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'मैं जल्दी नहीं मरना चाहता...' ,यूक्रेन में गोली से घायल भारतीय छात्र ने कहा- दूतावास से कोई जवाब नहीं मिल रहा

'मैं जल्दी नहीं मरना चाहता...' ,यूक्रेन में गोली से घायल भारतीय छात्र ने कहा- दूतावास से कोई जवाब नहीं मिल रहा

कीव, 04 मार्च: रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। ऐसे में भारत की सरकार रूस की सैन्य कार्रवाई से बुरी तरह प्रभावित यूक्रेन में फंस गए भारतीयों को वापस लाने के लिए ''ऑपरेशन गंगा'' चला रही है। ऑपरेशन गंगा के तहत युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे 17,000 भारतीयों को अभी तक वहां से निकाल चुकी है। यूक्रेन में हरजोत नाम के एक भारतीय छात्र को कथित तौर पर गोली लगी है, जिसके बाद वह घायल हो गया है और उसका इलाज यूक्रेन में चल रहा है। रूस के साथ युद्ध के बीच यूक्रेन की राजधानी कीव में हरजोत को गोली मार दी गई थी और अब एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। हरजोत ने कहा है कि उसे वहां भारतीय दूतावास से 'कोई उचित प्रतिक्रिया नहीं' मिल रही है और ना ही वक्त पर जवाब मिल रहा है।

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     'मैं टैक्सी में था, बेहोश हो गया था, होश आया तो अस्पताल में था'

    'मैं टैक्सी में था, बेहोश हो गया था, होश आया तो अस्पताल में था'

    भारतीय छात्र हरजोत ने घटना वाले दिन को याद करते हुए कहा, ''मैं दो अन्य लोगों के साथ टैक्सी में यात्रा कर रहा था, लेकिन थोड़ी देर बाद, मैं बेहोश हो गया। जब मुझे होश आया तो मैं एक अस्पताल में था। मैंने जब अस्पताल के लोगों से जानने की कोशिश की कि मुझे क्या हुआ है तो डॉक्टरों ने बताया कि मुझे कई गोलियां लगी हैं।'' हरजोत का कहना है कि उसे घटना वाले दिन के बारे में कुछ भी साफ-साफ याद नहीं है। गोली लगने के बाद क्या हुआ और कैसे वह अस्पताल पहुंचा, इस बारे में उसे कुछ भी याद नहीं है।

    'प्लीज मुझे यहां से जिंदा निकालिए...'

    'प्लीज मुझे यहां से जिंदा निकालिए...'

    इंडिया टुडे से बात करते हुए हरजोत ने कहा, "कृपया मुझे यहां से जिंदा निकाल दें। मुझे लगा कि मैं मर जाऊंगा लेकिन मैं इतनी जल्दी मरना नहीं चाहता था। मैं अपना जीवन अपने परिवार के साथ बिताना चाहता हूं। मैं आज अपनी मां की दुआओं के कारण आज जिंदा हूं।''

    दिल्ली के छतरपुर का रहने वाला है हरजोत

    दिल्ली के छतरपुर का रहने वाला है हरजोत

    हरजोत दिल्ली के छतरपुर इलाके का रहने वाला है और आगे की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गया था। उनका वहां के भारतीय दूतावास से 20 मिनट की दूरी पर कीव क्लीनिकल अस्पताल में इलाज चल रहा है। यूक्रेन में युद्ध के पहले भारतीय हताहत में, कर्नाटक के हावेरी जिले के एक मेडिकल छात्र की पूर्वी यूक्रेन के खार्किव शहर में भारी गोलाबारी के बीच मौत हो गई। पीड़ित नवीन शेखरप्पा ज्ञानगौदर, खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में चौथे वर्ष का मेडिकल छात्र था।

    'केंद्र सरकार पीआर एजेंसी बनी हुई है...'

    'केंद्र सरकार पीआर एजेंसी बनी हुई है...'

    कांग्रेस ने यूक्रेन में एक और भारतीय छात्र के कथित तौर पर गोली लगने से घायल होने की घटना को लेकर शुक्रवार (04 मार्च) को केंद्र की नरेंद्र मोदगी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन में भारतीय छात्र खतरे में हैं लेकिन केंद्र सरकार पीआर एजेंसी बनी हुई है।

    कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ''एक और भारतीय छात्र को गोली लगी है। यूक्रेन-रूस युद्ध में बच्चों पर हर पल खतरा है। मगर मोदी सरकार सिर्फ पीआर एजेंसी बनी हुई है। जो हजारों बच्चे यूक्रेन के अंदर भारी हमलों के बीच से निकल नहीं पा रहे उन्हें कब निकालेंगे? चार मंत्रियों को क्या सिर्फ ताली बजाने के लिए भेजा है?''

    'मोदी सरकार के मंत्री जी की बेशर्मी देखिए...'

    'मोदी सरकार के मंत्री जी की बेशर्मी देखिए...'

    रणदीप सुरजेवाला ने नागर विमानन राज्य मंत्री वीके सिंह के एक बयान को लेकर उन पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ''मोदी सरकार के मंत्री जी की बेशर्मी देखिए, खार्किव के अंदर हमारे एक दो बच्चों का नुकसान भी हुआ है, आज कीव के अंदर जो बच्चा आ रहा था उसे भी गोली लगी है...ये लड़ाई के अंदर तो होगा...।'' मोदी जी, क्या भारत लड़ाई का हिस्सा है? फिर हमारे बच्चों की जान क्यों नहीं बचा रहे?''

    'ये देश के मंत्री हैं या ट्रैवल एजेंट?...'

    'ये देश के मंत्री हैं या ट्रैवल एजेंट?...'

    रणदीप सुरजेवाला ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ''बमों/मिसाइलों के हमलों में 9 दिनों से फंसे बच्चों को मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं, अल्टीमेटम था तो पहले क्यों नहीं निकले, थोड़ा लम्बा रास्ता तय करके आ जाइए, जब आब सारे खतरों से बचकर आ जाएंगे, तो हम आपको रिसीव कर लेंगे...। ये देश के मंत्री हैं या ट्रैवल एजेंट?''

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