सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इमरान खान को घड़ी गिफ्ट की, बीवी ने चोरी से 20 लाख डॉलर में बेच डाला!
पाकिस्तान की पिछली सरकार ने सऊदी क्राउन प्रिंस ‘मोहम्मद बिन सलमान' द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिफ्ट की गई घड़ी को बेच दिया था। यह दावा दुबई के व्यापारी ने किया है।
दुबई के एक व्यवसायी ने पकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर बड़ा आरोप लगाया है। बिजनेसमैन ने दावा किया है कि पाकिस्तान की पिछली सरकार ने सऊदी क्राउन प्रिंस 'मोहम्मद बिन सलमान' द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को दी गई लाखों डॉलर की लग्जरी घड़ी बेच दी थी।इस व्यवसायी के दावे से विवाद खड़ा हो गया है। इस बिजनेसमैन का नाम उमर फारुक जहूर है। उमर फारुक ने दावा किया कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि पाकिस्तानी सरकार ने 2019 में ग्रैफ कलाई घड़ी को 20 लाख डॉलर में बेचा था।

इमरान खान को सउदी प्रिंस ने दी थी ग्रैफ घड़ी
पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की एक रिपोर्ट के अनुसार सऊदी क्राउन प्रिंस 'मोहम्मद बिन सलमान' ने इमरान को "ग्रैफ" की घड़ी भेंट दी थी। यह घड़ी उन उपहारों का हिस्सा थी जिनकी बिक्री से ही इमरान खान की राजनीति विवादों में आ गई। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक बिजनेसमैन 'उमर फारूक' ने दावा किया कि 2019 में पूर्व मंत्री 'मिर्जा शहजाद अकबर' ने उनसे घड़ी खरीदने के बारे में पूछा था। मिर्जा अकबर की मदद से उमर फारूक इमरान खान की बीवी और उनके करीबी सहयोगी फराह गोगी से दुबई में मिले थे।

बुशरा बीवी ने बेची घड़ी
उमर फारूक ने दावा किया कि बुशरा बीवी को घड़ी बेचने में बेहद दिलचस्पी थी। उन्होंने कहा, वो घड़ी को 4 से 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर में बेचना चाहते थे, लेकिन बातचीत के बाद उमर ने इसे 2 मिलियन अमेरीकी डॉलर में खरीद लिया। इसके साथ ही उमर फारूक ने यह भी दावा किया कि फराह खान के आग्रह पर घड़ी का भुगतान नकद में किया गया था।

तोशाखाना क्या है?
आपको बता दें कि तोशाखाना कैबिनेट का एक विभाग है, जहां अन्य देशों की सरकारों, राष्ट्रप्रमुखों और विदेशी मेहमानों द्वारा दिए गए महंगे उपहारों को रखा जाता है। नियमों के तहत किसी दूसरे देशों के प्रमुखों या गणमान्य लोगों से मिले उपहारों को तोशाखाना में रखा जाना जरूरी है। 2018 में पाकिस्तान के पीएम बनने के बाद इमरान खान को यूरोपीय और अरब देशों की यात्राओं के दौरान वहां के शासकों से महंगे उपहार मिले थे, जिन्हें इमरान ने तोशाखाना में जमा करा दिया था। लेकिन इमरान खान ने बाद में तोशाखाना से इन्हें सस्ते दामों पर खरीदा और बड़े मुनाफे में बेच दिया। इस पूरी प्रक्रिया को उनकी सरकार ने बकायदा कानूनी अनुमति दी थी।

अदालत ने इमरान खान को अयोग्य ठहराया
रिपोर्ट के मुताबिक इनकी बिक्री से इमरान खान को 36 मिलियन पाकिस्तानी रुपए हासिल हुए। यह मामला सामने आने के बाद इसमें काफी विवाद हुआ। जियो न्यूज की एक रिपोर्ट की मुताबिक, इमरान खान ने एक बार कहा था कि ये उनके गिफ्ट है, जो उन्हें निजी तौर पर दिए गए हैं, इसलिए इन पर उनका अधिकार है। खान ने कहा था कि यह उनकी मर्जी है कि वह इन गिफ्ट को अपने पास रखे या नहीं। हालांकि अदालत ने उनकी दलील नहीं सुनी और अक्टूबर 2022 में 'इमरान खान' को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।












Click it and Unblock the Notifications