अमेरिकी रिसर्च में चौंकाने वाला दावा, भारत में कोरोना वायरस से 49 लाख लोगों के मरने का अनुमान
अमेरिकी थिंक टैंक ने अपने अध्ययन में दावा किया है कि भारत में कोरोना वायरस की वजह से करीब 50 लाख लोगों ने जान गंवाई होगी।
वॉशिंगटन/नई दिल्ली, जुलाई 21: अमेरिकी स्टडी में भारत में कोरोना वायरस से करीब 49 लाख से ज्यादा लोगों के मरने का दावा किया है। अमेरिका में हुए नये स्टडी के नुताबिक, कोरोनावायरस महामारी के दौरान भारत में अधिकतम 49 लोगों ने जान गंवाई होगी, ये दावा किया है वॉशिंगटन स्थिति थिंक टैंक सेंन्ट्रल फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट ने।
Recommended Video

स्टडी में अधिकतम 49 लाख मौत के दावे
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में स्थिति थिंक टैंक सेंन्ट्रल फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट ने रिपोर्ट में कहा है कि भारत में कोरोना वायरस की दोनों लहरों को मिलाकर करीब 49 लाख लोगों की मौत हुई और आने वाले वक्त में कई लाख लोगों की और जान इस घातक वायरस की वजह से जा सकती है। वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक सेंट्रल फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट की रिपोर्ट ने मृत्यु दर का अनुमान लगाने के लिए जून 2021 तक महामारी की शुरुआत से तीन अलग-अलग डेटा स्रोतों का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, इस स्टडी में सभी अतिरिक्त मौतों को कोविड-19 के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।

मौतों को लेकर पहला अनुमान
भारत सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोना वायरस के दोनों लहरों को मिलाकर कुल 4 लाख 14 हजार 482 लोगों की मौत हुई है, जो नई स्टडी के मुकाबले कई गुना कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, पहला अनुमान सात राज्यों, आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के राज्य-स्तरीय सिविल रजिस्ट्रेशन डेटा के आधार पर अनुमानित था। जिसमें सुझाया गया था कि इस दौरान करीब 34 लाख लोगों की मौत हुई होगी। हालांकि, इस स्टडी में ये भी कहा गया है कि ''जो अनुमानित आंकड़ा है, वो इन सात राज्यों से लिए गये आंकड़ों के हिसाब पर था, लेकिन बाकी के राज्यों में आंकड़े अलग भी हो सकते हैं''

मौतों को लेकर दूसरा अनुमान
कोरोना वायरस से होने वाली मौतों को लेकर दूसरा अनुमान सेरोप्रवलेंस डेटा और इंटरनेशनल एस्टिमेट आयु-विशिष्ट मृत्यु दर के आधार पर निकाला गया है। जिसमें अनुमान लगाया गया है कि भारत में कोविड 19 महामारी के दौरान करीब 40 लाख लोगों की जान गई होगी। स्टडी में दावा किया गया है कि भारत में पहले वेभ में करीब 15 लाख लोगों की मौत हुई होगी, जबकि संक्रमण के दूसरे लहर में करीब 24 लाख लोगों की जान गई होगी।

आजादी के बाद सबसे बड़ी त्रासदी
अमेरिकी रिपोर्ट को तैयार करने वाले शोधकर्ताओं ने कहा है कि वास्तव में भारत में वायरस से जान गंवाने वालों का आंकड़ा कई लाख हो सकता है। ऐसे में अगर इस शोध पर यकीन किया जाए तो पता चलता है कि आजादी के बाद से भारत में सबसे बड़ी त्रासदी बनकर कोरोना वायरस आई है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए कोरोना वायरस के दौरन में हुई मौतों और उससे पहले के सालों में हुई मौतों का विश्लेषण किया है। इसके आधार पर ही सेंटन ने 2020 से 2021 के दौरान अनुमानित मौतों का आंकड़ा निकाला है। सबसे खास बात ये है कि इस रिपोर्ट को तैयार करने में कभी मोदी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रमण्यम भी शामिल थे।












Click it and Unblock the Notifications