खटाई में पड़ गई जापान के साथ बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट? मुंबई-अहमदाबाद रूट के लिए नये विकल्पों की तलाश क्यों?
Bullet Train Project: क्या जापान के साथ भारत की बुलेट ट्रेन परियोजना मुश्किल में है?
एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोजेक्ट में बार-बार हो रही देरी की वजह से केंद्र सरकार, जापान के अलावा अन्य विकल्प पर विचार कर रही है। भारत ने घोषणा की थी, कि देश की पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलेगी - जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंदीदा परियोजना है।

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) द्वारा संचालित इस परियोजना की लागत लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये है।
रिपोर्ट में कहा गया है, कि ट्रेन अधिकतम 350 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलेगी और 508 किलोमीटर की दूरी तीन घंटे से कम समय में तय करेगी। भारत और जापान ने 2015 में बुलेट ट्रेन डील पर हस्ताक्षर किए थे।
लेकिन कहा गया है, कि ये प्रोजेक्ट फंस गया है। आखिर क्या पेंच फंसा है, आइये समझते हैं।
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार 2026 में इस सेवा को शुरू करना चाहती है। यह गुजरात में चुनाव से एक साल पहले की बात है। लेकिन, जापान इस समयसीमा को लेकर कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं जता पाया है।
इस मामले से जुड़े तीन लोगों ने नाम न बताने की शर्त पर अखबार को बताया है, कि नई दिल्ली अब यूरोप में वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रही है।

एक व्यक्ति ने अखबार को बताया है, "बुलेट ट्रेन परियोजना के विभिन्न कंपोनेन्ट्स के लिए ग्लोबल टेंडर तैयार करने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा सितंबर के मध्य में एक आंतरिक निर्देश जारी किया गया था, लेकिन टेंडर जारी करने पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि जापान में सरकार बदल गई है और नई सरकार को जवाब देने के लिए समय दिया जा रहा है।"
वहीं, द हिंदू के मुताबिक, यह घटनाक्रम केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा परियोजना से जुड़े कई मुद्दों को सुलझाने के लिए जापान की यात्रा के कुछ ही महीनों बाद हुआ है। वैष्णव के साथ NHSRCL के प्रबंध निदेशक विवेक कुमार गुप्ता और रेलवे बोर्ड के सदस्य (इंफ्रास्ट्रक्चर) अनिल कुमार खंडेलवाल भी थे। तीन दिवसीय यात्रा के दौरान जिन मुद्दों पर चर्चा हुई, उनमें जापान द्वारा इस बात पर जोर देना भी शामिल था, कि ट्रेनों और सिग्नलिंग सिस्टम के लिए सिर्फ जापानी विक्रेताओं का ही उपयोग किया जाए।
सूत्रों ने द हिंदू को बताया है, कि "जापान, जो बुलेट ट्रेन चलाने के लिए सभी तकनीकी सहायता और टेक्नोलॉजी प्रदान कर रहा है, वह चाहता है, कि ट्रेन सेट और सिग्नलिंग सिस्टम सिर्फ जापानी आपूर्तिकर्ताओं से ही खरीदे जाएं।" परियोजना की कीमत और इसे पूरा करने में लगने वाले समय पर भी चर्चा की गई है।
विशेष रूप से, पहला मुद्दा एक बड़ा मुद्दा बन रहा है। NHSRCL ने कहा है, कि उसने परियोजना पर पहले ही 60,372 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं - जबकि आवंटित बजट 1.08 लाख करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने कहा, कि "इस लागत का ज्यादातर हिस्सा बुलेट ट्रेन के लिए बुनियादी ढांचा बनाने में खर्च किया गया है, जैसे कि वायडक्ट का निर्माण, गर्डर कास्टिंग और लॉन्चिंग, रेल लेवल स्लैब बिछाना शामिल हैं। इससे ट्रेन सेट खरीदने और सिग्नलिंग सिस्टम स्थापित करने पर खर्च करने के लिए मार्जिन बहुत कम रह जाता है।"
इसका मतलब है, कि प्रोजेक्ट की लागत काफी ज्यादा बढ़ने की संभावना बन गई है।
लेकिन बीच में आपूर्तिकर्ता बदलना आसान नहीं होगा।

दूसरे व्यक्ति ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, कि "प्रोजेक्ट के लिए (नया) ग्लोबल टेंडर जारी करना जापान को दरकिनार करने के रूप में समझा जा सकता है और इससे द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ सकता है। इसलिए, सरकार का एक वर्ग, टोक्यो को इस बात के लिए राजी करना चाहता है, कि वह परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए यूरोप से कुछ घटक मंगाने पर सहमत हो जाए।"
उस व्यक्ति ने कहा, कि "उनकी (जापान की) सहमति भी जरूरी है, क्योंकि वे रियायती दर पर दीर्घकालिक ऋण के माध्यम से परियोजना को फंड दे रहे हैं।"

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को समझिए
फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक, इस परियोजना के शुरू में 2022 में ही पूरा होने की उम्मीद थी।
लेकिन, इस परियोजना में बार-बार देरी हुई है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, वैष्णव ने फरवरी में कहा था कि परियोजना का पहला चरण - जो सूरत को बिलिमोरा से जोड़ता है - अगस्त 2026 में चालू हो जाएगा।
वैष्णव ने कहा, कि गुजरात में 284 किलोमीटर लंबा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर वायडक्ट तैयार है, उन्होंने काम में देरी के लिए उद्धव ठाकरे की पिछली महा विकास अघाड़ी सरकार को दोषी ठहराया।
द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, भारत की पहली बुलेट ट्रेन को शिंकानसेन E5 के नाम से जाना जाएगा।
जापानी बुलेट ट्रेन, जिसे शिंकानसेन के नाम से जाना जाता है, वो अपनी स्पीड के लिए प्रसिद्ध है। इस ट्रेन की अधिकतम गति 350 किमी प्रति घंटा है। बुलेट ट्रेन एक ही रास्ते पर दो यात्रा विकल्प प्रदान करेगी - एक सभी स्टॉप के साथ और दूसरा सीमित स्टॉप के साथ।
508 किलोमीटर की इस रेल लाइन में से 351 किलोमीटर गुजरात में और बाकी महाराष्ट्र में है।
12 स्टेशनों में से चार महाराष्ट्र में हैं - बीकेसी, ठाणे, विरार और बोईसर।
भारत में फिलहाल 35 बुलेट ट्रेनें चलाने की योजना है, जिनमें से प्रत्येक में 10 कोच होंगे, जो प्रतिदिन 70 चक्कर लगाएंगी। बुलेट ट्रेन में बैलास्टलेस ट्रैक का इस्तेमाल किया गया है, जो भारत में पहली बार है।
जबकि पारंपरिक या बैलास्ट ट्रैक में स्लीपर पर कुचले हुए पत्थरों से टिकी रेल शामिल होती है, बैलास्टलेस ट्रैक के मामले में बिस्तर प्रबलित कंक्रीट (आरसी) से बना होता है।
ट्रैक स्लैब आरसी ट्रैक बेड पर टिका हुआ है, जिसकी मोटाई लगभग 300 मिमी है और चौड़ाई 2420 मिमी है। इसे अलग-अलग अप और डाउन ट्रैक लाइनों के लिए इन-सीटू (साइट पर) बनाया गया है। 320 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रेन संचालन के लिए उपयुक्त वांछित संरेखण (क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों) प्राप्त करने के लिए एक संदर्भ पिन स्थापित किया गया है।
शेयरधारिता पैटर्न के मुताबिक, केंद्र को NHSRCL को 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना है, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र को 5,000-5,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। बाकी की राशि का फंड जापान द्वारा 0.1 प्रतिशत ब्याज पर ऋण के माध्यम से किया जाना है।
-
Alka Yagnik Caste: क्या है सिंगर अलका याग्निक की जाति? खतरनाक बीमारी से जूझ रहीं गायिका मानती हैं कौन-सा धर्म? -
Rakesh Bedi Caste: धुरंधर में पाकिस्तान को उल्लू बनाने वाले 'Jameel' किस जाति से? ठगी का शिकार हुई पत्नी कौन? -
'इंटीमेट सीन के दौरान उसने पार की थीं सारी हदें', Monalisa का बड़ा बयान, सेट पर मचा था ऐसा हड़कंप -
IAS Tina Dabi Transfer: दो लव मैरिज-एक से तलाक, विवादों में घिरीं UPSC टॉपर टीना डाबी का कहां-क्यों ट्रांसफर? -
RBSE Topper: रिजल्ट से 10 दिन पहले थम गईं निकिता की सांसें, 12वीं की मार्कशीट में चमकता रह गया 93.88% -
LPG Price Today: युद्ध के बीच जनता पर फूटा महंगाई बम, सिलेंडर के दाम बढ़े, आपके शहर में कहां पहुंचा रेट? -
Leander Paes: तीन अभिनेत्रियों संग रहा लिवइन रिलेशन, बिना शादी के बने पिता, घरेलू हिंसा का लगा था आरोप -
Vaibhav Suryavanshi के पास सात समंदर पार से आया ऑफर! टैलेंट पर फिदा हुआ ये देश, कहा- हमारे लिए खेलो -
'16 की उम्र में क्लब के बाहर 20 रु. में खुद की CD बेची', Dhurandhar के इस बड़े स्टार का सच, यूं बदली किस्मत -
PBKS vs GT: अर्शदीप का खौफनाक ओवर, 11 गेंदों में लुटाए रन, बनाया IPL का सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड -
New Rules from 1 April 2026: 'LPG के दाम से लेकर ATM के चार्ज तक', आज से बदल गए ये 7 बड़े नियम -
LPG Price Today: कुकिंग गैस की दरें ऊंचे स्तर पर, आपके शहर में आज कहां पहुंचा रेट?












Click it and Unblock the Notifications