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इमरान खान ने पाकिस्तान की तुलना 1971 की जंग से की, खुद को बताया पूर्वी पाकिस्तान का शेख मुजीब

इमरान खान ने अपने भाषण के दौरान पाकिस्तानी सेना के हर कमजोर नस को दबाया और पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति के लिए पाकिस्तानी सेना और देश की राजनीतिक वर्ग को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।

Imran khan News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान के मौजूदा हालात और खुद को प्रधानमंत्री पद से बर्खास्त किए जाने की घटना की तुलना साल 1971 से की है, जब बांग्लादेश में पाकिस्तानी सेना भीषण अत्याचार कर रही थी और बंगालियों को मौत के घाट उतार रही थी। गुरुवार शाम को हुए जानलेवा हमले में बाल बाल बचे इमरान खान ने जब शुक्रवार को देश को संबोधित किया, तो उन्होंने इस साल अप्रैल में अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद से हटाए जाने की तुलना 1971 के युद्ध से की।

इमरान खान ने क्या कहा?

इमरान खान ने क्या कहा?

आपको बता दें कि, साल 1971 से पहले पाकिस्तान की सेना पूर्वी पाकिस्तान में भारी अत्याचार कर रही थी और लाखों बंगालियों को मार दिया गया था। हजारों बांग्लादेशी महिलाओं से पाकिस्तानी सेना के जवानों ने बलात्कार किया था और शेख मुजीब, जो आम चुनाव में जीत गये थे, उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया गया था। जिसके बाद बांग्लादेशियों ने पाकिस्तान के खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया और भारत की मदद से पाकिस्तान से आजादी हासिल कर ली। साल 1971 की भारत-पाकिस्तान की लड़ाई के बाद बांग्लादेश का गठन हुआ था, जिसका जिक्र इस वक्त इमरान खान ने किया है। माना जा रहा है, कि इमरान खान ने 1971 की जंग का जिक्र करके पाकिस्तानी फौज के जख्म पर नमक रखकर उसे पैरों से कुचल दिया है, क्योंकि 1971 में ना सिर्फ पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था, बल्कि पाकिस्तानी सेना को भारत के सामने सरेंडर करना पड़ा था, जो आज भी पाकिस्तान के लिए शर्मिंदगी की वजह है और इमरान खान ने इसका जिक्र कर सीधे अपनी फौज को नीचे दिखाया है।

1971 में क्या हुआ था?

1971 में क्या हुआ था?

साल 1971 में जो चुनाव हुए थे, उसमें पूर्वी पाकिस्तान यानि आज के बांग्लादेश और आज के पाकिस्तान में एक साथ हुए थे, जिसमें शेख मुजीबुर रहमान की पार्टी ने बंपर जीत हासिल की थी, लेकिन शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व वाली अवामी लीग को बहुमत के बावजूद सरकार बनाने की अनुमति नहीं दी गई थी। आपको बता दें कि, शेख मुजीबुर रहमान मौजूदा बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता था, जिन्हें बाद में आईएसआई ने मरवा दिया था। इमरान खान ने 1971 की तुलना 2022 से करते हुए कहा कि, "पूर्वी पाकिस्तान में क्या हुआ था? सबसे बड़ी पार्टी जो जीती, उन्होंने (सेना ने) इसके खिलाफ कार्रवाई की..."।

पूर्वी पाकिस्तान के अत्याचार को किया याद

पूर्वी पाकिस्तान के अत्याचार को किया याद

इसके साथ ही इमरान खान ने पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना के किए अत्याचारों को याद किया। आपको बता दें कि, साल 1970 में जो आम चुनाव करवाया गया था, उसमें शेख मुजीबुर रहमान को जीत मिलने के बाद पाकिस्तानी सेना और आईएसआई किसी भी हाल में एक बांग्लादेशी नेता को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनाना नहीं चाह रही थी। लिहाजा, पाकिस्तानी फौज ने बंगालियों के खिलाफ एक जघन्य योजना बनाई थी, जिसमें बंगाली एकता को कुचलने की साजिश की गई और पाकिस्तानी सेना ये सुनिश्चित करना चाहती थी, कि बांग्लादेशी हमेशा के लिए अपनी एकता और आजादी की आशा को हमेशा के लिए भूल जाए। पाकिस्तानी सेना ने पूर्वी पाकिस्तान के नेताओं के खिलाफ 26 मार्च 1971 को ऑपरेशन सर्चलाइट नाम से एक सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, जिसके तहत पूरे पूर्वी पाकिस्तान में लाखों निर्दोष नागरिकों, पुरुषों और महिलाओं और बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उनके घरों को तबाह कर दिया गया। यह अनुमान लगाया गया है कि, 26 मार्च से 16 दिसंबर 1971 तक पूर्वी पाकिस्तान में चले आतंक के शासन से शरण लेने के लिए करीब एक करोड़ बांग्लादेशी नागरिक भागकर भारत आ गये थे।

सेना के हर कमजोर नस को दबाया

सेना के हर कमजोर नस को दबाया

इमरान खान ने अपने भाषण के दौरान पाकिस्तानी सेना के हर कमजोर नस को दबाया और पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति के लिए पाकिस्तानी सेना और देश की राजनीतिक वर्ग को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। इमरान खान ने कहा कि, "हिंदुस्तान भी हम से निकल गया ... (विकास के मामले में भारत हमसे आगे निकल गया।" पूर्व पीएम को गुरुवार को एक हमले में गोली लगी थी, जिसे उनके समर्थकों ने हत्या की कोशिश करार दिया है। इसके साथ ही इमरान खान ने देश की सेना को चेतावनी देते हुए कहा कि, देश में राजनीतिक परिवर्तन होना निश्चित है, चाहे वह शांतिपूर्ण तरीकों से हो या अराजकता के माध्यम से। इसके लिए उन्होंने 1970 में हुए ईरानी क्रांति औऱ पिछले दिनों श्रीलंका में हुए भीषण विरोध प्रदर्शनों का हवाला दिया। इमरान खान ने कहा कि, "देश की जनता के पास अब सिर्फ दो विकल्प बचे हुए हैं, एक शांतिपूर्ण या फिर खूनी क्रांति"। इमरान खान ने कहा कि, "जनता के पासल तीसरा रास्ता नहीं है, क्योंकि मैंने देश को जागते हुए देखा है।" उन्होंने कहा कि, "अब तय करें कि क्या हम बैलेट बॉक्स के माध्यम से शांतिपूर्वक या ईरान और श्रीलंका में देखी गई अराजकता के माध्यम से बदलाव ला सकते हैं।"

हमले को लेकर क्या बोले इमरान

हमले को लेकर क्या बोले इमरान

वहीं, एक चौंकाने वाले दावे में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान ने कहा कि उन्हें पहले से पता था कि उनके खिलाफ हत्या की योजना बनाई जा रही थी। इमरान खान ने कहा कि, "रैली में जाने से एक दिन पहले, मुझे पता था कि मेरे खिलाफ वजीराबाद या गुजरात में हत्या की योजना बनाई जा रही थी।" उन्होंने कहा कि, "उस दिन जब मैं कंटेनर में था, अचानक मेरे पैरों में गोलियां मारी गईं और मैं नीचे गिरने लगा। वहां पर दो लोग थे, जिन्होंने मुझे पकड़ा, नहीं तो शायद मैं नहीं बच पाता। आपको बता दें कि, गुरुवार को वजीराबाद में अपने लॉन्ग मार्च के दौरान पंजाब प्रांत में पीटीआई प्रमुख इमरान खान पर उनके कंटेनर के पास हमला किया गया था। इमरान के पैर में चोटें आई हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीटीआई नेताओं ने कहा कि इमरान खान की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं।

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