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Iran Protest: क्या मौत के डर से झुक गया खामेनेई? ट्रंप का दावा- 'ईरान के नेताओं ने किया फोन'

Donald Trump Iran negotiation claim: ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों और अमेरिका की सैन्य धमकी के बीच पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। ईरानी शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अमेरिका ने सीधे सैन्य हस्तक्षेप की चेतावनी दी है, जिसके जवाब में तेहरान ने अमेरिकी सैन्य अड्डों और जहाजों को तबाह करने की धमकी दी है।

इस भीषण टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने खुद उन्हें समझौते के लिए फोन किया है। यह घटनाक्रम वैश्विक राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।

Donald Trump Iran negotiation claim

ट्रंप का दावा: समझौते की कोशिश

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबियों ने उनसे संपर्क साधा है। ट्रंप के अनुसार, ईरानी नेतृत्व अब बातचीत की मेज पर आने की इच्छा जता रहा है और एक उच्च स्तरीय बैठक की तैयारी चल रही है। हालांकि, यह दावा थोड़ा हैरान करने वाला है क्योंकि एक तरफ ईरान युद्ध की धमकी दे रहा है और दूसरी तरफ ट्रंप शांति वार्ता की बात कर रहे हैं। फिलहाल, ईरान ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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ईरान के स्पीकर ने ट्रंप को दी धमकी

ट्रंप की सैन्य कार्रवाई की धमकियों पर पलटवार करते हुए ईरान के स्पीकर ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने साफ लहजे में कहा है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर बमबारी करने की हिमाकत की, तो तेहरान चुप नहीं बैठेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस और युद्धपोतों को अपना निशाना बनाएगा। ईरान का मानना है कि अमेरिका उनके आंतरिक मामलों में दखल दे रहा है और किसी भी हमले की स्थिति में वे अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

Iran Protest 2026: हिंसा और प्रदर्शनों से दहला ईरान

पिछले कुछ हफ्तों से ईरान के कई बड़े शहरों में मौजूदा सरकार के खिलाफ जनसैलाब उमड़ पड़ा है। इन प्रदर्शनों में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, जिसके पीछे भगदड़ और सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी को मुख्य कारण माना जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी सरकार पर हिंसा के जरिए शासन करने का आरोप लगाया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियां ईरान के भीतर चल रही गतिविधियों पर बारीक नजर रखे हुए हैं, क्योंकि वहां की स्थिति हर बीतते घंटे के साथ और भी गंभीर होती जा रही है।

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अमेरिकी सैन्य विकल्प और भविष्य

डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि भले ही बातचीत की पेशकश की गई हो, लेकिन अमेरिका सैन्य कार्रवाई के विकल्प से पीछे नहीं हटा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर ईरान या उसके समर्थित समूहों ने अमेरिका के हितों को नुकसान पहुंचाया, तो वे सख्त कदम उठाने में संकोच नहीं करेंगे। पेंटागन वर्तमान में सभी रणनीतिक विकल्पों पर विचार कर रहा है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि यह संकट कूटनीतिक बातचीत के जरिए सुलझेगा या फिर दुनिया को एक नए युद्ध का गवाह बनना पड़ेगा।

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