Imran Khan Father: भारत से थे इमरान खान के पिता इकरामुल्लाह नियाजी? जानें कैसा था बाप-बेटे का रिश्ता!
Imran Khan Father: इन दिनों पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जो कि अदियाला जेल में बंद हैं उन्हें लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कभी उनकी मौत की खबर सामने आती है तो कभी हेल्थ खराब होने की। लेकिन इनमें से किसी भी बात की पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं अब उनके पिता को लेकर भी चर्चा चल रही है। जिसमें उनके भारत से होने का दावा किया जा रहा है। इसी कड़ी में हम जानेंगे कि आखिर इमरान खान के पिता इकरामुल्लाह खान नियाजी कौन थे और क्या है उनकी कहानी।
मियांवाली इलाके से जुड़ी हैं जड़ें
इकरामुल्लाह खान नियाज़ी, जिन्हें पाकिस्तान में एक सम्मानित सिविल इंजीनियर और एक प्रतिष्ठित सरकारी अधिकारी के रूप में जाना जाता है, आज भी सबसे अधिक चर्चित इसलिए हैं क्योंकि वे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के पिता थे। इकरामुल्लाह नियाज़ी का संबंध पाकिस्तान के प्रसिद्ध नियाज़ी पठान समुदाय से था, जो मूल रूप से मियांवाली क्षेत्र से जुड़ा है।

भारत से कनेक्शन
उनका भारत से संबंध मुख्य रूप से दो तरह से था:
1. शिक्षा और उपमहाद्वीप का साझा इतिहास
उनकी शुरुआती शिक्षा ब्रिटिश इंडिया के दौर में हुई। यानी उनका बचपन, पर्यावरण, स्कूलों और शिक्षकों में भारत की सांस्कृतिक छाप थी। चूंकि उनका जन्म और शिक्षा ब्रिटिश इंडिया के दौर में हुई थी इसलिए उनके कागजों पर भारतीय होने की पहचान दिखती थी। इसलिए कई जगहों पर ये दावा किया जाता है कि वे भारतीय थे और ये बात भी कुछ हद तक सही भी है।
2. खानदान के रिश्ते
नियाज़ी जनजाति के कुछ हिस्से 1947 से पहले भारत के अलग-अलग इलाकों में रहे थे। कई रिश्तेदारी और सांस्कृतिक संपर्क विभाजन से पहले मौजूद थे। इस तरह इकरामुल्लाह के परिवार की जड़ें अविभाजित भारत के दोनों हिस्सों से जुड़ी थीं।
जन्म, परिवार और शुरुआती जीवन
इकरामुल्लाह खान नियाज़ी का जन्म 1922 में हुआ था। उनके परिवार का संबंध मियांवाली के नियाज़ी जनजाति से था, जो अपने साहस, सैन्य परंपराओं और शिक्षा-प्रेम के लिए प्रसिद्ध है। उनके पिता एक सम्मानित व्यक्ति थे और परिवार का वातावरण अनुशासन, मेहनत और इस्लामी मूल्यों से काफी प्रभावित था।
इंजीनियरिंग में गहरी पकड़
इकरामुल्लाह शिक्षित परिवार से थे, इसलिए बचपन से ही पढ़ाई पर ज़ोर रहा। उन्होंने ब्रिटिश इंडिया के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रारंभिक पढ़ाई की और आगे चलकर सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूर्ण की।
उनकी शिक्षा ब्रिटिश भारत के दौर में हुई-जब यहां में इंजीनियरिंग का स्वरूप ब्रिटिश मानकों के अनुसार था। यही कारण था कि इकरामुल्लाह की इंजीनियरिंग स्किल बेहद उच्च स्तर की मानी जाती थी। उनकी शिक्षा का बड़ा हिस्सा उन संस्थानों में हुआ, जो 1947 से पहले भारत का हिस्सा थे। इस प्रकार, उनका शुरुआती शैक्षणिक जीवन भारत से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ था।
करियर
इकरामुल्लाह नियाज़ी ने पाकिस्तान में PWD और अन्य सरकारी इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में लंबी सेवा की। वे अपने समय में उन गिने-चुने इंजीनियरों में थे, जिन्हें:
• तकनीकी रूप से निपुण
• प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में अनुभवी
उन्होंने कई सरकारी भवनों, पुलों, सड़कों और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इमरान खान के साथ रिश्ता
इकरामुल्लाह खान नियाज़ी और उनके बेटे इमरान खान के बीच संबंध हमेशा सम्मानपूर्ण रहे।
• इमरान ने कई बार कहा कि उनके पिता का अनुशासन, कठोर मेहनत और ईमानदारी जीवनभर उनकी प्रेरणा रही।
• इकरामुल्लाह चाहते थे कि इमरान उच्च शिक्षा प्राप्त करें।
• हालांकि इमरान ने राजनीति और क्रिकेट का रास्ता चुना, पर उनके पिता ने उन्हें हमेशा समर्थन दिया।
इमरान खान की सफलता में उनके पिता की सोच और परवरिश की बड़ी भूमिका मानी जाती है।
पाकिस्तान में चर्चा का कारण
इकरामुल्लाह खान नियाज़ी भले ही राजनीति में सक्रिय नहीं थे, लेकिन वे कई कारणों से चर्चा में रहे:
1. एक सफल इंजीनियर
2. इमरान खान के पिता होने के कारण
3. नियाज़ी परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा
4. तहज़ीब, सादगी और शालीनता
उनका व्यक्तित्व सरल, शांत और ज़मीन से जुड़ा हुआ था।
मृत्यु और विरासत
इकरामुल्लाह खान नियाज़ी का निधन 2008 में हुआ। उनकी मृत्यु के बाद पाकिस्तान के कई सामाजिक और प्रशासनिक वर्गों ने उन्हें याद किया। इमरान खान ने सार्वजनिक मंचों पर कहा कि उनके पिता की ईमानदारी और मेहनत हमेशा उन्हें मार्गदर्शन देती रहेगी।
उनकी विरासत केवल इमरान खान तक सीमित नहीं है-वे पाकिस्तान के उन अधिकारियों में आते हैं जिन्होंने अपने काम से सम्मान कमाया और बिना किसी विवाद के जीवन बिताया।
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