• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

मछुआरों ने खोजा 'सोने का द्वीप', लापता सुमात्रा से मिला अरबों का खजाना और श्रीविजया साम्राज्य की कहानी

|
Google Oneindia News

जकार्ता, अक्टूबर 25: इंडोनेशिया के बारे में कई बार दावा किया जाता रहा है कि, इस देश में दुर्लभ खजाने छिपे हुए हो सकते हैं और आखिरकार इंडोनेशिया में 'सोने के द्वीप' की खोज कर ली गई है। इंडोनेशिया के सुमात्रा में सोने के द्वीप के बारे में आखिरकार पता चल गया है और इस द्वीप का पता मछुआरों ने लगाया है। पिछले पांच सालों से पालेमबांग के पास मुसी नदी की खोज मछुआरे कर रहे थे, जिसमें भारी संख्या में मगरमच्छ रहते हैं।

Indonesia: मछुआरों को मिला 'Island of Gold', जानिए- श्रीविजया साम्राज्य की कहानी | वनइंडिया हिंदी
सोने के द्वीप की खोज

सोने के द्वीप की खोज

पिछले पांच सालों से मगरमच्छों से भरे मुसी नदी में उस वक्त मछुआरे चौंक गये, जब उनकी आंखों के सामने एक चौंका देने वाला खजाना निकल आया, जिसमें रत्न, सोने की अंगूठियां, सिक्के और कांस्य भिक्षुओं की घंटियां शामिल हैं। अब तक की सबसे अविश्वसनीय खोजों में से एक 8वीं शताब्दी की एक गहना से सजी बुद्ध की आदमकद प्रतिमा भी मिली है, जिसकी कीमत लाखों पाउंड है। ये कलाकृतियां श्रीविजय सभ्यता के समय की हैं, यानि 7 वीं और 13 वीं शताब्दी के बीच एक शक्तिशाली साम्राज्य के समय की, जो एक सदी बाद रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। इस साम्राज्य का भारत से काफी करीबी रिश्ता रहता है। आईये जानते हैं इस खोज और इस महान साम्राज्य के बारे में...

श्रीविजया साम्राज्य के समय का खजाना

श्रीविजया साम्राज्य के समय का खजाना

एक ब्रिटिश समुद्री पुरातत्वविद् डॉ सीन किंग्सले ने मेलऑनलाइन को बताया कि, 'खोजकर्ताओं ने महान श्रीविजया साम्राज्य के वक्त की खजाने की खोज की है। इसकी खोज के लिए पिछले कई सालों से लगातार काम किया जा रहा था और थाईलैंड से भारत तक लगातार खोज की जा रही थी, जो अब इंडोनेशिया में मिली है।' विशेषज्ञों ने कहा कि, ये कलाकृतियां श्रीविजया साम्राज्य के वक्त की सभ्यता के ही हैं, जिसने 7वीं शताब्दी से लेकर 13वीं शताब्दी तक शासन किया था। इतिहासकारों ने कहा कि, ये साम्राज्य काफी ज्यादा शक्तिशाली हुआ करता था, लेकिन एक सदी के बाद इस साम्राज्य का अचानक पतन हो गया था और फिर ये गायब ही हो गया था।

छुपाकर रखा रहस्य

छुपाकर रखा रहस्य

ब्रिटिश समुद्री पुरातत्वविद् डॉ सीन किंग्सले ने कहा कि, श्रीविजया साम्राज्य के बारे में सबसे खास बात ये रही कि इस साम्राज्य ने अपने रहस्यों को पूरी तरह से छिपाकर रखा हुआ था। उन्होंने कहा कि, इस साम्राज्य की राजधानी में 20 हजार से ज्यादा सैनिक रहते थे, वहीं भारी तादाद में बौद्धभिक्षु भी इस राज्य में निवाश करते थे। इस सभ्यता की खोज के लिए अलग अलग टीमों ने थाइलैंड से लेकर भारत तक मुहिम चलाई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि, ये साम्राज्य धरती का आखिरी साम्राज्य था और फिर ये अचानक गायब हो गया। उन्होंने कहा कि, पिछले पांच सालों में असाधारण चीजें सामने आ रही हैं। सभी काल के सिक्के, सोने और बौद्ध मूर्तियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि, कई तरह के बहुमूल्य रत्न मिले हैं, जिसके बारे में नाविक सिनाबाद में लिखा गया है और अब आप कह सकते हैं, कि ये पूरी तरह से वास्तविक है।

सुमात्रा को कहा जाता था 'सोने का द्वीप'

सुमात्रा को कहा जाता था 'सोने का द्वीप'

सुमात्रा को प्राचीन काल में सोने के द्वीप के रूप में संदर्भित किया गया था, क्योंकि यह सोने के भंडार और प्राकृतिक संसाधनों में काफी ज्यादा समृद्ध था। इसके साथ ही यह दक्षिण पूर्व एशिया में व्यापार के लिए आगमन का प्रारंभिक बिंदु था। उन्होंने कहा कि, छठी और सातवीं शताब्दी में एशियाई समुद्री व्यापार में लगातार वृद्धि हुई, जिसकी वजह से एक विशाल चीनी बाजार खुल गया। उस वक्त बुद्ध से संबंधित सामानों की काफी ज्यादा मांग चीन में बढ़ गई और उन सामानों की सप्लाई इंडोनेशिया से की जाती थी। डॉ किंग्सले ने कहा कि, 'सोने और गहनों, अनमोल रत्नों की आश्चर्यजनक खोज के अलावा, नदी के किनारे कई टन चीनी सिक्के मिले हैं। वहीं, चीन में बने चीनी मिट्टी के सामान भी खोजे गये हैं।

अद्भुत साम्राज्य था सुमात्रा

अद्भुत साम्राज्य था सुमात्रा

ब्रिटिश पुरातत्वविद ने कहा कि, श्रीविजया साम्राज्य में सामानों का आयात भारत और फारस से किया जाता था और ये साम्राज्य काफी ज्यादा अद्भुत था। उन्होंने कहा कि, ''बर्तन और उस समय के मिले धूपदान बताते हैं कि उस वक्त के लिए कितने कलाओं से परिपूर्ण रहे होंगे। भारत, फारस और चीन के बड़े भट्ठों से उस समय के बेहतरीन टेबल वेयर का सामान आयात किया जाता था।' उन्होंने कहा कि, श्रीविजया काल में कांसे से मंदिरों का निर्माण किया जाता था और उसके शुद्ध अंदर सोने के बनाए बुद्ध की प्रतिमाओं को स्थापित किया जाता था। इसके अलावा मंदिर के दरवाजे पर राहू के सिर लगाया जाता था और इंद्र के वज्र की स्थापना की जाती थी, जिसके अवशेष नदी के अंदर से मिले हैं। इसके अलावा भी पानी के अंदर से तलवारों में लगाई जाने वाली सोने की मूठ, सैकड़ों सोने की अंगुठियां और अद्भुत सोने के हार भी पानी के अंदर से मिले हैं।

पानी पर बसा था सुमात्रा साम्राज्य

पानी पर बसा था सुमात्रा साम्राज्य

पुरातत्वविद डॉक्टर सीन ने बताया कि, यह अद्भुत श्रीविजया साम्राज्य पानी पर रहता था और नदी ही साम्राज्य का घर थी। डॉक्टर सीन का मानना है कि, जब 14वीं शताब्दी में इस सभ्यता का अंत हुआ तो उनके 'लकड़ी के घर, महल और मंदिर सभी अथाह पानी में डूब गए'। उन्होंने कहा कि, जब श्रीविजया साम्राज्य का प्रभुत्व था, तो उनका नियंत्रण समुद्री सिल्क रोड पर हुआ करता था और वो दुनिया के बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्ग को नियंत्रित करते थे। उन्होंने कहा कि, करीब 300 सालों तक समुद्री सिल्क रोड पर श्रीविजया साम्राज्य का नियंत्रण रहा और इसी वजह से यह साम्राज्य काफी ज्यादा धनवान हो गया था। उन्होंने कहा कि, उस वक्त श्रीविजया साम्राज्य दुनिया के सबसे महान साम्राज्यों में से एक था, हालांकि, उसकी जनसंख्या कितनी थी, इसका पता अभी तक नहीं लग पाया है।

कैसे हुआ श्रीवजया साम्राज्य का अंत?

कैसे हुआ श्रीवजया साम्राज्य का अंत?

एक और इतिहासकार क्रॉनिकलर्स ने लिखा है कि, श्रीविजया साम्राज्य कहां तक फैला था और उसके पास कितने द्वीप थे और उसकी सीमाएं कहां खत्म होती थीं, उसके बारे में कोई नहीं जानता था। उन्होंने कहा कि, एक रिसर्च से ये अनुमान लगाया गया है कि, श्रीविजया साम्राज्य की राजधानी में करीब 20 हजार सैनिक, एक हजार बौद्धभिक्षु और करीब 800 साहूकार रहते थे और इससे अनुमान लगता है कि जनसंख्या भी प्रभावशाली रही होगी। वहीं, पुरातत्वविद डॉक्टर सीन कहते हैं कि, इस साम्राज्य के अंत को लेकर कोई सटीक तथ्य नहीं मिले हैं, लेकिन एक अनुमान ये है कि, हो सकता है ज्वालामुखी विस्फोट की वजह से सुमात्रा के श्रीविजया साम्राज्य का अंत हो गया हो। या फिर नदी में आई भीषण बाढ़ की वजह से इस साम्राज्य का पतन हो गया हो।

चीनी वैज्ञानिकों से भी ज्यादा खतरनाक निकले अमेरिकी वैज्ञानिक, कुत्तों के साथ 'जानवरों' जैसी रिसर्चचीनी वैज्ञानिकों से भी ज्यादा खतरनाक निकले अमेरिकी वैज्ञानिक, कुत्तों के साथ 'जानवरों' जैसी रिसर्च

Comments
English summary
Fishermen in Indonesia have discovered the great Srivijaya kingdom and Sumatra, from where treasures worth billions of rupees have been found.
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X