भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच किए गये कई ऐतिहासिक समझौते, रूस की तरह की 'दोस्त' बनेगा ऑस्ट्रेलिया
भारत और ऑस्ट्रेलिया पिछले कुछ सालों में काफी करीब आए हैं और फ्री और ओपन इंडो पैसिफिक को लेकर समान विचारधारा वाले देश हैं, लिहाजा भारत की तरह, ऑस्ट्रेलिया के भी चीन के साथ काफी खराब संबंध हैं।
नई दिल्ली, मार्च 21: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया को भारत का एक अहम भागीदार बताया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानंमत्री स्कॉट मॉरिसन के बीच ऐतिहासिक वर्चुअल शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के बीच के संबंध को और गहरा करने के लिए कई कार्ययोजनाओं पर मुहर लगाई गई है और देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को लेकर कई अहम घोषणाएं की गई हैं।

पीएम नरेन्द्र मोदी का संबोधन
शिखर सम्मेलन में बोलते हुए भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि, ''मेरे प्रिय मित्र स्कॉट, नमस्कार... आपने होली की शुभकामनाएं दीं, आपने चुनावी जीत की शुभकामनाएं दी, इसके लिए आपका बहुत बहुत आभार हूं। क्वींसलैंड और न्यू साउथ वेल्स में आई बाढ़ के कारण जान माल की क्षति के लिए मैं सभी भारतवासियों की तरफ से संवेदनाएं प्रकट करता हूं। हमारी पिछली वर्चुअल समिट के दौरान, हमने अपने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप का रूप दिया था और मुझे प्रसन्नता है, कि हम दोनों देशों के बीच वार्षिक समिट का आयोजन कर रहे हैं, इससे, हमारे संबंधों की नियमित रिव्यू की स्ट्रक्टरल व्यवस्था तैयार होगी''।
'हमारे संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति'
पीएम मोदी ने वर्चुअल समिट के दौरान बोलते हुए कहा कि, 'पिछले कुछ सालों में हमारे संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ट्रेड और इन्वेस्टमेंट, डिफेंस और सिक्योरिटी, एजुकेशन और इनोवेशन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी... इन सभी क्षेत्रों में हमारा काफी करीबी सहयोग है।' पीएम मोदी ने आगे कहा कि, 'हमारे जैसे समान मूल्यों वाले देशों की यह जिम्मेदारी है, कि साइबर सिक्योरिटी जैसी उभरती टेक्नोलॉजी में उचित वैश्विक मापदंड अपनाए जाएं।' पीएम मोदी ने शिखर सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि, दोनों देशों के बीच कई व्यापारिक समझौते हुए हैं और मुझे पूरा विश्वास है, कि आने वाले वक्त में कई और मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बन जाएगी।' शिखर सम्मेलन में बोलने हुए पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके साथ ही फ्री और ओपन इंडोपैसिफिक में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया है।

'क्वाड का सफल होना जरूरी'
पीएम मोदी ने आगे कहा कि, 'फ्री एंड ओपन इंडोपैसिफिक के लिए और क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए हमारे क्वाड का सफल होना जरूरी है'। इसके साथ ही पीएम मोदी ने प्राचीन भारतीय कलाकृतियों को लौटाने के लिए भी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन को धन्यवाद दिया है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए ऑस्ट्रेलियन पीएम को बधाई दी है। पीएम मोदी ने मजाकिया लहजे में कहा कि, 'शनिवार को हुए मैच में ऑस्ट्रेलियन टीम ने बाजी मारी है, लेकिन टुर्नामेंट अभी बाकी है... और मैं दोनों देशों की टीम को हार्दिक शुभकामनाए देता हूं।'

भारत-ऑस्ट्रेलिया में अहम समझौते
भारत और ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत शिखर सम्मेलन में ये फैसला किया गया है कि, अब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हर साल वार्षिक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने सोमवार को शिखर सम्मेलन के बाद बताया कि, ऑस्ट्रेलिया तीसरा ऐसा देश होगा, जिसके साथ भारत का संस्थागत वार्षिक शिखर सम्मेलन होगा। भारतीय विदेश सचिव ने कहा कि, "वर्चुअल शिखर सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण परिणाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत सरकार के प्रमुखों के स्तर पर वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित करने का फैसला है। ऑस्ट्रेलिया तीसरा देश होगा जिसके साथ भारत का संस्थागत वार्षिक शिखर सम्मेलन होगा।" ऑस्ट्रेलिया से पहले भारत और रूस के बीच इस तरह का समझौता है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में दोनों देश करेंगे काम
भारतीय विदेश सचिव श्रृंगला ने यह भी बताया कि, दोनों देशों के प्रधानमंत्री इस बात पर सहमत हुए हैं कि, वे भारत के राष्ट्रीय निवेश और बुनियादी ढांचा कोष और ऑस्ट्रेलिया के पेंशन और संप्रभु कोष के बीच सहयोग बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि, "हमारे बुनियादी ढांचे के विकास में ऑस्ट्रेलियाई निवेश को आकर्षित करने में हमारी रुचि के कारण यह महत्वपूर्ण है।"












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