Iran Vs Pakistan: ईरान का पाकिस्तान को कड़ा सबक, बॉर्डर पार करने की कोशिश कर रहे आतंकियों को सेना ने किया ढेर
Iran Pakistan Border Tension: ईरान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हाल ही में ईरानी सेना ने पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ कर रहे 'जैश अल-ज़ुल्म' के आतंकवादियों को मार गिराया है। यह घटना तब हुई जब पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय ये आतंकी गुट लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट का कारण बने हुए हैं। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई ने सीमा पर चौकसी और कड़े तेवरों को साफ कर दिया है।

Iran border infiltration: सीमा पर ईरानी सेना की बड़ी कार्रवाई
ईरानी सुरक्षा बलों ने रास्क बॉर्डर के पास एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जैश अल-ज़ुल्म नामक संगठन की एक पूरी ऑपरेशनल टीम को उस वक्त तबाह कर दिया गया, जब वे पाकिस्तान की सीमा से ईरान में घुसने की कोशिश कर रहे थे। इस मुठभेड़ में कई आतंकवादी मारे गए हैं। ईरान का कहना है कि इन आतंकियों का मकसद देश के भीतर घुसकर बड़े हमलों को अंजाम देना और आम जनता के बीच दहशत फैलाना था।
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अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं
यह घुसपैठ ऐसे नाजुक समय पर हुई है जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, आतंकवादियों का पाकिस्तानी जमीन का इस्तेमाल करना ईरान के लिए बड़ी चिंता का विषय है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। इस घटना के बाद सीमावर्ती इलाकों में निगरानी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दी गई है और पाकिस्तान से अपनी सीमा को सुरक्षित रखने के लिए कहा गया है।
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खतरनाक आतंकी गुट और उनका नेटवर्क
ईरान के खिलाफ मुख्य रूप से 'जैश अल-अदल' और 'अंसार अल-फुरकान' जैसे संगठन सक्रिय हैं। हालिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि जैश अल-अदल ने अन्य सशस्त्र समूहों के साथ मिलकर 'पीपुल्स फाइटर्स फ्रंट' नाम का एक नया गठबंधन बनाया है। ये समूह ईरानी सीमा रक्षकों पर घात लगाकर हमले करने, आत्मघाती धमाकों और अपहरण जैसी वारदातों में माहिर हैं। इनका नेटवर्क ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान और पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांतों में फैला हुआ है, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं।
अंसार अल-फुरकान और अल-कायदा का संबंध
अंसार अल-फुरकान एक कट्टरपंथी सुन्नी जिहादी समूह है, जो मुख्य रूप से ईरान के भीतर सक्रिय है। यह संगठन 'हरकत अल-अंसार' और 'हिज्ब अल-फुरकान' के मिलने से बना था। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह समूह वैचारिक रूप से अल-कायदा जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से प्रेरित है। अपनी कट्टरपंथी सोच और हिंसक गतिविधियों के कारण यह समूह ईरान के लिए एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह इन संगठनों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाएगा।












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