India US Trade Deal: 'भारत की 100% टैरिफ हटाने की पेशकश', ट्रंप के उत्साही दावे को जयशंकर ने कैसे ठंडा किया?
India US Trade Deal: भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय हलचल हुई - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर सभी टैरिफ (शुल्क) हटाने की पेशकश की है। उनका यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब दक्षिण एशिया सैन्य और कूटनीतिक तनाव से गुजर रहा है, और वैश्विक खिलाड़ी स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत ने वस्तुतः जीरो टैरिफ के साथ व्यापार समझौते की पेशकश की है। यह एक बड़ी जीत हो सकती है, लेकिन मैं किसी जल्दबाज़ी में नहीं हूं। अगर, यह दावा सही साबित होता है, तो यह भारत जैसे विकासशील राष्ट्र की ओर से एक असाधारण रियायत मानी जाएगी - खासकर तब, जब वह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

ट्रंप बोले - 'भारत तैयार है, लेकिन मैं जल्दबाजी में नहीं हूं'
डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि भारत व्यापार के रास्ते में बहुत सी रुकावटें डालता है, लेकिन अब वह '100% टैरिफ हटाने को तैयार है।' हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कोई जल्दी नहीं है और वे तभी समझौता करेंगे जब उन्हें लगेगा कि इससे अमेरिका को सही फायदा मिलेगा।
एस. जयशंकर की प्रतिक्रिया - 'बातचीत अंतिम से बहुत दूर'
ट्रंप के बयान को लेकर भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने 15 मई को कहा कि बातचीत चल रही है, लेकिन यह जटिल मुद्दे हैं और किसी अंतिम निर्णय से अभी बहुत दूर है। यह बयान सीधे तौर पर ट्रंप के उत्साही दावे को ठंडा करता नजर आया। जयशंकर ने यह भी कहा कि कोई भी व्यापार समझौता दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होना चाहिए, सिर्फ एक के लिए नहीं।
ट्रंप की रणनीति: व्यापार से शांति की कोशिश
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि वह व्यापार का इस्तेमाल सिर्फ मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि दुनिया में शांति बनाने के लिए भी कर रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के साथ व्यापार के जरिए संबंध सुधारने की बात भी कही, खासकर भारत-पाक तनाव के संदर्भ में।
अमेरिका-चीन टैरिफ समझौता भी बना मिसाल
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने चीन के साथ टैरिफ वार को काबू में लाने के लिए एक बड़ा समझौता किया है, जहां अमेरिका ने चीन पर आयात शुल्क घटाकर 145% से 30% कर दिया, और चीन ने भी अपने टैरिफ 125% से घटाकर 10% किए। अब दोनों देश और बातचीत की ओर बढ़ रहे हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की सच्चाई
भारत ने 2019 में अमेरिका से GSP (Generalized System of Preferences) का विशेष दर्जा खोया था, जिससे 5.6 अरब डॉलर की भारतीय वस्तुओं को अमेरिकी बाजार में ड्यूटी फ्री पहुंचने की सुविधा खत्म हो गई थी। अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिकी डिजिटल कंपनियों, डेयरी और फार्मा उत्पादों, और टेक्सटाइल आयात के लिए बाजार खोले। भारत डिजिटल टैक्स, डेटा स्थानीयकरण, और कृषि उत्पादों पर सब्सिडी जैसे मामलों में अपनी स्थिति स्पष्ट बनाए रखना चाहता है।
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