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Iran Missile Attacks: मिडिल ईस्ट में युद्ध का सायरन! ईरान ने 8 देशों पर किया हमला,अमेरिकी ठिकाने बने टारगेट

Iran Missile Attack 2026: शनिवार, 28 फरवरी 2026 की दोपहर को पूरी दुनिया तब दहल गई जब ईरान ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं।ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के 8 देशों बहरीन, UAE, क़तर, इजरायल, कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन और इराक को निशाना बनाते हुए मिसाइलों की बौछार कर दी है।

ईरान की ओर से यह हमला अमेरिका और इजरायल के संयुक्त ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' (Epic Fury) के जवाब में किया गया है। वर्तमान में क्षेत्र के कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) पूरी तरह बंद कर दिया है।

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Middle East War: कहां-कहां हुए हमले? कौन देश ईरान के निशाने पर

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने उन देशों को निशाना बनाया है जहां अमेरिका के महत्वपूर्ण सैन्य बेस स्थित हैं:

बहरीन: मनामा के पास स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े (US 5th Fleet) के मुख्यालय पर मिसाइलें गिरी हैं। जफेयर इलाके से धुएं के गुबार उठते देखे गए हैं।

UAE (संयुक्त अरब अमीरात): अबू धाबी के दक्षिण में स्थित अल-धफरा एयरबेस पर धमाके सुने गए हैं। यह बेस अमेरिकी और अमीराती वायु सेना द्वारा साझा किया जाता है।

कतर: दोहा के पास स्थित मध्य पूर्व के सबसे बड़े अमेरिकी बेस अल-उदेद (Al Udeid Air Base) के आसपास सायरन गूंज रहे हैं। यहां करीब 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।

कुवैत: कैंप आरिफजान और अली अल सलेम एयरबेस को भी निशाना बनाने की खबरें हैं।

इजरायल: ईरान ने सीधे इजरायल पर भी मिसाइलें दागी हैं, जिनमें से अधिकांश को इजरायल के 'आयरन डोम' और 'एरो' डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया।

सऊदी अरब: कई मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, ईरान ने सऊदी अरब में अमेरीकी सैन्य ठिकानों पर कई मिसाइलें दागी हैं।

जॉर्डन और इराक: ईरान जवाबी कार्रवाई में मीडिल ईस्ट के जॉर्डन और इराक के ठिकानों पर भी एक साथ टारगेट हमला किया है।

Gulf Airspace Closed: Israel Iran War के बाद खाड़ी देशों ने क्यों बंद किया एयरस्पेस

ईरान की जवाबी कार्रवाई और आसमान में उड़ती मिसाइलों को देखते हुए कतर, कुवैत, इराक और यूएई ने तत्काल प्रभाव से अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। एयर इंडिया समेत कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा है। दुबई और दोहा जैसे व्यस्त हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन ठप हो गया है।

मीडिल ईस्ट में क्यों शुरू हुई जंग?

यह जंग 28 फरवरी की सुबह तब शुरू हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के मिसाइल और परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के लिए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' लॉन्च किया है। तेहरान, करज और इस्फहान जैसे ईरानी शहरों में भीषण बमबारी हुई।

इसके तुरंत बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया और ईरान ने 'कसम' खाई कि वह इस "आक्रामकता" का मुंहतोड़ जवाब देगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उनका लक्ष्य ईरान के खतरे को जड़ से मिटाना है।

वहीं इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा है कि यह एक जरूरी हमला था। दूसरी तरफ, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके पड़ोसियों ने अपनी धरती का उपयोग ईरान के खिलाफ करने दिया, तो उन्हें भी युद्ध का सामना करना पड़ेगा। इस युद्ध ने वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो यह तीसरे विश्व युद्ध की आहट हो सकती है।

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