भारतीय उच्चायुक्त ने सिंहली में सद्भावना संदेश दिया, कुशीनगर का किया जिक्र
श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त गोपाल बागले बागले ने अपने वीडियो संदेश में कहा, अरहत महिंदा ने पोसोन पूर्णिमा के दिन भारत से बौद्ध धर्म का संदेश पहुंचाया था ....
कोलंबो, 15 जून : श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त गोपाल बागले ने मंगलवार को पोसोन पोया दिवस के अवसर पर सिंहली में एक प्रतीकात्मक व सद्भावना संदेश देने के लिए बौद्ध भिक्षु अरहत महिंदा का उल्लेख किया। पोसोन पोया दिवस श्रीलंकाई बौद्धों के लिए काफी महत्व रखता है, क्योंकि यह भगवान बुद्ध के संदेश के साथ देश में अरहत महिंदा थेरा के ऐतिहासिक आगमन का प्रतीक है।

पोसोन पूर्णिमा के दिन भारत से बौद्ध धर्म का संदेश पहुंचा
बागले ने अपने वीडियो संदेश में कहा, अरहत महिंदा ने आज की तरह पोसोन पूर्णिमा के दिन भारत से बौद्ध धर्म का संदेश पहुंचाया था और श्रीलंका उन कई देशों में से पहला था जहां भारत ने बौद्ध धर्म का संदेश दिया था। बागले ने याद किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार ने दोनों देशों के बीच बौद्ध कूटनीति को बढ़ावा देने के लिए श्रीलंका को 1.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता की।
कुशीनगर का जिक्र
बागले ने अक्टूबर 2021 में कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने वाली पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान के बारे में भी बात की, जो श्रीलंका से थी। उत्तर प्रदेश में स्थित प्राचीन शहर कुशीनगर को बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए एक पवित्र स्थान माना जाता है।
भारत ने हमेशा श्रीलंका की सहायता की है
भारतीय राजदूत बागले कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, भारत सरकार ने दोनों देशों के बीच बौद्ध कूटनीति को बढ़ावा देने के लिए श्रीलंका को 15 मिलियन डॉलर की सहायता दी। बागले ने यह भी जानकारी दी कि अक्टूबर 2021 में भारत के कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अ़ड्डे पर उतरने वाली पहली अतंरराष्ट्रीय उड़ान श्रीलंका से थी। उत्तर प्रदेश में स्थित प्राचीन शहर कुशीनगर बौद्ध धर्म का प्रमुख स्थान है। यहीं पर भगवान बुद्ध को निर्वाण प्राप्त हुआ था। यहां पर कई प्राचीन स्तूप हैं जिनका निर्माण सम्राट अशोक ने करवाया था।
श्रीलंका में घोर आर्थिक संकट
बता दें कि, श्रीलंका आजादी के बाद से अब तक के सबसे घोर आर्थिक संकट की दौर से गुजर रहा है। भारत ने श्रीलंका को ऐसी परिस्थिति में साथ देने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया। भारत ने श्रीलंका को उर्वरकों के आयात के लिए 55 मिलियन डॉलर का लाइन ऑफ क्रेडिट प्रदान किया। भारतीय उच्चायोग ने बताया था कि श्रीलंका में भोजन की भारी कमी हो गई है।
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