PM Modi Cabinet: मोदी कैबिनेट बैठक में 6 बड़े फैसले, ATF से NCR प्रदूषण तक कई सेक्टरों मिली बड़ी राहत पैकज
PM Modi Cabinet Meeting Today: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार, 3 जून को हुई केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव के बीच केंद्र सरकार ने एविएशन सेक्टर, परिवहन, पर्यावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
कैबिनेट के इन फैसलों के तहत कुल मिलाकर 39 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रावधान किए गए हैं।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य एक ओर जहां आम लोगों को राहत देना है, वहीं दूसरी ओर देश की अर्थव्यवस्था, परिवहन व्यवस्था और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने की दिशा में ठोस कदम उठाना भी है।
ATF की कीमतों को स्थिर रखने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की मदद
कैबिनेट की बैठक में सबसे अहम फैसला एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) को लेकर लिया गया। केंद्र सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को एकमुश्त सहायाता देने की मंजूरी दी है। इसके तहत सरकार 10,000 करोड़ रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराएगी।
सरकार का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संकट के कारण कच्चे तेल और हवाई जहाज फ्यूल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में एयरलाइंस कंपनियों की परिचालन लागत बढ़ने का खतरा है, जिसका असर यात्रियों पर भी पड़ सकता है।
इसी को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि भारतीय एयरलाइंस के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए ATF की कीमतों को यथासंभव स्थिर रखा जा सके। इससे विमानन क्षेत्र को राहत मिलेगी और हवाई यात्राएं अत्यधिक महंगी होने से बच सकेंगी।
पश्चिम एशिया संकट का असर कम करने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा प्रभाव वैश्विक तेल बाजार पर पड़ता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल कीमतों में उछाल का असर विमानन, परिवहन और उद्योगों पर पड़ना स्वाभाविक है। कैबिनेट का यह फैसला इसी संभावित दबाव को कम करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार चाहती है कि वैश्विक संकट का असर भारतीय एयरलाइंस और यात्रियों पर न्यूनतम रहे।
दिल्ली-NCR में प्रदूषण कम करने के लिए 9,585 करोड़ रुपये की योजना
मोदी कैबिनेट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को भी मंजूरी दी है। इस दो वर्षीय योजना के तहत 9,585 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 5,041 करोड़ रुपये का योगदान दिया जाएगा, जबकि भागीदार राज्यों द्वारा टैक्स छूट के रूप में लगभग 1,601 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। यह योजना दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सरकारों के सहयोग से लागू की जाएगी।
पुराने वाहनों को हटाने पर मिलेगा प्रोत्साहन
योजना का प्रमुख उद्देश्य दिल्ली-NCR में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाना है। इसके तहत उन ट्रक और बस मालिकों को प्रोत्साहन दिया जाएगा जिनके वाहन BS-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों पर आधारित हैं।
सरकार चाहती है कि ऐसे वाहन मालिक अपने पुराने वाहनों को हटाकर BS-VI मानक वाले नए वाहन या इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदें। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में पुराने डीजल वाहन भी शामिल हैं। ऐसे में यह योजना वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
स्वच्छ परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
केंद्र सरकार का फोकस अब तेजी से स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नई योजना के तहत हजारों पुराने व्यावसायिक वाहनों को बदलने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि ईंधन की खपत और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और हाईवे परियोजनाओं को भी मंजूरी
कैबिनेट बैठक में परिवहन और कनेक्टिविटी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी मुहर लगाई गई। सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में सड़क और हाईवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य माल परिवहन को आसान बनाना, यात्रा समय कम करना और आर्थिक गतिविधियों को गति देना है। सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से उद्योग, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
क्या है सरकार का बड़ा संदेश?
मोदी कैबिनेट के इन फैसलों से साफ संकेत मिलता है कि सरकार एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रही है। एक ओर वह पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभाव को कम करने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी ओर प्रदूषण, स्वच्छ परिवहन और बुनियादी ढांचे जैसे घरेलू मुद्दों पर भी फोकस बनाए हुए है।
ATF कीमतों को स्थिर रखने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की सहायता और दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 9,585 करोड़ रुपये की योजना को कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में गिना जा रहा है। आने वाले दिनों में इन योजनाओं के लागू होने के बाद इनके वास्तविक प्रभाव पर सभी की नजरें रहेंगी।













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