मिडिल ईस्ट ही नहीं, एशिया के इन देशों में भी है अमेरिकी सैन्य अड्डे, किसी भी वक्त किसी पर अटैक करने की क्षमता
In which Asian countries are there US military bases: अमेरिका सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि सुपरपावर माना जाता है और इसकी सबसे बड़ी वजह है इसकी अटूट सैन्य ताकत। दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक, सबसे बड़ा रक्षा बजट, अत्याधुनिक हथियार, ट्रेनिंग, और वैश्विक रणनीति - अमेरिका इन सभी मामलों में बाकी देशों से मीलों आगे है। चाहे बात हो युद्ध की, आतंकवाद से लड़ाई की, या फिर अपने सहयोगी देशों की रक्षा करने की, अमेरिका अपनी ताकत दिखाने से पीछे नहीं हटता। हाल ही में, ईरान और इज़रायल के बीच छिड़े युद्ध में भी अमेरिका ने अपने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकानों पर बमबारी की, जिससे यह साफ हो गया कि अमेरिका की सैन्य ताकत सिर्फ बातों तक सीमित नहीं है।
लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर अमेरिका इतनी तेजी से दुनिया के किसी भी कोने में कार्रवाई कैसे कर लेता है? इसका जवाब है उसके दुनियाभर में फैले सैकड़ों सैन्य अड्डे। वॉशिंगटन डीसी स्थित अमेरिकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डेविड वाइन के अनुसार, जुलाई 2021 तक अमेरिका के करीब 80 देशों में लगभग 750 सैन्य बेस मौजूद थे। ये एयरबेस, नेवी बेस और जमीनी ठिकाने अमेरिका को ऐसी ताकत देते हैं, जिसकी पहुंच एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व, अफ्रीका, और यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया तक है। इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि दुनिया के किन-किन देशों में अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी दर्ज कर रखी है, और ये कैसे अमेरिका की रणनीतिक बढ़त को मजबूत बनाते हैं।

मिडिल ईस्ट के इन देशों में मौजूद है अमेरिकी एयरबेस
1. कतर
मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा मिलिट्री बेस कतर में स्थित है, इसका नाम अल उदीद एयर बेस (Al Udeid Air Base) है। यह दोहा से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है. यह 24 हेक्टेयर (60 एकड़) क्षेत्रफल में फैला हुआ है और BBC के अनुसार यहां पर लगभग 8000 से अधिक सैनिक तैनात रहते हैं। इसकी स्थापना वर्ष 1996 में की गई थी।
2. कुवैत
कुवैत, अमेरिका के लिए मध्य पूर्व में एक रणनीतिक सैन्य ठिकाना है, जहां उसके कई प्रमुख अड्डे स्थापित हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं अहमद अल-जाबर एयरबेस, अली अल-सालेम एयरबेस, और कैम्प आरिफजान।
- अहमद अल-जाबर एयरबेस कुवैत सिटी से करीब 120 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है और मुख्य रूप से लड़ाकू विमानों और वायु अभियानों के लिए प्रयोग होता है।
- अली अल-सालेम एयरबेस, कुवैत सिटी के पश्चिम में लगभग 37 किलोमीटर (23 मील) दूर स्थित है, और यह अमेरिकी वायुसेना की गतिविधियों के लिए एक सक्रिय संचालन केंद्र है।
- वहीं कैम्प आरिफजान एक विशाल भूमि आधारित सैन्य केंद्र है, जो अमेरिकी सेना के लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन का प्रमुख हिस्सा है। यहां से पूरे क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों को पूर्व-तैयार उपकरण, हथियार और आपूर्ति मुहैया कराई जाती है।
ये तीनों अड्डे न केवल कुवैत में अमेरिकी सैन्य ताकत के केंद्र हैं, बल्कि इराक और सीरिया में चल रहे अभियानों में भी इनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यह सैन्य नेटवर्क अमेरिका को मध्य पूर्व में तेज़ प्रतिक्रिया और रणनीतिक बढ़त सुनिश्चित करता है।
3. संयुक्त अरब अमीरात
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अमेरिकी सेना की दो प्रमुख रणनीतिक मौजूदगियां हैं। अल धफरा एयर बेस (अबू धाबी के दक्षिण में स्थित) और जेबेल अली पोर्ट (दुबई में)। हालांकि UAE में पारंपरिक अर्थों में कोई पूर्ण अमेरिकी सैन्य अड्डा नहीं है, लेकिन इन दोनों स्थानों पर अमेरिकी सेना की प्रभावशाली और सक्रिय मौजूदगी बनी हुई है।
4. बहरीन
बहरीन में अमेरिकी नौसेना के लिए नेवल सपोर्ट एक्टिविटी (एनएसए) बहरीन मुख्यालय है, जो यूएस फिफ्थ फ्लीट और यूएस नेवल फोर्सेज सेंट्रल कमांड का नौसेना एवं प्रचालन केंद्र भी है। यह खाड़ी, लाल सागर, अरब सागर और हिंद महासागर के कुछ हिस्सों पर कब्जा करता है। यहां लगभग 8,500 अमेरिकी सैनिक एवं कर्मी तैनात हैं।
5. सऊदी अरब
प्रिंस सुल्तान एयर बेस (PSAB) सऊदी अरब में स्थित एक महत्वपूर्ण अमेरिकी वायु सेना का बेस है, जो राजधानी रियाद से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यह एयर बेस मध्य पूर्व क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए एक रणनीतिक गढ़ के रूप में कार्य करता है। PSAB को पूरे क्षेत्र में हवाई शक्ति के प्रक्षेपण के लिए केंद्रीय मंच माना जाता है। इस बेस का उपयोग विशेष रूप से इराक और अफगानिस्तान में सैन्य अभियानों के दौरान किया गया है, जहां से अमेरिका ने अपने ऑपरेशनों को तेजी और प्रभावशीलता के साथ संचालित किया। इसकी रणनीतिक स्थिति और सुविधाएं अमेरिका को क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और आवश्यकतानुसार त्वरित सैन्य प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाती हैं।
6. ओमान
ओमान में अमेरिका के पास सीमित मात्रा में सैन्य आधार और पोर्ट्स तक पहुंच है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और आपातकालीन ऑपरेशनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आरएएफओ मसीरा, थुमरैत, और सीब/खासाब जैसे एयरबेसों का उपयोग मुख्यतः कंटिन्जेंसी ऑपरेशन्स और एयरलॉजिस्टिक्स के लिए किया जाता है। इन बेसों पर लगभग कुछ सौ अमेरिकी वायुसेना कर्मी टर्नओवर सिस्टम के तहत तैनात रहते हैं, जो निरंतर मिशन सपोर्ट और संचालन की सुविधा प्रदान करते हैं। इस रणनीतिक उपस्थिति से अमेरिका को मध्य पूर्व में तेजी से प्रतिक्रिया देने और आपात स्थिति में आवश्यक सहायता पहुंचाने में मदद मिलती है।
7. ईराक
ईराक में अमेरिका के दो महत्वपूर्ण एयरबेस हैं। ऐन अल असद एयर बेस और एरबिल एयर बेस। ऐन अल असद एयर बेस विशेष रूप से अहम माना जाता है, जहां संयुक्त मिशनों के तहत लगभग 2,500 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। यह बेस रणनीतिक दृष्टि से क्षेत्रीय सुरक्षा और अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
8. जॉर्डन
जॉर्डन में भी प्रशिक्षण और निगरानी के लिए कई छोटे अड्डे मौजूद है। जॉर्डन का प्रमुख अमेरिकी सैन्य अड्डा टावर 22 है। यह जॉर्डन के सीरियाई सीमा के पास स्थित है।
मध्यपूर्व के अलावा एशिया के इन देशों में है अमेरिकी ठिकाने
जापान
जापान में अमेरिका के कई महत्वपूर्ण एयरबेस हैं, जिनमें प्रमुख मिसावा एयर बेस (आओमोरी), कडेना एयर बेस (ओकिनावा) और योकोटा एयर बेस (टोक्यो) शामिल हैं। होंशू, क्यूशू और ओकिनावा के लगभग 85 वायु और नौसैनिक अड्डों पर करीब 53,700 अमेरिकी सैन्यकर्मी तैनात हैं।
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दक्षिण कोरिया
दक्षिण कोरिया के पश्चिमी तट पर, सियोल से लगभग 40 मील दक्षिण में स्थित कैंप हम्फ्रीज़ अमेरिकी सेना का मुख्यालय है। यह आठवीं अमेरिकी सेना और द्वितीय इन्फैंट्री डिवीजन का केंद्र है। साथ ही, ओसान एयर बेस भी यहां का प्रमुख वायु सेना ठिकाना है। देश में कुल मिलाकर लगभग 25,400 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो सेना, नौसेना, वायु सेना और मरीन यूनिट में कार्यरत हैं।
4. फिलीपींस
अमेरिका ने फिलीपींस के साथ रक्षा सहयोग समझौते के तहत कम से कम पांच सैन्य अड्डे स्थापित किए हैं, जिनमें बासा एयर बेस और एंटोनियो बाउटिस्टा एयर बेस प्रमुख हैं। इसके अलावा, चार नए ठिकानों पर रोटेशनल पहुंच भी दी गई है। फिलीपींस में इस मामले पर मतभेद हैं-कुछ इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी और लाभकारी मानते हैं, जबकि अन्य इसे देश की संप्रभुता पर खतरा मानते हैं।
5. ताइवान
ताइवान में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी किसी से छिपी नहीं है। यहां अमेरिकी सेना के सैकड़ों प्रशिक्षक और मिलिट्री यूनिट ज्वाइंट ट्रेनिंग एक्सरसाइज और सैन्य सहायता के लिए तैनात हैं। हालांकि ताइवान में कोई आधिकारिक अमेरिकी एयरबेस नहीं है, फिर भी अमेरिकी सेना कुछ हवाई अड्डों का उपयोग करती है, जिनमें सबसे प्रमुख चिंग चुआन कांग एयर बेस है। वियतनाम युद्ध के दौरान यह बेस अमेरिकी वायुसेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण था और आज भी सक्रिय है।
इन सैन्य ठिकानों का उपयोग सुरक्षा, प्रशिक्षण, आपातकालीन कार्रवाई और सहयोगी देशों की मदद के लिए किया जाता है। यह सैन्य अड्डे उसे किसी भी वैश्विक संकट में तेज़ी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता प्रदान करते हैं।
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