H-1B वीजा और टैरिफ विवाद के बीच अमेरिका दौरे पर कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल, किन-किन मुद्दों पर चर्चा?
India US Trade Talk 2025: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देने के लिए कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज मिनिस्टर पीयूष गोयल 22 सितंबर 2025 को एक उच्चस्तरीय डेलिगेशन के साथ अमेरिका जा रहे हैं। इस दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच संभावित ट्रेड एग्रीमेंट को आगे बढ़ाना है।
गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस का डेलिगेशन भारत आया था और कई अहम मुद्दों पर पॉजिटिव चर्चा हुई थी। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि न्यूयॉर्क में होने वाली यह बातचीत न सिर्फ व्यापार बल्कि H-1B वीजा नियमों और टैरिफ रेट पर भी ठोस समाधान निकाल सकती है।

अमेरिका में पहले हुई थी अहम चर्चा
इससे पहले 16 सितंबर 2025 को अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस का एक दल भारत आया था। उस दौरान ट्रेड डील के कई पहलुओं पर सकारात्मक चर्चा हुई और आगे की दिशा तय की गई। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि वार्ताओं को तेजी से आगे बढ़ाना होगा ताकि ट्रेड एग्रीमेंट जल्द से जल्द अमल में लाया जा सके।
टैरिफ घटाने पर हो सकती है प्रगति
भारत के चीफ इकनॉमिक एडवाइजर वी. अनंत नागेश्वरन ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका भारत पर लगने वाले टैरिफ को 50% से घटाकर 10-15% के बीच लाने पर विचार कर रहा है। इससे भारतीय सामानों की अमेरिकी बाजार में पहुंच आसान होगी। अगर इस पर सहमति बनती है तो यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
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अगले दो महीनों में हो सकता है समाधान
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 8 से 10 हफ्तों में भारत और अमेरिका के बीच इस मसले पर ठोस प्रगति हो सकती है। ऐसे में पीयूष गोयल का दौरा बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, वीजा और टैरिफ जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस समाधान निकलने की उम्मीद है।
H-1B वीजा नियम भी रहेगा एजेंडे में
गोयल का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा पर बड़ा ऐलान किया है। नए नियमों के तहत अब कंपनियों को हर H-1B वीजा पर सालाना 1,00,000 डॉलर (करीब 83 लाख रुपये) फीस चुकानी होगी। माना जा रहा है कि यह कदम भारतीय आईटी कंपनियों को सीधा प्रभावित करेगा। इसलिए संभावना है कि न्यूयॉर्क में होने वाली ट्रेड टॉक के एजेंडे में H-1B वीजा नियम भी शामिल रहेगा।
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