भूकंप के भीषण झटकों से कांपा इंडोनेशिया, सुनामी की चेतावनी के बाद दहशत में लोग
इंडोनेशिया में आए भूकंप को रिक्टर स्केल पर 7.7 मापा गया है, वहीं भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है।
जकार्ता, दिसंबर 12: इंडोनेशिया के फ्लोरेस सी इलाके में रिक्टर पैमाने पर 7.7 तीव्रता का भूकंप आया है। फ्लोरेस द्वीप के पास शक्तिशाली भूकंप के बाद इंडोनेशिया ने सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। भूकंप के बाद पूरे द्वीप पर सनसनी फैली हुई है और भारी जानमाल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

इंडोनेशिया में भूकंप
जीएफजेड जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) ने कहा कि इस साल मई में शुक्रवार को इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के उत्तर पश्चिमी तट पर 6.6 तीव्रता का भूकंप आया था। पिछली बार 2004 में इंडोनेशिया में भूकंप के कारण सुनामी आई थी। 26 दिसंबर, 2004 को, उत्तर-पश्चिम सुमात्रा के तट पर 9.1 तीव्रता के भूकंप के कारण सुनामी आई थी, जिसमें इंडोनेशिया, श्रीलंका, भारत, थाईलैंड और नौ में 230,000 से अधिक लोग मारे गए थे।

इंडोनेशिया में आते रहते हैं भूकंप
वैसे तो इंडोनेशिया की प्राकृतिक सुंदरता लोगों को हमेशा मोहित करती रहती है, लेकिन इंडोनेशिया प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां अकसर भूकंप और सुनामी अपना कहर बरपाते रहते हैं। भूकंप और सुनामी की वजह से पिछले 20 सालों में इंडोनेशिया में 2.50 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इंडोनेशिया के मेट्रोलॉजी हेड डायरनो के मुताबिक, सुलावेसी द्वीप पर अधिकारियों को परीक्षण के लिए भेजा गया है। लेकिन वो ये भी बताते हैं, कि सुलावेसी द्वीप भूकंप और सुनामी के लिहाज से बहुत सेंसेटिव द्वीप है। अब सुलावेसी में भेजे गये अधिकारी पृथ्वी के एपीसेंटर से निकलने वाली सेजमिक लहरों का अध्ययन करने की कोशिश करेंगे।
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पहले भी भूकंप मचा चुका है कोहराम
आपको बता दें, कि इससे पहले इंडोनेशिया में 2004 और 2018 में भी तेज भूकंप आया था। 2018 में आये भीषण भूकंप में करीब 4300 लोगों की मौत हो गई थी। 2018 में आये भूकंप को रिक्टल स्केल पर 7.5 मापा गया था। वहीं, 2004 में इंडोनेशिया ने भूकंप का सबसे बड़ा दर्द झेला था। 2004 में इंडोनेशिया की धरती काफी देर तक भूकंप के तेज झटकों से कांपती रही। 2004 में आये उस भीषण भूकंप में करीब सवा दो लाख लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, लाखों लोग गंभीर घायल भी हुए थे। उस भूकंप का खौफ आज तक लोग भूल नहीं पाएं हैं। 2004 में भूकंप की तीव्रता 9.1 मापी गई थी। वहीं, इस बार भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई है।












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