कौन हैं भारतीय मूल की मनप्रीत मोनिका सिंह? अमेरिका की पहली महिला सिख जज बन रचा इतिहास

अमेरिका के न्यायिक सिस्टम में भारतीय मूल के लोग काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मोनिका से पहले केरल के सुरेन्द्रन पटेल भी जज बने हैं।

US First Female Sikh Judge

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    US में भारतीय मूल की Manpreet Monica Singh ने रचा इतिहास, बनीं पहली सिख महिला जज | वनइंडिया हिंदी

    US First Female Sikh Judge: भारतीय मूल की मनप्रीत मोनिका सिंह भारतीय मूल की पहली महिला बन गई हैं, जो अमेरिका में जज बनी हैं। मनप्रीत मोनिका सिंह टेक्सास के ह्यूस्टन में की पहली महिला सिख जज बनीं और अमेरिका में रहने वाली भारतीय मूल की महिलाओं के लिए ये एक ऐतिहासिक दिन है।

    भारतीय मूल की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन

    भारतीय मूल की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन

    मनप्रीत मोनिका सिंह ने अमेरिका में पहली महिला सिख जज बनने के बाद अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि, "माँ हमने कर दिखाया! सिख सिविल कोर्ट जज के रूप में हैरिस काउंटी के लोगों का प्रतिनिधि बनाना एक 'सच्चा सम्मान' है। इसे एक ऐतिहासिक क्षण बनाने के लिए सभी को धन्यवाद और एक दिन ऐसा भी होगा, जब किसी सिख महिला का जज बनना, एक असामान्य घटना नहीं होगी, क्योंकि एक दिन ऐसा होगा, जब न्यायपालिका में अनगिनत सिख लोग और अन्य अल्पसंख्यक शामिल होंगे।" उन्होंने आगे लिखा कि, "मैं अपने दो दशकों के अनुभव का सही इस्तेमाल करने के लिए अब तैयार हूं।"

    कौन हैं मनप्रीत मोनिका सिंह?

    कौन हैं मनप्रीत मोनिका सिंह?

    मनप्रीत मोनिका सिंह का जन्म और परवरिश ह्यूस्टन में हुई हैं। वह अब अपने पति और दो बच्चों के साथ बेलेयर में रहती हैं। मनप्रीत मोनिका सिंह पिछले 20 सालों से वकलत कर रही हैं और वो स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई नागरिक अधिकार संगठनों में शामिल रही हैं। जैसे ही मनप्रीत मोनिका सिंह ने जज के लिए शपथ ली, उसके बाद भारतीय मूल के ही जज रवि सांडिल्य ने उन्हें उनका कार्यभार सौंपा। रवि सांडिल्य ने कहा कि, "यह सिख समुदाय के लिए वास्तव में एक बड़ा क्षण है। जब वे किसी रंग के, किसी को थोड़ा अलग देखते हैं, तो वे जानते हैं कि संभावना उनके लिए उपलब्ध है। मनप्रीत न केवल सिखों के लिए, बल्कि सभी रंग की महिलाओं के लिए भी एक ब्रांड एंबेसडर हैं।"

    शपथ लेने के बाद मोनिका ने क्या कहा?

    शपथ लेने के बाद मोनिका ने क्या कहा?

    अपने शपथ ग्रहण के बाद मनप्रीत मोनिका सिंह ने कहा कि, "मैंने सोचा कि यह बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे अपनी पढ़ाई से गुजर रहे हैं और ऐसे वक्त पर वे देख सकें, कि ऐसे पेशों की संभावना है, जिन तक हमारी पहले कभी पहुंच नहीं थी।" आपको बता दें कि, पिछले कुछ समय से भारतीय मूल के लोगों ने अमेरिका के न्यायिक व्यवस्था में अपने दायरे को बढ़ाना शुरू कर दिया है और पिछले महीने ही केरल के रहने वाले सुरेन्द्रन पटेल भी अमेरिका में डिस्ट्रिक जज बने हैं, जो अपनी पढ़ाई के दौरान केरल में बीड़ी बनाने का काम करते थे।

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