India-Russia Trade: भारत-रूस में होगी विशालकाय व्यापारिक डील, $50 डॉलर का टार्गेंट करेंगे पूरा

अमेरिका और पश्चिमी देशों की नाराजगी के बाद भी भारत ने रूस के साथ व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाया है और अब रूस, भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश बन गया है।

Indo-Russian mega Business meet

Indo-Russia mega Trade meet: चीन के साथ बढ़ती नजदिकियों के बीच भारत और रूस के बीच विशालकाय व्यापारिक समझौता होने वाला है। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, भारत और रूस के बीच अगले हफ्ते मेगा व्यापारिक डील होने वाली है, जिसमें इस साल दोनों देशों के बीच 50 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य पूरा करने का संकल्प लिया जाएगा। पिछले साल, यानि 2022 में भारत और रूस के बीच का सलाना द्विपक्षीय व्यापार 31 अरब डॉलर का हुआ था, लेकिन इस साल इसमें 19 अरब डॉलर और इजाफा करने का लक्ष्य रखा गया है, जो कि अपने आप में ऐतिहासिक होने वाला है। ऐसा इसलिए, क्योंकि रणनीतिक पार्टनर होने के बाद भी भारत और रूस के बीच का व्यापार काफी कम था, लेकिन पिछले साल यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात शुरू किया था और पिछले एक साल में रूस, भारत को तेल बेचने के मामले में दूसरे नंबर पर आ गया है।

Indo-Russian mega Business meet

भारत-रूस में मेगा व्यापार मीटिंग

सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम के हिस्से के रूप में 29-30 मार्च को 'रूस-भारत बिजनेस फोरम: स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फॉर डेवलपमेंट एंड ग्रोथ' का आयोजन किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा, कि फोरम का मुख्य फोकस आईटी, साइबर सुरक्षा, तकनीकी संप्रभुता, स्मार्ट सिटी, परिवहन और रसद, स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्यूटिकल्स होगा।' वहीं, अधिकारियों ने कहा है, कि इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच 'ग्रेटर यूरेशिया में टेक्नोलॉजिकल अलायंस' बनाने को लेकर भी बात होगी। आपको बता दें, कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले भारत और रूस के बीच साल 2025 तक 30 अरब डॉलर तक द्विपक्षीय व्यापार को पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन रूस से भारत के तेल आयात के कारण 2022 में ही यह आंकड़ा पार कर गया था, और ऐसी उम्मीदें हैं कि यह उम्मीद जताई गई है, कि ये आंकड़ा 2023 में 50 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।

Indo-Russian mega Business meet

कितना महत्वपूर्ण है ये समझौता?

रूसी राष्ट्रपति के सलाहकार एंटोन कोबायाकोव ने एक बयान में कहा, कि "भारत और रूस के बीच का कॉपरेशनन फॉर्मेट ऐसा है, कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में ये इंटर-स्टेर रिलेशन को आगे बढ़ाने के लिए ये एक महत्वपूर्ण आर्किटेक्चर की तरह है। इस फोरम को रूसी और भारतीय व्यापार समुदायों के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि भारतीय बाजार में प्रवेश करने वाले रूसी व्यवसायों का समर्थन किया जा सके ...।" आपको बता दें कि, भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आयात पर अत्यधिक निर्भर है। भारत सरकार के एक सूत्र ने कहा कि, 'कच्चे तेल की हमारी जरूरत का करीब 85 फीसदी (5 मिलियन बैरल प्रतिदिन) आयात करना पड़ता है।' वहीं, आपको बता दें कि, अकसर 'तेल' को लेकर भारत के साथ राजनीति की जाती रही है और कई बार तेल आयात को लेकर भारत को 'ब्लैकमेल' करने की भी कोशिश की जाती रही है। लेकिन, यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस ने भारत को डस्काउंट पर तेल बेचना शुरू किया और ये व्यापार नये रिकॉर्ड को पार कर गया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+