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Jakarta Fire Reason: कैसे जलती भट्टी बना जकार्ता का कार्यालय भवन? तड़प-तड़पकर जिंदा जले 20 लोगों में कौन-कौन?

Indonesia Jakarta Office Fire Reason: इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में मंगलवार (9 दिसंबर 2025) दोपहर एक सात मंजिला कार्यालय भवन में लगी भयानक आग ने पूरे इलाके को दहला दिया। आग की लपटों ने इमारत को चंद मिनटों में जलती भट्टी में तब्दील कर दिया, जिसमें कम से कम 20 लोग तड़प-तड़पकर जिंदा जल गए। इनमें 5 पुरुष और 15 महिलाएं शामिल हैं, और सबसे दिल दहला देने वाली बात, मृतकों में एक गर्भवती महिला भी है।

एसोसिएटेड प्रेस (AP) और रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य जकार्ता के केमायोरन इलाके में स्थित इस भवन में धुएं का घना काला बादल छा गया, जिससे आसपास के निवासी और दफ्तरी कर्मचारी दहशत में सड़कों पर भागे। आग बुझाने के लिए 28 दमकल गाड़ियां और 101 फायरफाइटर्स की टीमें लगी रहीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आइए, इस खौफनाक हादसे के हर पहलू-कारण से लेकर रेस्क्यू तक, को विस्तार से समझते हैं...

Jakarta fire reason

Jakarta Fire Tragedy Reason: पहली मंजिल पर बैटरी ब्लास्ट, धुआं ऊपरी मंजिलों पर बना मौत का जाल

जकार्ता मेट्रो पुलिस के सीनियर कमांडर सुसात्यो पुर्नोमो कोंड्रो ने AFP को बताया कि आग दोपहर करीब 12 बजे पहली मंजिल पर लगी। 'पहली मंजिल पर एक बैटरी रखी थी, जो अचानक फट गई। कर्मचारियों ने शुरुआत में इसे बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैल गई। ये मंजिल गोदाम जैसी थी, जहां कई बैटरियां और इलेक्ट्रॉनिक सामान स्टोर थे।' कोंड्रो के मुताबिक, ब्लास्ट के बाद चिंगारियां ऊपरी मंजिलों पर उछलीं, और घना धुआं छठी मंजिल तक पहुंच गया।

भवन में टेरा ड्रोन इंडोनेशिया नाम की कंपनी का ऑफिस था, जो खनन, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए हवाई सर्वेक्षण ड्रोन सर्विसेज देती है। जापान की टेरा ड्रोन कॉर्पोरेशन से फंडिंग वाली ये कंपनी बैटरी-आधारित ड्रोन टेक्नोलॉजी पर काम करती है, जिसकी वजह से गोदाम में लिथियम-आयन बैटरियां स्टोर थीं। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि शॉर्ट सर्किट या ओवरहीटिंग से ब्लास्ट हुआ, जो ड्रोन बैटरी चार्जिंग के दौरान आम समस्या है। जकार्ता डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी (BPBD) के हेड इस्नावा अदजी ने टेम्पो न्यूज को कहा, 'कारणों की जांच चल रही है। अभी नुकसान का आकलन भी बाकी है।' लेकिन साफ है- फायर सेफ्टी की कमी ने हादसे को भयावह बना दिया। कोई स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं, सीमित एग्जिट पॉइंट्स, और ऊपरी मंजिलों पर धुएं से सांस लेना मुश्किल हो गया।

Jakarta Office Fire Death People List: मरने वाले 20 लोगों में कौन-कौन?

कोंड्रो ने पुष्टि की कि मृतक 20 हैं- 5 पुरुष और 15 महिलाएं। इनमें एक गर्भवती महिला का होना सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाला है। 'कई लोग लंच ब्रेक पर थे, कुछ बाहर चले गए थे, लेकिन जो अंदर फंसे, वे धुएं से घुटन महसूस करने लगे। तड़प-तड़पकर जिंदा जल गए।' प्रत्यक्षदर्शियों ने कोम्पास टीवी को बताया कि आग लगते ही चीखें गूंजने लगीं। वीडियोज में ऊपरी मंजिलों से लोग खिड़कियों से झांकते दिखे, लेकिन धुएं ने रास्ता ब्लॉक कर दिया।

रेस्क्यू ऑपरेशन में फायरफाइटर्स ने बॉडी बैग्स में शव निकाले। सभी मृतकों को पहचान के लिए पूर्वी जकार्ता के क्रमात जाति पुलिस हॉस्पिटल ले जाया गया। अभी भी कुछ लोग फंसे होने की आशंका है, इसलिए सर्च जारी है। घायलों की संख्या 10 से ज्यादा बताई जा रही है, जिनका इलाज चल रहा है। आसपास के मोहल्ले में दहशत फैल गई-लोग घरों से बाहर भागे, और ट्रैफिक जाम हो गया। ये हादसा हॉन्गकॉन्ग के हालिया अग्निकांड (Hong Kong Fire) में 160 मौतें के बाद आया है, जो हाई-राइज बिल्डिंग्स की सेफ्टी पर सवाल खड़े कर रहा है।

Jakarta Office Fire Rescue: 28 दमकल गाड़ियां लगीं, लेकिन देरी ने बढ़ाई तबाही

कोम्पास टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, आग बुझाने के लिए 28 फायर ट्रक्स और 101 कर्मचारी तैनात किए गए। लेकिन इमारत की संरचना-बांस और लकड़ी से बनी छतें-ने आग को तेज फैलने दिया। फायरफाइटर्स ने ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए लैडर्स यूज कीं, लेकिन धुआं विजिबिलिटी कम कर रहा था। दोपहर 3 बजे तक आग कंट्रोल में आ गई, लेकिन कूलिंग प्रोसेस जारी है। BPBD ने कहा, 'हम हर कोने की तलाशी ले रहे हैं।' स्थानीय प्रशासन ने इलाके को सील कर दिया है, और जांच टीम फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ मौके पर है।

Why Building Become Death Stranding: क्यों बनी मौत की गिरफ्त में ये इमारत? विशेषज्ञों की चेतावनी

जकार्ता जैसे डेंसली पॉपुलेटेड शहर में हाई-राइज बिल्डिंग्स की फायर सेफ्टी अक्सर नजरअंदाज हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बैटरी स्टोरेज वाले ऑफिसेज में फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर्स और इमरजेंसी एग्जिट्स अनिवार्य होने चाहिए। इंडोनेशिया में पिछले साल 50 से ज्यादा ऐसी घटनाएं हुईं, लेकिन रेगुलेशंस ढीले हैं। अदजी ने कहा, 'ये हादसा हमें सेफ्टी प्रोटोकॉल्स स्ट्रिक्ट करने का सबक देता है।' टेरा ड्रोन इंडोनेशिया ने स्टेटमेंट जारी कर शोक जताया है, लेकिन कंपनी पर सवाल उठ रहे हैं-क्या गोदाम सेफ्टी चेक हुई थी?

आगे की चुनौतियां: जांच जारी, परिवारों को न्याय की उम्मीद

पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है, और फॉरेंसिक टीम बैटरी ब्लास्ट के सैंपल टेस्ट कर रही है। सरकार ने मृतकों के परिवारों को सहायता का ऐलान किया है। लेकिन सवाल बाकी हैं-क्या ये लापरवाही का नतीजा था? जकार्ता के मेयर ने मीटिंग बुलाई है, जहां सेफ्टी ऑडिट का प्लान बनेगा। पीड़ितों के परिवार सदमे में हैं-एक मां ने कहा, 'मेरी बेटी लंच पर थी... बस 10 मिनट की देरी ने सब छीन लिया।'

ये हादसा हमें याद दिलाता है कि आधुनिक बिल्डिंग्स में सेफ्टी कोई ऑप्शन नहीं, जरूरत है। इंडोनेशिया के भाइयों-बहनों के प्रति हार्दिक संवेदना। अपडेट्स के लिए बने रहें। क्या आपको लगता है भारत में भी सेफ्टी चेक स्ट्रिक्ट होने चाहिए? कमेंट्स में बताएं।

ये भी पढ़ें- Goa Night Club Fire Tragedy: मृतकों को ₹2 लाख-घायलों को ₹50 हजार, सरकार ने जारी किए ये हेल्पलाइन नंबर

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