Eid-ul-Azha: इस देश में बकरे की कुर्बानी के बिना ही मनानी पड़ी ईद, सैकड़ों साल पुरानी प्रथा टूटी
इंडोनेशिया में इस बार बकरीद का पर्व बिना कुर्बानी दिए ही मनाया जा रहा है। जानवरों के बीच फैले घातक संक्रमण ने ईद-उल-अजहा के दिन कुर्बानी देने की सदियों पुरानी परंपरा पर रोक लगा दिया है।
जकार्ता, 10 जुलाई: दुनिया में सबसे अधिक मुसलिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में इस बार बकरीद का पर्व बिना कुर्बानी दिए ही मनाया जा रहा है। जानवरों के बीच फैले घातक संक्रमण ने ईद-उल-अजहा के दिन कुर्बानी देने की सदियों पुरानी परंपरा पर रोक लगा दिया है। इसबार ईल-अल-अजहा के दिन रविवार को बड़ी संख्या में लोग कुर्बानी दिए बिना ही त्योहार मनाते नजर आए। ईद-उल-अजहा को 'कुर्बानी के पर्व' के रूप में जाना जाता है। इंडोनेशिया, भारत और पाकिस्तान समेत अधिकतर एशियाई देशों में रविवार को ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया जा रहा है।
तस्वीर-पीटीआई

जानवरों में फैली बीमारी
इंडोनेशिया में इस बार जानवरों के बीच फैले खुरपका (एफएमडी) नामक घातक संक्रमण के कारण अधिकतर लोग कुर्बानी की परंपरा का पालन नहीं कर पा रहे हैं। देश में बकरी, गाय और भेड़ों की बिक्री का कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। खुरपका बीमारी जानवरों के पैर औऱ मुंह की बीमारी है जो की एक तीव्र संक्रामक वायरल रोग है। यह कभी-कभी मनुष्यों में भी फैलता है।

बीमारी से बुरी तरह प्रभावित इंडोनेशिया
बीते 32 वर्षों से इंडोनेशिया जानवरों की इस बीमारी से मुक्त था लेकिन इस बार खुरपका रोग ने इंडोनेशिया को बुरी तरह प्रभावित किया है। यह रोग पूरे देश में बहुत तेजी से फैल रहा है। इस रोग से निपटने के लिए सरकार ने एक टास्क फोर्स का गठन बनाया है जिसका काम संक्रमित पशुओं को मारना है। अब तक 3000 से अधिक संक्रमित जानवरों को मारे जाने की खबर है।

सरकार उठा रही आवश्यक कदम
इस संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार की ओर से भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने सभी पशुपालकों और व्यापारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए चेतावनी दी है कि वे जो भी मवेशी बेचते हैं वे बीमारी मुक्त हों। इसके साथ ही तमाम बूचड़खानों तो एफएमडी के लक्षण दिखाने वाले सभी जानवरों को मारने और दफनाने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही अतिसंवेदनशील जानवरों का टीकाकरण करना शुरू किया गया है।

30 लाख टीका किया तैयार
आर्थिक मामलों के मंत्री एयरलंगा हार्टटो ने कहा कि सरकार ने एफएमडी टीकों की लगभग 30 लाख खुराकें तैयार की हैं। रविवार तक 4 लाख से अधिक जानवरों का टीकाकऱण हो चुका है। जानकारी के मुताबिक रविवार तक इंडोनेशिया के सबसे अधिक आबादी वाले द्वीपों जावा और सुमात्रा के 21 प्रातों में 336,000 से अधिक जानवर संक्रमित हो चुके हैं।

बीमारी से ईद का उल्लास फीका पड़ा
राष्ट्रीय एफएमडी टास्क फोर्स के मुताबिक अब तक कम से कम 2 हजार जानवरों की इस घातक बीमारी से मौत हो चुकी है। हालांकि इस बीमारी मनुष्यों को उतना अधिक खतरा नहीं है फिर भी लोग बकरा खाने से डर रहे हैं। ऐसे में इस बीमारी ने ईद के त्यौहार के उत्साह को थोड़ा फीका कर दिया है।












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