जमीन, आकाश, पाताल.. चीन को कुचलने के लिए चप्पे-चप्पे पर युद्धाभ्यास, भारत कैसे बना US का सबसे बड़ा पार्टनर?
India-US Military Training Partner: चीन को काउंटर करने के लिए भारत और अमेरिका हर एक उस प्वाइंट को फोकस कर रहे हैं, जहां भविष्य में ड्रैगन दोनों देशों के लिए सिरदर्द बन सकता है और ताजा रिपोर्ट से पता चला है, कि भारत, दुनिया में अमेरिका का सबसे बड़ा डिफेंस ट्रेनिंग पार्टनर बन गया है।
भारत और अमेरिकी सेना के बीच दुनिया में सबसे ज्यादा सैन्य अभ्यास किए जा रहे हैं, जिससे पता चलता है, कि इंडो-पैसिफिक में चीन को काउंटर करने के लिए दोनो देशों के इरादे कितने सख्त हैं, जिसका मकसद एक स्वतंत्र, खुला, सुरक्षित, समृद्ध और लचीले क्षेत्र का निर्माण करना है, जहां चीन किसी देश को धमका ना सके।

भारत-अमेरिका में गहरा हुआ सैन्य संबंध
भारत और अमेरिका के सबसे बड़े डिफेंस ट्रेनिंग पार्टनर बनने का मतलब ये है, कि इंडो-पैसिफिक में चीन जिस आक्रामकता के साथ छोटे देशों को दबाने मे लगा हुआ है, उन चुनौतियों को काउंटर करने के लिए दोनों देश कितनी तेजी से तैयारी कर रहे हैं।
और अमेरिकी सेना के प्रशांत क्षेत्र के कमांडर जनरल चार्ल्स ए. फ्लिन के मुताबिक, अमेरिका की कोशिश इंडो पैसिफिक क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा सहयोगी बनाने, साझेदारी बढ़ाने और बहुरपक्षीय और बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों में भाग लेना है। और चूंकी इंडो-पैसिफिक की सबसे बड़ी शक्तियों में भारत शीर्ष पर है, लिहाजा इंडो-पैसिफिक में भारत की भूमिका काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
पिछले एक महीने में ही अमेरिकी सैनिकों ने चार ऐसे बहुपक्षीय सैन्य अभ्यासों में हिस्सा लिया है, जिनमें भारत, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया और जापान शामिल रहे हैं।

इंडो पैसिफिक क्षेत्र में कौन कौन देश हैं?
आपको बता दें, कि आधुनिक जियोपॉलिटिक्स में इंडो-पैसिफिक सबसे ज्यादा मायने रखता है, क्योंकि इस क्षेत्र में चीन और भारत जैसी प्रमुख शक्तियां हैं। इंडो-पैसिफिक, हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के कुछ भागों से मिलकर बना महासागरीय क्षेत्र है, जिसमें पूर्वी अफ्रीका तट, हिंद महासागर और मध्य प्रशांत महासागर शामिल हैं।
इंडो-पैसिफिक में 40 से ज्यादा देश हैं, जिनमे ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान, ब्रूनेई, कंबोडिया, दक्षिण कोरिया, भारत, इंडोनेशिया, जापान, लाओस, मलेशिया, मालदीव, मंगोलिया, म्यांमार, नेपाल, न्यूजीलैंड, प्रशांत द्वीप देश के 14 छोटे-छोटे देश, पाकिस्तान और चीन शामिल हैं।
इंडो-पैसिफिक में दुनिया की 64 प्रतिशत आबादी रहती है, और ये क्षेत्र दुनिया की जीडीपी में 62 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान देता है। वैश्विक व्यापार का 50 प्रतिशत और तेल का 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा इंडो-पैसिफिक से ही गुजरता है, जबकि भारत के संदर्भ में बात करे, तो भारत अपना 90 प्रतिशत व्यापार इसी क्षेत्र में करता है और 80 प्रतिशत माल ढुलाई, जिसमें कोयला, पेट्रोलियम और गैस, लौह अयस्क, उर्वरक शामिल हैं, वो इसी क्षेत्र में करता है।

टाइगर-ट्रायम्फ -24 अभ्यास
वहीं, भारत और अमेरिकी सेना ने 18 मार्च से टाइगर-ट्रायम्फ -24 नाम से एक त्रिपक्षीय मानवीय सहायता और आपदा राहत अभ्यास शुरू की है, जो भारत के पूर्वी तट पर आयोजित किया गया है और ये अभ्यास 31 मार्च तक चलेगा।
इस सैन्य अभ्यास में हेलीकॉप्टर, लैंडिंग क्राफ्ट के साथ साथ भारतीय नौसेना के युद्धपोत, भारतीय सेना के जवान और वाहन, इंडियन एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर, रैपिड एक्शन मेडिकल टीम (RAMT) शामिल हैं। वहीं, अमेरिका की तरफ से अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत और अमेरिकी मरीन कोर और अमेरिकी सेना के सैनिक इस अभ्यास में हिस्सा ले रहे है।
इसी तरह, अमेरिका ने थाईलैंड के साथ 27 फरवरी से 8 मार्च तरक ऑपरेशन कोबरा सैन्य अभ्यास भी किया है। वहीं, अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ 'फ्रीडम शील्ड अभ्यास' भी किया है, जिससे बौखलाए किम जोंग उन के नेतृत्व वाले उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल दागकर उसका जवाब दिया है।
भारत बना अमेरिका का सबसे बड़ा पार्टनर
भारत अब किसी और देश की तुलना में अमेरिका के साथ सैन्य अभ्यास करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा देश बन गया है। और पिछले साल अक्टूबर महीने में दोनो देशों ने 'युद्ध अभ्यास' का 19वां एडिशन पूरा किया है।
- साल 2010 से भारत और अमेरिकी सेना ने 'ऑपरेशन वज्र प्रहार' के तहत 14 ज्वाइंट एक्सरसाइज किए है।
- दोनों देशों की एयरफोर्स ने पिछले साल 'कोप इंडिया' नाम से एयर एक्सरसाइज किया था, जो 2004 में शुरू होने के बाद अभी तक का सबसे विशालकाय एयर एक्सरसाइज था। इसमें अमेरिकी वायु सेना के बी-1बी बमवर्षक और एफ-15 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया था।
- इनके अलावा, दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ 'ऑपरेशन तरकश' युद्धाभ्यास किया है, जिसमें अमेरिकी स्पेशल फोर्स और भारतीय नेशनल सिक्योरिटी गार्ड ने हिस्सा लिया। वहीं, दोनों देशों की नौसेना ने 'ऑपरेशन संगम' में भी भाग लिया है, जिसमें अमेरिकी सील कमांडो फोर्स और भारतीय समुद्री कमांडो फोर्स ने हिस्सा लिया।
- दोनों देशों ने बहुपक्षीय अभ्यासों के तहत 'मालाबार एक्सरसाइज' के 27वें एडिशन का आयोजन ऑस्ट्रेलिया में किया है, जिसमें समुद्री गश्ती विमान, हेलीकॉप्टर और पनडुब्बियों के साथ-साथ कई सतह जहाज शामिल थे। इस अभ्यास में भाग लेने वाली अमेरिकी सेनाओं में एक गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक, एक बेड़ा ऑयलर, एक पनडुब्बी और विमान शामिल थे। वहीं, भारत ने एक विध्वंसक, एक फ्रिगेट और एक P-8I पोसीडॉन विमान भेजा था।

- वहीं, भारत और अमेरिका ने मिलकर दुनिया का सबसे बड़ी नौसेना युद्धाभ्यास 'रिम ऑफ द पैसिफिक' का भी आयोजन किया, जिसमें 26 देशों ने हिस्सा लिया। इसमें भारतीय नौसेना के युद्धपोत सतपुड़ा और पी8आई विमान ने हिस्सा लिया था।
- पिछले महीने (फरवरी 2024), भारत ने द्विवार्षिक बंगाल की खाड़ी अभ्यास (पहली बार 1994 में आयोजित) "मिलान" (नौसेना) की मेजबानी की थी और अमेरिका इसमें 2022 से भाग ले रहा है। मिलान में 50 से ज्यादा देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया है, जिसमे 15 युद्धपोतों के साथ एक समुद्री गश्ती विमान के साथ मेगा अभ्यास शामिल है। इस युद्धाभ्यास में अमेरिकी नौसेना के अर्ले बर्क-क्लास गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक यूएसएस हैल्सी (डीडीजी 97) ने हिस्सा लिया था, जो इस अभ्यास की सबसे बड़ी बात थी।
- इनके अलावा, अमेरिका और भारत ने "कटलैस एक्सप्रेस" (नौसेना), "सी ड्रैगन" (नौसेना), "रेड फ्लैग" (वायु सेना), फ्रांसी की तरफ से प्रायोजित "ला पेरोस" (नौसेना), और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से आयोजित 'पिच ब्लैक" (वायु सेना)' में भी भाग लिया है।
भारत और अमेरिका लगातार उन क्षेत्रों को फोकस कर रहे हैं, जहां चीन खतरा बन सकता है और चीन की बौखलाहट समय समय पर आती भी रहती है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के भोंपू ग्लोबल टाइम्स ने एक बार कहा था, कि "अमेरिका और उसके एशिया-प्रशांत सहयोगियों के बीच होने वाले इन युद्धाभ्यासों का मकसद एक काल्पनिक दुश्मन बीजिंग के खिलाफ सैन्य संघर्ष की तैयारी करना है।"












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