मोदी-बाइडेन के ज्वाइंट स्टेटमेंट पर पाकिस्तान में बवाल, बिलावल और इमरान खान आपस में भिड़े
Pakistan on India-US Joint Statement: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच की गई द्विपक्षीय बैठक के बाद जारी ज्वाइंट स्टेटमेंट ने पाकिस्तान में राजनीतिक बखेड़ा शुरू कर दिया है। संयुक्त बयान जारी होने के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने शहबाज शरीफ की सरकार पर बड़े आरोप लगाए हैं।
इमरान खान ने अपने ट्वीट में शहबाज सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्हें पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल बाजवा का "क्रोनीज़" बताया है। इमरान खान ने भारत और अमेरिका की तरफ से जारी संयुक्त बयान पर नाराजगी जताई है, जिसमें आतंकवाद के समर्थन के लिए पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की गई थी।

इमरान खान बनाम बिलावल भुट्टो
भारत और अमेरिका की तरफ से जारी संयुक्त बयान में पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद को फौरन रोकने के लिए कहा गया है। ज्वाइंट स्टेटमेंट में कहा गया है, कि "पाकिस्तान के नियंत्रण वाले किसी भी क्षेत्र का उपयोग आतंकवादी हमलों को शुरू करने के लिए न किया जाए।" वहीं, संयुक्त बयान में मांग की गई है, कि मुंबई और पठानकोट हमलों के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।
जिसके बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने देश की संसद को संबोधित करते हुए भारत और अमेरिका के संयुक्त बयान को खारिज कर दिया और पाकिस्तान को आतंकवाद का पीड़ित देश बताया।
वहीं, इमरान खान ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो की अमेरिका की अनगिनत यात्राओं के लिए एक साल पुरानी पीडीएम सरकार की जमकर आलोचना की। इमरान खान ने मोदी-बाइडेन के संयुक्त बयान को पाकिस्तान को लोकतंत्र का पूर्ण पतन बताते हुए इसे 'आयातित सरकार' की करनी बताया और कहा, कि ये पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय अप्रासंगिकता को दर्शाता है।
इमरान खान के इस ट्वीट के जवाब में बिलावल भुट्टो ने साल 2020 में मोदी-ट्रम्प बैठक के बाद अमेरिका और भारत की तरफ से जारी संयुक्त बयान की एक तस्वीर साझा की। ये बयान उस वक्त जारी की गई थी, जब इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हुआ करते थे। इस तस्वीर के साथ बिलावल भुट्टो ने एक इमोजी लगाया है। उस संयुक्त बयान में भी सीमा पार आतंकवाद फैलाने के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया गया था।
2020 में मोदी और ट्रंप के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में भी पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद पर लगाम लगाने और भारत में हुए आतंकवादी हमलों के गुनहगारों को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान पाकिस्तान से किया गया था।
बिलावल ने नेशनल असेंबली में क्या कहा?
वहीं, अमेरिका और भारत के संयुक्त बयान में पाकिस्तान को फटकार लगने के बाद बिलावल भुट्टो-जरदारी ने देश की संसद में कहा, कि इस्लामाबाद को इसके बारे में "असुरक्षित" नहीं होना चाहिए। लेकिन उन्होंने 'बड़ी शक्तियों' को सलाह दी, कि वे "आतंकवाद को जियो-पॉलिटिक्स का शिकार" न बनाएं।
नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए बिलावल भुट्टो ने कहा, कि विदेश कार्यालय हाल के अमेरिका-भारत संयुक्त बयान पर एक "विस्तृत नीति वक्तव्य" जारी करेगा, जिसमें पाकिस्तान का उल्लेख किया गया है।
बिलावल भुट्टो ने देश के सांसदों से कहा, कि उनका मानना है कि "पाकिस्तान के लिए विश्व राजनीति से दूर रहना और खुद पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण है"। उन्होंने कहा कि एक बार राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक मुद्दे सुलझ जाएं, तो पाकिस्तान दुनिया में अपने अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य हासिल कर सकता है।
बिलावल भुट्टो ने आगे कहा, कि "मैं नहीं मानता, कि अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते करीबी सहयोग के परिणामस्वरूप पाकिस्तान के लिए दुनिया के साथ अपने संबंधों या अमेरिका के साथ अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को लेकर असुरक्षित होने का कोई कारण है।" उन्होंने कहा, कि पाकिस्तान कल भी अपने पैरों पर खड़ा था और आज भी खड़ा है।












Click it and Unblock the Notifications