• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

मानवाधिकार परिषद के सामने भारत ने फिर दोहराया अपना रुख, जाहिर की अपनी चिंता

|
Google Oneindia News

जेनेवा, 12 मईः भारत ने गुरुवार को यूक्रेन संकट को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के एक विशेष सत्र में एक बार फिर से अपना रुख स्पष्ट किया। भारत ने कहा कि यूक्रेन संघर्ष पर हमारी स्थिति दृढ़ और सुसंगत रही है। हमने हमेशा से हिंसा की तत्काल समाप्ति और शत्रुता को खत्म करने का आह्वान किया है। हम सामने आ रही घटनाओं को लेकर बहुत चिंतित हैं।

महिलाओं एवं बच्चों पर बुरा प्रभाव

महिलाओं एवं बच्चों पर बुरा प्रभाव

भारत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक नेताओं के साथ अपनी वार्ताओं के दौरान कई बार इसे दोहरा चुके हैं। यह स्पष्ट है कि महिलाओं और बच्चों पर इस संघर्ष का बहुत खराब प्रभाव पड़ा है और बड़ी संख्या में इन्हें पड़ोसी देशों में शरण लेनी पड़ी है। लाखों की संख्या में लोग विस्थापित हो गए हैं।

दुनिया के अन्य इलाकों पर प्रभाव पड़ा

दुनिया के अन्य इलाकों पर प्रभाव पड़ा

भारत ने कहा कि हमने यूक्रेन को दवाओं और अन्य आवश्यक राहत सामग्री भेज रहा है और यह काम लगातार जारी है। इस स्थिति का असर क्षेत्र से बाहर भी पड़ा है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। खाद्यान्न और उर्वरकों की भी कमी चल रही है। भारत ने कहा कि हम यूक्रेन में लोगों के मानवाधिकारों के सम्मान और संरक्षण का आह्वान करते हैं और मानवाधिकारों के वैश्विक प्रचार और संरक्षण के लिए अपनी स्थायी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।

क्या है मानवाधिकार परिषद

क्या है मानवाधिकार परिषद

मानवाधिकार परिषद संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के भीतर एक अंतर-सरकारी निकाय है जो विश्व भर में मानवाधिकारों के संवर्द्धन और संरक्षण को मजबूती प्रदान करने के लिये जिम्मेदार है। इसका गठन वर्ष 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा किया गया था। इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में स्थित है। इसका गठन 47 संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों से मिलकर हुआ है जो संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा चुने जाते हैं।

चेक रिपब्लिक को मिली जगह

चेक रिपब्लिक को मिली जगह

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानवाधिकार परिषद के लिए रूस द्वारा छोड़े गए खाली पद को भरने के लिए चेक रिपब्लिक को चुना गया है। रूस की सदस्यता अप्रैल में यूक्रेन में चल रहे युद्ध के कारण निलंबित कर दी गई थी। चेक गणराज्य को उसके शेष तीन साल के कार्यकाल के लिए रूस की जगह लेने के लिए चुना गया था, जो 31 दिसंबर, 2023 को समाप्त होगा।

रानिल विक्रमसिंघे बनेंगे श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री, जानिए इन्हें क्यों कहा जाता है भारत समर्थकरानिल विक्रमसिंघे बनेंगे श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री, जानिए इन्हें क्यों कहा जाता है भारत समर्थक

Comments
English summary
India calls for protection of human rights of Ukrainians at UNHRC
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X