दुबई में इफ्तार की तैयारी कर रहा था भारतीय दंपति, अपार्टमेंट में लगी आग ने छीनी जिंदगी..अरब देश कर रहा सलाम
केरल के रहने वाले रिजेश कलंगदान (38 साल) और उनकी पत्नी जेशी कंदमंगलथ (32 साल) की अपार्टमेंट में लगी आग में मौत हो गई।

Dubai fire: यूएई के सात अमीरातों में सबसे मशहूर दुबई के एक अपार्टमेंट में लगी आग ने एक भारतीय दंपति की जिंदगी भी छीन ली।
लेकिन मरने से पहले ये भारतीय दंपति वो काम कर रहा था, जिसके लिए आज पूरा संयुक्त अरब अमीरात उन्हें सलाम कर रहा है।
दुबई स्थिति गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अपार्टमेंट में शनिवार को लगी आग में मारा गया भारतीय जोड़ा, अपने पड़ोसियों के लिए इफ्तार आयोजन किया था।
रिजेश कलंगदान (38 साल) और उनकी पत्नी जेशी कंदमंगलथ (32 साल) की अपार्टमेंट में लगी आग में मौत हो गई। रिजेश और जेशी के साथ साथ अपार्टमेंट में लगी आग में मरने वालों में 43 साल के इमाम कासिम और एस मोहम्मद रफीक समेत 16 लोगों की मौत हो गई।
आग लगने की इस घटना में कई लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
दुबई में काम करते थे रिजेश
रिजेश दुबई में एक ट्रैवल एंड टूरिज्म कंपनी के साथ बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के रूप में काम करते थे, वहीं उनकी पत्नी जेशी एक स्कूल में टीचर थीं। 15 अप्रैल को उन्होंने अपार्टमेंट के अपने पड़ोसियों के लिए इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था, जब अपार्टमेंट में आग लग गई।
आग लगने के समय दोनों कथित तौर पर सो रहे थे और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दुबई के डेरा पड़ोस के अल मुरार इलाके में शनिवार दोपहर आग लग गई थी और अधिकारियों को स्थानीय समयानुसार दोपहर 12.35 बजे (दोपहर 2.05 बजे IST) आग लगने की सूचना मिली थी।
हालांकि, अभी तक आग लगने का सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा है, कि उन्होंने अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से धमाके की आवाज के बाद धुएं के गुबार को बाहर निकलते देखा था।
प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया जा रहा है, कि एसी में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी होगी।
दुबई स्थित एक व्यवसायी जो प्रत्यावर्तन मुद्दों पर भारतीय वाणिज्य दूतावास के स्वयंसेवकों से जुड़े हैं, उन्होंने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया, कि अधिकारियों ने मृतकों की पहचान छह सूडानी, चार भारतीय, तीन पाकिस्तानी, एक कैमरून, एक मिस्र और एक जॉर्डन के रूप में की है।
वहीं, यूएई के अधिकारी कोशिश कर रहे हैं, मृतकों के शव को उनके वतन लौटने के लिए कागजी कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी की जाए।

दुबई में नाम कर गया भारतीय कपल
रिजेश के दोस्त मंसूर अली ने खलीज टाइम्स को बताया, कि वह इस उम्मीद में कई अस्पतालों में गए, कि वो रिजेश और उनकी पत्नी को खोज सके।
उन्होंने कहा, कि "रिजेश और मैं केरल के एक ही गांव से हैं। वह करीब 10 साल पहले यूएई आया था और मैं उससे पहले यहां आया था। जब मैंने शनिवार को खबर सुनी, तो शुरू में, मैं उम्मीद और प्रार्थना कर रहा था, कि मैं रिजेश और उसकी पत्नी को किसी अस्पताल में ढूंढ लूंगा"।
मंसूर ने आगे कहा, कि "काफी खोजने के बाद भी वो दोनों अस्पतालों में नहीं मिले, जिसके बाद मुझे लगने लगा, कि शायद वो दोनों नहीं बचे हैं।" मंसूर ने कहा, कि "उसके बाद मैं मोर्चरी में उन्हें खोजने गया, जहां मुझे उनके शव मिले।"
रिजेश के पड़ोसियों ने गल्फ न्यूज को बताया, कि दंपति विशु साधना तैयार कर रहे थे और उन्होंने अपने मुस्लिम पड़ोसियों को उनके साथ रमजान का व्रत तोड़ने के लिए आमंत्रित किया था।
अपार्टमेंट में रहने वाले रिजेश के एक पड़ोसी, रियास कैकंबम ने गल्फ न्यूज को बताया, कि "वो दोनों बहुत मिलनसार थे और रमजान के दौरान उन्हें और उनके सात रूममेट्स को अकसर भोजन के लिए आमंत्रित किया करते थे"।
उन्होंने कहा, कि "वो हिन्दू त्योहारों में भी हमें खाने पर बुलाते थे और हम ओणम और विशु के दौरान पहले भी उनके घर जा चुके हैं। इस बार उन्होंने हमें इफ्तार के लिए आमंत्रित किया था।"
रिजेश के पड़ोसी रियाश ने गल्फ न्यूज को बताया, कि "आखिरी बार उन्हें अपार्टमेंट के बाहर देखा था, लेकिन आग लगने के बाद वो फोन का कोई जवाब नहीं दे रहे थे। मैंने रात 12.35 बजे व्हाट्सएप पर रिजेश का लास्ट सीन स्टेटस देखा था और मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा है, कि जिस आदमी ने मुझे रविवार के लिए मेरी फ्लाइट टिकट बुक करने में मदद की, जिस आदमी ने मुझे इफ्तार के लिए आमंत्रित किया था, वो अपनी पत्नी के साथ चला गया है।"












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