अपनी सम्पत्ति से दो बार देश की गरीबी दूर कर सकते हैं भारत के अरबपति : आईएमएफ

लागार्दे ने यह बात लंदन में रिचर्ड डिंब्लेबी व्याख्यान में कही। उन्होंने ऑक्सफेम की एक पुरानी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया के 85 सबसे समृद्ध लोगों की संपत्ति दुनिया की कुल आबादी के आधे (गरीब) की संपत्ति के बराबर है। उन्होंने कहा कि पहले के अर्थशास्त्रियों ने असमानता को अधिक महत्व नहीं दिया है।
लागार्दे के अनुसार, अर्थशास्त्रियों ने असमानता के महत्व को कम कर आंका है। उन्होंने आर्थिक विकास और वितरण की अपेक्षा आर्थिक आकार पर अधिक जोर दिया है। आज हम असमानता से होने वाले नुकसान को अधिक समझ रहे हैं।" उन्होंने कहा कि कर की संरचना और खर्च की नीति में सुधार कर इस असमानता को घटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नीतियों के निर्माण में समावेशीकरण को उतना ही महत्व दिया जाना चाहिए, जितना विकास को दिया जाता है। उन्होंने साथ ही कहा कि समावेशीकरण की बात करते समय महिलाओं के समावेशीकरण की निश्चित रूप से बात की जानी चाहिए।
यह ध्यान देने योग्य है कि करोड़ पतियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, वहीं दुनिया के अलग-अलग देशों के अरबपतियों में भी कई भारतीय हैं।












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