Iran Israel War: लखनऊ के रवीश की रिपोर्टिंग से तेहरान में तहलका, ईरान-इजरायल जंग पर क्या बोले पिता?
Iran-Israel War Update: ईरान और इजरायल के बीच पिछले 7 दिनों से छिड़ी जंग ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। 650 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, और तनाव का माहौल थमने का नाम नहीं ले रहा। इस बीच, अमेरिका और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन की एंट्री ने आग में घी डालने का काम किया है।
16 जून 2025 की शाम को इजरायल की मिसाइल ने तेहरान के IRIB न्यूज चैनल की ग्लास बिल्डिंग को निशाना बनाया। इस हमले में लाइव प्रसारण छोड़कर ईरानी एंकर सहर इमामी जान बचाने के लिए भागीं, लेकिन इस भयावह मंजर में लखनऊ के एक बेटे, रवीश जैदी, ने मौत को मात दी। उनके पिता अमीर अब्बास जैदी का दिल दहल गया, लेकिन गर्व से सीना भी चौड़ा हो गया। Oneindia Hindi से बातचीत में रवीश के परिवार की भावुक कहानी और उनके जज्बे की दास्तान सामने आई। आइए जानते हैं पिता ने क्या-क्या बताया?...

लखनऊ से तेहरान: रवीश का सफर
लखनऊ के हरदोई निवासी अमीर अब्बास जैदी (Ameer Abbas Zaidi), जो 2008 में यूपी पुलिस से रिटायर हुए, अपने चार बेटों में रवीश जैदी (Ravish Zaidi) को लेकर बेहद गर्व महसूस करते हैं। रवीश पिछले 14 सालों से तेहरान में हैं। बड़े भाई निहाल जैदी बताते हैं कि रवीश पढ़ाई के लिए ईरान गए थे, जहां उनकी प्रतिभा को देखते हुए ईरान के सरकारी टीवी नेटवर्क IRIB न्यूज चैनल में नौकरी मिल गई। पिछले साल नवंबर 2024 में पत्नी के निधन के बाद रवीश लखनऊ आए थे, लेकिन फर्ज की खातिर वापस तेहरान लौट गए। भाई कहते हैं कि फर्ज के आगे रवीश जान भी दे दे, तो गम नहीं।
'डैडी...20 सेकंड पहले निकला, नहीं तो लौटना नामुमकिन था'
पिता अमीर अब्बास जैदी की आंखें उस पल को याद कर नम हो जाती हैं, जब बेटे से संपर्क टूट गया था। हमले के बाद जब रवीश से बात हुई, तो उन्होंने बताया कि डैडी, बस 20 सेकंड पहले मैं स्टूडियो से निकला, वरना लौटना नामुमकिन था। अल्लाह को मेरी मौत मंजूर नहीं थी। रवीश ने पिता से कहा कि यहां हालात ठीक नहीं, लेकिन मैं भागूंगा नहीं। मरना पसंद करूंगा, पर डरूंगा नहीं।
पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि हमें डर तो लगा, लेकिन अब गर्व है। अगर बेटा शहीद भी हो जाए, तो कोई गम नहीं। हमारी कौम में कुर्बानी का जज्बा है। अमीर अब्बास ने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि रवीश लड़े, डटकर मुकाबला करे। अगर कुर्बानी देनी पड़े, तो पीछे न हटे।

जंग के बीच रवीश का हौसला
तेहरान में जंग की आग के बीच रवीश जैदी जैसे पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर दुनिया को सच दिखा रहे हैं। IRIB न्यूज चैनल पर हमले के दौरान रवीश की हिम्मत और फर्ज के प्रति समर्पण ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे लखनऊ को गर्व का अहसास कराया। पिता की बातों में दर्द और गर्व का मिश्रण साफ झलकता है।
Iran Israel War Update: क्या है ईरान-इजरायल जंग का हाल?
ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। इजरायल के हमले में तेहरान की मीडिया इमारतें तक निशाना बन रही हैं। इस जंग में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका और उत्तर कोरिया जैसे देशों की एंट्री ने स्थिति को और जटिल कर दिया है। इस बीच, रवीश जैसे पत्रकारों की कहानियां दुनिया को हिम्मत और हौसले का पैगाम दे रही हैं।
ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 224 लोगों की मौत हुई है, जिनमें अधिकांश नागरिक हैं। वहीं मानवाधिकार संगठन जैसे 'Human Rights Activists in Iran' के मुताबिक, कुल मौतें 639 तक पहुंच चुकी हैं-इसमें 263 नागरिक, 154 सुरक्षा कर्मी, एवं अन्य अज्ञात शामिल हैं। ईरान की ओर से इजरायल मिसाइल और ड्रोन हमलों में अब तक 24 लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों घायल हुए हैं।
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