अफ्रीकी देशों में चल निकली भारत की हथियार दुकान.. इस देश के साथ आखिरी स्टेज में विशालकाय रक्षा समझौता
India-Ethiopia Defnce Pact: अफ्रीकी देशों में भारत लगातार रक्षा समझौते कर रहा है और भारत ने अफ्रीकी देशों को हथियार बेचने का जो प्लान तैयार किया है, उसमें एक और बड़ी कामयाबी मिलती दिख रही है।
दिप्रिंट की रिपोर्ट में कहा गया है, कि भारत और इथियोपिया एक रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर करने के अंतिम चरण में पहुंच गये हैं, जिसके तहत नई दिल्ली, इस अफ्रीकी राष्ट्र को सैन्य प्रशिक्षण और रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्रेडिट लाइन से मदद करेगी।

भारत में इथियोपिया के राजदूत डेमेके एटनाफू ने ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की तरफ से आयोजित एक सम्मेलन के मौके पर बताया है, कि भारत में आम चुनाव के बाद ही समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
भारत-इथियोपिया में डिफेंस समझौता
हालांकि, भारत और इथियोपिया के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग का 1950 के दशक से ही एक लंबा इतिहास रहा है, लेकिन ये पहली बार है, जब दोनो देश एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। भारत और इथियोपिया, डिफेंस पैक्ट के करीब तब पहुंचे हैं, जब पिछले साल प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और इथियोपिया के प्रधान मंत्री अबी अहमद ने जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक को विस्तार देने पर सहमति जताई थी।
अक्टूबर 2022 में इथियोपिया के रक्षा मंत्री अब्राहम बेले ने गांधीनगर में डेफएक्सपो के मौके पर आयोजित भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता में भाग लिया था। यात्रा के दौरान बेले ने अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह के साथ भी बैठक की और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर चर्चा की थी।
इथियोपिया के साथ डिफेंस पैक्ट, अफ्रीका में रक्षा सहयोग के लिए भारत के मजबूत प्रयास का हिस्सा है। भारत पिछले कुछ वर्षों से अफ्रीका को लगातार आकर्षित कर रहा है और पहले से ही कुछ एयर डिफेंस सिस्टम, छोटे हथियारों, एंटी-ड्रोन तकनीक, फायरिंग रेंज सिमुलेटर जैसे हथियारों की बिक्री के साथ महाद्वीप में प्रवेश कर चुका है। लेकिन, अब भारत की कोशिश, बड़े हथियारों की बिक्री भी करना है।
अफ्रीकी देशों में भारत के बढ़ते कदम
भारत ने अफ्रीकी संघ के 42 देशों को लगभग 14 अरब डॉलर की ऋण सुविधा प्रदान की है और रेलवे, बंदरगाहों और सड़कों जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा, अब अफ्रीकी महादेश के देशों को हथियारों की बिक्री के लिए भी पैसे देने की योजना पर काम कर रहा है।
1950 के दशक में, भारत ने इथियोपिया में हरार सैन्य अकादमी की स्थापना में केंद्रीय भूमिका निभाई थी। इथियोपिया के तत्कालीन सम्राट हैली सेलासी ने 1956 में पुणे के खडकवासला में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की यात्रा के बाद, भारत से अकादमी की स्थापना में सहायता करने का अनुरोध किया था।
ब्रिगेडियर एन.सी. रॉली ने अकादमी परियोजना पर इथियोपियाई सरकार के लिए एक स्टडी रिपोर्ट तैयार की थी। रॉली को हरार सैन्य अकादमी का पहला कमांडेंट नियुक्त किया गया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, सैन्य अकादमी के दूसरे और तीसरे कमांडेंट भी भारत से थे।
भारत ने 2009 में तीन साल के असाइनमेंट के लिए इथियोपिया के होलेटा में मेजर जनरल हेयलोम अरया सैन्य अकादमी में नौ सदस्यीय भारतीय सेना प्रशिक्षण दल भी भेजा था।
रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने कहा है, कि अफ्रीकी देश के साथ सहयोग में कई प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल होंगे और क्षमता निर्माण के लिए क्रेडिट लाइन में भी मदद मिलेगी।
यह सिर्फ भारत नहीं है जो अफ्रीका पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। चीन भी अफ्रीका के साथ अपने रक्षा सहयोग को गहरा करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। बोस्टन विश्वविद्यालय के वैश्विक विकास केंद्र के अनुसार, चीन ने 2000 से 2020 के बीच, रक्षा खर्च के लिए आठ अफ्रीकी देशों के साथ लगभग 3.5 अरब डॉलर के 27 ऋण सौदों पर सार्वजनिक रूप से हस्ताक्षर किए हैं।
इथियोपिया के राजदूत के मुताबिक, भारत और इथियोपिया के बीच सालाना करीब 2.8 अरब डॉलर के व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला है, कि पिछले छह महीनों में, आईटी, आईसीटी और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों को कवर करने वाले भारत के पांच अलग-अलग व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों ने देश का दौरा किया है।












Click it and Unblock the Notifications