सेना ने दिए इमरान को तीन ऑप्शन, पहला इस्तीफा दीजिए... पाकिस्तान में एक और पीएम चढ़ेगा बलि?
इमरान खान ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि, भारत का समर्थन करने वाला एक "शक्तिशाली देश" राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए हाल ही में उनके रूस के दौरे से नाराज है।
इस्लामाबाद, अप्रैल 03: पाकिस्तान की राजनीति में भीषण उथल-पुथल मचा हुआ है और पाकिस्तान से आने वाली रिपोर्ट्स में अब आशंका गृहयुद्ध की जताई जा रही है। कई रिपोर्ट्स में पाकिस्तान के राजनीतिक मामलों के जानकारों का कहना है, कि इमरान खान अगर संसद में अविश्वास प्रस्ताव हार जाते हैं, जिसकी सबसे ज्यादा संभावना है, तो फिर वो यहीं नहीं रूकेंगे और इमरान खान समर्थक किसी भी हद तक जा सकते हैं और इमरान खान की तरफ से उन्हें ऐसा ऑर्डर मिल गया है। लेकिन, इस बीच खुद इमरान खान ने कहा है कि, उन्हें सेना की तरफ से तीन ऑप्शन दिए गये हैं।

इमरान को मिले तीन ऑप्शन
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक टीवी चैनल पर दिए गये इंटरव्यू में दावा किया है कि, उन्हें सेना की तरफ से तीन ऑप्शन दिए गये थे। इमरान खान ने पाकिस्तान की ‘एआरवाई' न्यूज को करीब एक घंटे से ज्यादा वक्त का इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने सीधे सीधे कहा है कि, विदेशी ताकतें उन्हें मरवाना चाह रही है। वहीं, उन्होंने अमेरिका के ऊपर कई संगीन इल्जाम भी लगाए हैं। इमरान खान ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि, उन्हें पिछले साल अगस्त महीने में ही पता चल गया था और उनके पास खुफिया रिपोर्ट्स आ रही थीं, कि उनकी सरकार को गिराने के लिए विदेशी ताकतें (अमेरिका) साजिश कर रही हैं। वहीं, इमरान खान ने कहा कि, सेना की तरफ से उन्हें तीन ऑप्शन में से एक चुनने के लिए कहा गया है। इमरान खान के मुताबिक, सेना ने उन्हें 1- इस्तीफा देने, 2- जल्दी चुनाव कराने और 3- अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने... ये तीन विकल्प दिए थे।

सेना ने किया आरोपों को खंडन
वहीं, प्रधानमंत्री इमरान खान के विकल्प वाले बयान का पाकिस्तान की सेना ने खंडन कर दिया है और पाकिस्तान की सेना ने बकायदा एक बयान जारी करते हुए कहा है कि, उसने इमरान खान के सामने कोई विकल्प नहीं रखे हैं। पाकिस्तान की द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की आर्मी ने कहा कि, उसने कोई विपक्ष की तरफ से सरकार के सामने ऑप्शन नहीं रखे हैं, बल्कि सेना चाहती है कि, पाकिस्तान की संघीय सरकार मौजूदा बिगड़ते राजनीतिक हालात को लेकर एक बैठक करे और फिर उसमें मौजूदा हालात पर चर्चा करे, इसीलिए सेना की तरफ से फोन किया गया था। द न्यूज इंटरनेशनल ने सूत्रों के हवाले से बताया कि, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के महानिदेशक (डीजी) ने बुधवार को सत्तारूढ़ सरकार के अनुरोध पर पाकिस्तान के पीएम से मुलाकात की थी। अखबार के मुताबिक, बैठक के दौरान तीन विकल्पों पर चर्चा की गई। जिसमें इमरान खान नेशनल असेंबली को भंग करने के विकल्प पर तैयार हुए। इमरान खान ने इसे व्यावहारिक बताया।

सेना करवा रही है मध्यस्थता?
सूत्रों के मुताबिक, इमरान खान से मुलाकात के बाद सेना के जनरल और डीजी आईएसआई ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात की और उन्हें तीनों विकल्पों से अवगत कराया, जिन पर सेना और प्रधानमंत्री के बीच चर्चा हुई थी, लेकिन पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों ने उन विकल्पों को खारिज कर दिया, जिसमें नेशनल असेंबली को भंग करना शामिल है। सैन्य नेतृत्व ने कहा है कि, प्रधानमंत्री के साथ चर्चा किए गए तीन विकल्पों और राजनीतिक क्षेत्र में हस्तक्षेप न करने के अपने इरादे से अवगत कराने के लिए उसने विपक्ष से मुलाकात की थी। वहीं, द न्यूज इंटरनेशनल ने सूत्रों के हवाले से बताया कि, सेना तटस्थ तो है, लेकिन इमरान खान और विपक्ष दोनों को एक साथ बैठने और देश की अर्थव्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता पर चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित भी कर रही है। सेना को डर है कि, इस खराब राजनीतिक हालात के बीच देश की अर्थव्यवस्था, जो पहले से ही खराब है, वो कहीं चौपट ना हो जाए और जनता सेना को ही दोषी ना समझने लगे, क्योंकि सेना ही इमरान खान पर ‘जुआ' खेल रही थी।
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इमरान सरकार का गिरना तय
वहीं, इमरान खान की पार्टी अभी भी सरकार बचाने के लिए हाथ-पैर मार रही है और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के बागी नेता जहांगीर खान तारीन ने शुक्रवार को लंदन में पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन) के नेता इशाक डार से मुलाकात की और विपक्ष के पास मौजूद संख्या पर चर्चा की। जियो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि रविवार को विश्वास मत और पंजाब के मुख्यमंत्री का चुनाव दोनों होना है। लिहाजा, मुलाकात के दो दिन बाद यह बताया गया कि इशाक डार और तरीन ने फोन पर बात की थी। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार दोनों नेताओं ने पंजाब और केंद्र में सहयोग के संभावित तरीकों पर चर्चा की।

इमरान खान को मारने की साजिश?
वहीं, ‘एआरवाई' न्यूज से बात करते हुए इमरान खान ने अपनी हत्या की आशंका जताई है और इसके लिए भी इमरान खान ने विदेशी ताकतों पर ही साजिश करने का आरोप लगाया है। इमरान खान ने कहा कि, जब विदेशी ताकतें उन्हें खरीद नहीं पाई, तो फिर अब वो मुझे मरवाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है, कि मैं लगातार उनके रास्ते में खड़ा रहूंगा। इमरान खान ने आरोप लगाते हुए कहा कि, पाकिस्तान के तमाम विपक्षी नेता को अमेरिका ने खरीद लिया है और इसीलिए अमेरिका बिके हुए नेताओं को सरकार में लाना चाहता है और चूंकी वो बार बार अमेरिका के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लिहाजा उनकी हत्या करवाई जा सकती है।

‘रूस जाने से खफा अमेरिका’
इमरान खान ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि, भारत का समर्थन करने वाला एक "शक्तिशाली देश" राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए हाल ही में उनके रूस के दौरे से नाराज है। उनका बयान तब आया जब पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है और अपने आंतरिक मामलों में अमेरिका के कथित "हस्तक्षेप" पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। 69 वर्षीय पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी इमरान ने कहा कि, एक स्वतंत्र विदेश नीति देश के लिए महत्वपूर्ण है और उनकी सरकार की प्राथमिकता यही है, लेकिन शक्तिशाली राष्ट्र (अमेरिका) ऐसा नहीं चाहता है। इमरान ने कहा कि, आज पूरी दुनिया में भारत की पासपोर्ट की इज्जत होती है, जबकि पाकिस्तानी पासपोर्ट को देखकर लोग नफरत करते हैं, क्योंकि पाकिस्तान की विदेश नीति गुलाम है, लेकिन भारत ना अमेरिका के साथ खड़ा है और ना ही रूस के साथ। भारत अपना राष्ट्रीय हित देखता है और किसी भी देश की विदेश नीति ऐसी ही होनी चाहिए। आपको बता दें कि, 27 मार्च को इस्लामाबाद में एक रैली के दौरान भी इमरान खान ने कहा था कि, एक राष्ट्र उन्हें हटाने की कोशिश कर रहा है और नहीं हटने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दे रहा है।

इराक, सीरिया, सोमालिया का हवाला
इमरान खान ने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि, अमेरिका जानता है कि, पाकिस्तान की सेना काफी शक्तिशाली है और अमेरिका पाकिस्तान की सेना को कमजोर करना चाहता है और फिर पाकिस्तान को तीन और हिस्सों में बांटना चाहता है। इमरान खान ने सीरिया, इराक और सोमालिया जैसे देशों का हवाला देते हुए कहा कि, ये देश एक वक्त काफी शक्तिशाली थे, लेकिन अमेरिका ने इन देशों को बर्बाद कर दिया और अब अमेरिका पाकिस्तान को भी इन जैसे देशों की तरह ही बर्बाद करना चाहता है, लेकिन अमेरिका के रास्ते ने वो खड़े हैं, इसीलिए उनकी हत्या की कोशिश की जा सकती है और खुफिया एजेंसियों को ये बात पता है।












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