Gambia cough syrup Case: भारत ने कहा हमारे कफ सिरप में कोई खराबी नहीं, WHO पर दुनिया में छवि खराब करने का आरोप
भारत के ड्रग कंट्रोलर यानी औषधी महानियंत्रक ने इन बच्चों की मौतों को भारतीय कफ सिरफ से जोड़ने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO को पत्र लिखा है। भारत ने WHO पर भारत की छवि को खराब करने का आरोप लगाया है।

Image: ANI
अफ्रीकी देश गाम्बिया में इस साल अक्टूबर में लगभग 70 बच्चों की मौत हो गई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इन बच्चों की मौत का जिम्मेदार भारत में बनी कफ सिरप को ठहराया था। अब भारत ने इसका जवाब दिया है। भारत के ड्रग कंट्रोलर यानी औषधी महानियंत्रक ने इन बच्चों की मौतों को भारतीय कफ सिरफ से जोड़ने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO को पत्र लिखा है। इस पत्र के द्वारा भारत ने WHO पर भारत की छवि को खराब करने का आरोप लगाया है।

दुनिया में भारतीय फार्मा सेक्टर की छवि हुई खराब
भारतीय औषधी महानियंत्रक डाक्टर वीजी सोमानी की तरफ से विश्व स्वास्थ्य संगठन के विनियमन और पूर्व योग्यता निदेशक डॉ. रोजेरियो गैस्पर को लिखे पत्र में कहा गया है कि भारतीय कफ सिरप में कोई कमी नहीं है। जांच में सिरप पूरी तरह से सही पाई गई है। सिरप को गाम्बिया में बच्चों की मौते जोड़ना पूरी तरह से गलत है। इसके साथ ही ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने कहा कि गाम्बिया में हुई मौतों को भारत में बने कफ सिरप से जोड़ने में जल्दबाजी दिखाई गई। इस गलत निष्कर्ष के कारण वैश्विक मीडिया ने भारतीय फार्मास्युटिकल उत्पादों की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निशाना बनाया। इससे दुनिया में भारतीय फार्मा सेक्टर की छवि को आघात पहुंचा।

चारों प्रोडक्ट मानकों पर सही उतरे
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने दावा किया कि मेडेन फार्मा के कफ सिरप के नमूने, जिन्हें गाम्बिया में बच्चों की मौत का कारण बताया जाता है, डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल से दूषित नहीं थे। DCGI ने अपने पत्र में कहा है- मैडेन फार्मास्यूटिकल्स में बने जिन 4 कफ सिरप का जिक्र किया गया था, उन्हें हमने सरकारी लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजा था। चारों प्रोडक्ट की क्वॉलिटी मानकों पर खरी थी। हमारे यहां दवाओं और कॉस्मेटिक्स की निगरानी बहुत गंभीरता से की जाती है। हम यह ध्यान रखते हैं कि हमारे यहां बने प्रोडक्ट उच्च गुणवत्ता के हों।

WHO ने भारतीय कंपनी को ठहराया जिम्मेदार
WHO ने कई हफ्ते पहले गाम्बिया में हुई बच्चों की मौत का जिम्मेदार मेडेन फार्मास्युटिकल्स कंपनी को ठहराया था। WHO ने आशंका जताई थी कि कंपनी के कफ सिरप के कारण बच्चों की मौत हुई है। WHO ने कहा था, 'गाम्बिया में गुर्दों की हालत बेहद खराब हो जाने की वजह से बच्चों की हुई। बहुत मुमकिन है कि भारत में बने इन कफ सिरप्स के इस्तेमाल के चलते ही ऐसा हुआ हो।' WHO ने रिपोर्ट में आगे कहा था कि कफ-सिरप में डायथेलेन ग्लाईकोल और इथिलेन ग्लाईकोलकी इतनी मात्रा है कि वजह इंसानों के लिए जानलेवा हो सकते हैं।

गाम्बिया भी दवा की खामी पता लगाने में फेल
इससे पहले गाम्बिया मेडिसिन कंट्रोल एजेंसी के प्रतिनिधि टीजन जैलो ने 31 अक्टूबर को एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा था, 'अभी पुष्टि नहीं हुई है कि भारत में बनी खांसी की दवाई से बच्चों की किडनी खराब हुई थी। हम बच्चों की मौत की सही वजह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।' WHO के लिखे पत्र में भी इसका जिक्र किया गया है। पत्र के मुताबिक, 'खांसी की दवाई के सेवन और मौतों के बीच अभी तक कोई प्रत्यक्ष कारण संबंध स्थापित नहीं हुआ है, और जिन बच्चों की मृत्यु हुई है, उन्होंने इस सिरप का सेवन नहीं किया था।'












Click it and Unblock the Notifications