LAC विवाद के लिए चीन ने भारत को बताया जिम्मेदार, अमेरिका को भी लगाई फटकार
चीन के रक्षा मंत्री ने भारत और चीन के बीच चल रहे टकराव के लिए भारत को जिम्मेदार बताया है।
सिंगापुर, 12 जूनः चीन के रक्षा मंत्री ने भारत और चीन के बीच चल रहे टकराव के लिए भारत को जिम्मेदार बताया है। सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग 2022 के पांचवें सत्र को संबोधित करते हुए चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगे ने कहा कि चीन और भारत पड़ोसी हैं और उनके लिए अच्छे संबंध रखना समझदारी है। चीन के रक्षा मंत्री ने रविवार को लद्दाख में सैन्य गतिरोध के लिए नई दिल्ली को दोषी ठहराते हुए कई वक्तव्य दिए।

अच्छे संबंध बनाने पर दिया जोर
गलवान में हुए संघर्ष के बारे में एक सवाल के जवाब में चीन के रक्षा मंत्री ने कहा कि अच्छे संबंध बनाए रखना दोनों देशों के हितों को पूरा करता है और हम इसी पर काम कर रहे हैं। लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में टकराव पर, इस मुद्दे के पहलू साफ हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से रक्षा मंत्री के रूप में टकराव की शुरुआत और अंत का अनुभव किया। हमें भारतीय पक्ष के स्वामित्व वाले बहुत सारे हथियार मिले हैं। उन्होंने लोगों को हमरे चीनी इलाकों में भी भेजा है।

शांति और विकास मानवता का लक्ष्य
जनरल फेंगे ने आगे कहा कि भारत और चीन ने कोर कमांडर स्तर की 15 दौर की वार्ता की है और दोनों पक्ष इस क्षेत्र में शांति के लिए काम कर रहे हैं। क्षेत्रीय व्यवस्था के लिए चीन की सोच को उजागर करते हुए जनरल फेंगे ने कहा कि हमारी दुनिया ऐसे कई संकटों का सामना कर रही है जो इतिहास में शायद ही कभी देखे गए होंगे। उन्होंने कहा कि आगे का रास्ता शांति और विकास मानवता का साझा लक्ष्य होना चाहिए।

अमेरिका की टिप्पणी से असहमत चीन
अपने भाषण में फेंगे ने यूक्रेन में युद्ध पर भी अपनी बात रखी। अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन को फटकार लगाते हुए फेंगे ने कहा कि चीन, पूर्व की टिप्पणियों से असहमत है और अमेरिका द्वारा चीन को धब्बा लगाने के आरोपों को दृढ़ता से खारिज करता है। उन्होंने कहा कि किसी की दुनिया और समानांतर प्रणालियों के चारों ओर एक ऊंची दीवार बनाने से केवल और अधिक व्यवधान पैदा होगा।

प्रतिबंध लगाना युद्ध रोकने का समाधान नहीं
रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारा देश सिर्फ और सिर्फ शांति चाहता है। स्थिरता चाहता है। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका से एकजुटता को मजबूत करने और टकराव और विभाजन का विरोध करने की अपील की। जनरल फेंगे ने क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि यूक्रेन में युद्ध के कारण दुनिया भर को संकट का सामना करना पड़ रहा है। जनरल फेंगे ने कहा कि चीन यूक्रेन में युद्ध का समर्थन नहीं करता है। इसके साथ ही चीन के उस रूख को दोहराया कि प्रतिबंध युद्ध को रोकने का समाधान नहीं हैं। जनरल फेंगे ने कहा कि चीन बातचीत के जरिए युद्ध की समाप्ति का समर्थन करता है और इस विचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

ताइवान को बताया चीन का हिस्सा
ताइवान पर चीन की लंबे समय से चली आ रही स्थिति पर जोर देते हुए फेंगे ने कहा कि चीन ताइवान को स्वतंत्रता हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने ताइवान को चीन से अलग करने की हिम्मत की तो हम लड़ने से नहीं हिचकेंगे। हम हर कीमत पर लड़ेंगे। और हम अंत तक लड़ेंगे। यह चीन के लिए एकमात्र विकल्प है।












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