साथ हुए हालिया संघर्ष के बाद वे शारीरिक और मानसिक रूप से काफी कमजोर हुए हैं। युद्ध के दौरान लंबे समय तक बंकर में रहना और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाना उनकी गहरी असुरक्षा को दर्शाता है। विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई अब अपनी विचारधारा से ज्यादा अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा पर ध्यान दे रहे हैं, जो एक कमजोर पड़ती सत्ता का बड़ा संकेत है।

आंतरिक विद्रोह: 'ना गाजा, ना लेबनान'

ईरान की जनता अब विदेशी मोर्चों पर अरबों डॉलर खर्च करने के खिलाफ सड़कों पर है। 'ना गाजा, ना लेबनान, जान सिर्फ ईरान' जैसे नारों ने सत्ता की चूलें हिला दी हैं। रिकॉर्ड महंगाई और गिरते जीवन स्तर से परेशान ईरानी नागरिक अब खामेनेई के 'एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस' मॉडल को नकार रहे हैं। विदेशी धरती पर चरमपंथ को खाद-पानी देने के बजाय लोग घरेलू सुधारों की मांग कर रहे हैं, जिसने खामेनेई को रणनीतिक रूप से अलग-थलग कर दिया है।

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अरबों का साम्राज्य और सुरक्षित भविष्य

रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि खामेनेई के नियंत्रण वाले नेटवर्क (जैसे 'सेताद') के पास लगभग 95 अरब डॉलर की विशाल संपत्ति है। यह आर्थिक शक्ति उन्हें निर्वासन में भी एक आलीशान और सुरक्षित जीवन जीने की गारंटी देती है। रोचक तथ्य यह भी है कि ईरान के कई शीर्ष अधिकारियों के परिवार पहले से ही अमेरिका, कनाडा और दुबई जैसे देशों में बस चुके हैं। ऐसे में मॉस्को जाने का प्लान महज एक अटकल नहीं, बल्कि सत्ता के पतन की ठोस तैयारी लग रही है।

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