पाकिस्तान में अभी 'दो' प्रधानमंत्री ? इमरान गए नहीं और शहबाज शरीफ को विपक्ष ने घोषित किया पीएम
इस्लामाबाद, 3 अप्रैल: पाकिस्तान के राजनीतिक संकट में अब गेंद वहां के सुप्रीम कोर्ट के पाले में चली गई है, जिसने राष्ट्रपति और डिप्टी स्पीकर के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से तो इनकार किया है, लेकिन सभी आदेशों को अदालत के आदेश के दायरे में माना है और सोमवार को इसपर सुनवाई जारी रहेगी। इस बीच इमरान खान सरकार के खिलाफ एकजुट हुए विपक्षी दलों ने शहबाज शरीफ को संसद के अंदर मुल्क का नया प्रधानमंत्री घोषित कर दिया है और इमरान खान की सरकार के खिलाफ पहले लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को भी पास कर दिया है।

शहवाज शरीफ को विपक्ष ने नया पीएम घोषित किया
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने नेशनल असेंबली को भंग करके मुल्क की सियासत में उथल-पुथल मचा दिया है। सदन के डिप्टी स्पीकर की ओर से इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है। लेकिन, विपक्ष ने राष्ट्रपति की कार्रवाई को नजरअंदाज करते हुए संसद की कार्यवाही फिर से शुरू की और ना सिर्फ डिप्टी स्पीकर की ओर से पीएम इमरान खान की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज करने के आदेश को अयोग्य करार दे दिया है, बल्कि विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ को मुल्क का नया प्रधानमंत्री भी घोषित कर दिया है।

'197 सांसदों ने नया स्पीकर चुना'
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के नेता और पूर्व पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ भाई शहवाज शरीफ ने इसके बाद पाकिस्तानी नेशनल असेंबली को नए प्रधानमंत्री के रूप में संबोधित भी किया है। यही नहीं पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता शेरी रहमान ने सदन के अंदर का एक वीडियो भी ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि पीएमएल-एन के सांसद अयाज सादिक को सदन के 197 सदस्यों ने नया स्पीकर भी चुन लिया है। इस वीडियो में सांसद मेज थपथपाते दिख रहे हैं।

इमरान के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पारित किया
जब अयाज सादिक ने नए स्पीकर के तौर पर आसन ग्रहण कर लिया तो उन्होंने इमरान खान सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को फिर से सक्रिय कर दिया, जिसमें प्रस्ताव के पक्ष में वोटिंग हुई, क्योंकि सत्ताधारी गठबंधन के सांसद पहले ही सदन से बाहर निकल चुके थे। यानी भले ही संसद को राष्ट्रपति से भंग करवा कर और चुनावों की घोषणा करके इमरान खान खुश हो रहे हों, लेकिन निर्वासित जीवन जी रहे पूर्व पीएम नवाज ने पाकिस्तानी राजनीति में अपना मोहरा चल दिया है। वैसे नेशनल असेंबली पहले स्थगित की जा चुकी थी और पाकिस्तान के नियमों के मुताबिक सिर्फ राष्ट्रपति और स्पीकर ही सत्रावसान के बाद इसकी बैठक आयोजित कर सकते हैं।

पाकिस्तानी सेना संकट में अपने हाथ से किया इनकार
इससे पहले डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने सदन की अध्यक्षता करते हुए इमरान खान के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को वहां के संविधान की धारा 5 के तहत अयोग्य ठहराते हुए उसे खारिज कर दिया था। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने वहां चल रही राजनीतिक घटनाओं में अपना हाथ होने से इनकार किया है। इसके पीआर विंग के चीफ मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने रॉयटर्स से कहा है, 'सेना को राजनीतिक प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं है।' वहीं विपक्ष के नेता शहवाज शरीफ और बिलावल भुट्टो ने सारी प्रक्रिया को असंवैधानिक करार देते हुए डिप्टी स्पीकर के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का भी ऐलान किया था।
पाकिस्तान में 'अद्भुत सियासी संकट'
पाकिस्तानी सीनेटर शेरी रहमान ने अपने ट्वीट में लिखा है, अयाज सादिक को छोड़कर विपक्ष के 197 सदस्यों ने कासिर सूरी के अंतिम गैरकानूनी रूलिंग के बाद (अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में )वोट दिया है। वैसे पाकिस्तानी संसद राष्ट्रपति की ओर से भंग हो चुकी है और तीन महीने के भीतर चुनाव होने हैं। पाकिस्तानी संविधान की धारा 224 के तहत राष्ट्रपति को केयरटेकर प्रधानमंत्री की नियुक्ति करनी है। अब सारी नजरें पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं, जिसमें सोमवार को सुनवाई होनी है।












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