Imran Khan News: मर्डर, आतंकवाद..इमरान पर लादे गये हैं 80 मुकदमे, सेना या शहबाज, रास्ते से कौन हटा रहा है?
पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान को गिरफ्तार करने में पुलिस करीब 20 घंटे के बाद भी नाकाम रही है। लाहौर स्थिति आवास के बाहर पुलिस और इमरान खान के समर्थकों के बीच जंग जारी है।

Imran Khan Arrest News: अदालती आदेश के बाद इस्लामाबाद की पुलिस पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार करने के लिए लाहौर में डेरा डाले हुई है और इमरान की गिरफ्तारी के नाम पर लाहौर, इस्लामाबाद और कराची के साथ साथ कई शहर जंग के मैदान बने हुए हैं। इमरान खान के समर्थक लाहौर में अपने नेता को गिरफ्तार होने से बचाने के लिए अपनी जान तक देने के लिए तैयार हैं, जबकि पुलिस इमरान समर्थकों को खदेड़ने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल कर रही है। कुल मिलाकर पाकिस्तान में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और गृहयुद्ध की नौबत भी आ सकती है। लेकिन, सवाल ये उठ रहे हैं, कि क्या इमरान खान को खत्म करने की साजिश की गई है? सेना या शहबाज शरीफ, आखिर कौन इमरान खान को रास्ते से हमेशा के लिए हटाना चाह रहा है?

इमरान के खिलाफ 80 मुकदमे
आपको जानकर हैरानी होगी, कि इमरान खान के खिलाफ पूरे पाकस्तान में 80 से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए गय हैं और उनके खिलाफ हर दिन, किसी ना किसी कोर्ट में मुकदमा चलता रहता है। पिछले हफ्ते भी लाहौर में पुलिस ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान और उनके 400 समर्थकों के खिलाफ पुलिस से झड़प के आरोप में हत्या और आतंकवाद की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आपको बता दें, कि पिछले हफ्ते हुई झड़प में इमरान खान के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हो गये थे। इस मुकदमे को मिलाकर, पिछले 11 महीनों के शहबाज शरीफ के शासनकाल के दौरान पीएमएल-एन गठबंधन ने इमरान खान के खिलाफ 80वां मामला दर्ज किया है। जबकि, इमरान खान का आरोप है, कि पिछले बुधवार को पीटीआई कार्यकर्ता अली बिलाल की हत्या में पुलिस का हाथ है। लेकिन, पुलिस ने 100 से ज्यादा इमरान खान समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया और इस दौरान हुई झड़प में 11 पुलिस अधिकारी घायल हो गये।

मुकदमों में इमरान को बांधने की साजिश?
मरान खान के खिलाफ जो मुकदमे दर्ज हैं, उनमें पुलिस और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के मामले और पीटीआई प्रमुख के खिलाफ चल रही पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) की कार्यवाही भी शामिल है। द न्यूज के मुताबिक, इमरान खान ने अलग अलग सरकारी विभागों और अधिकारियों के खिलाफ 19 मामलों में याचिकाकर्ता हैं, जबकि 37 ऐसे मामले हैं, जिनमें इमरान खान सीधे तौर पर आरोपी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ कुल 21 प्राथमिकी दर्ज हैं, जिनमें से 11 प्राथमिकी पिछले साल 25 मई को और आठ मुकदमे 26 मई को दर्ज की गई थीं। बाकी तीन एफआईआर पिछले साल 8 अगस्त को दर्ज की गईं। इनमें से ज्यादातर मुकदमे रैली के दौरान इमरान खान की बयानबाजी से जुड़े हैं, जिनमें उन्होंने देश की सेना, सरकार, अदालत और अधिकारियों के खिलाफ बयान दिए थे। द न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि इमरान खान के खिलाफ हालिया दिनों में भी एफआईआर दर्ज किए गये हैं, जिसे रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है।

मुकदमों से कब तक बच पाएंगे इमरान खान?
पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने भी इमरान खान के खिलाफ दो मामले दर्ज करा रखे हैं और ये दोनों मामले साइबर विवाद से संबंधित हैं। इसके अलावा, आतंकवाद विरोधी अदालतों में इमरान खान के खिलाफ तीन मुकदमे चल रहे हैं। एफआईए बैंकिंग क्राइम कोर्ट इस्लामाबाद ने भी इमरान के खिलाफ एक मामला दर्ज कर रखा है। आपको बता दें, कि इस हफ्ते की शुरुआत में पीटीआई प्रमुख ने ट्विटर पर दावा किया था, कि उनके खिलाफ 76 मामले दर्ज किए गए हैं। जिसके बाद सवाल ये उठ रहे हैं, कि क्या इमरान खान का मुकदमों से पीछा छूट पाएगा या फिर मुकदमों की बेड़ियां उन्हें जेल की कोठरी तक खींच लाएगा। इमरान खान ने अपने ट्वीट में कहा था, कि "मेरे खिलाफ 76 मामले हैं, जिनमें आतंकवाद, ईशनिंदा और राजद्रोह भी शामिल हैं। देशद्रोह के मामले में न तो अधिकारी का नाम है और न ही संस्था की पहचान है।" पीटीआई प्रमुख ने आरोप लगाया था, कि देश के ऊपर 'अपराधियों के समूह' का कब्जा है, जिनमें "बुद्धिमत्ता, मोरेलिटी और इथिक्स" नहीं है।
शहबाज, सेना बनाम इमरान खान
पाकिस्तान में सेना ने हमेशा से राजनीति को कंट्रोल किया है, लेकिन इस बार सेना का कहना है, कि वो राजनीति में दखल नहीं देगी, लेकिन किसी नेता के खिलाफ 80 मुकदमें दर्ज करना, जिनमें आतंकवादी धाराएं भी शामिल हों, मर्डर के आरोप लगाए गये हैं, उन्हें देखने के बाद सवाल यही उठते हैं, कि आखिर इमरान खान को कौन खत्म करना चाहता है? इमरान खान की लोकप्रियता पाकिस्तान में लगातार बढ़ती ही जा रही है और मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है, कि अगर अभी चुनाव हुए, तो इमरान खान आसानी से जीत हासिल कर लेंगे, जो ना शहबाज शरीफ चाहते हैं और ना सेना। वहीं, कई रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है, कि अगर इमरान खान जीतते हैं, तो वो पाकिस्तान की राजनीति में सेना के अस्तित्व को ही खत्म करने के लिए काम करेंगे और देश की राजनीति में सेना के दखल को समाप्त करने के लिए संसद में नया कानून लेकर आएंगे, लिहाजा सेना भी इमरान खान से चिढ़ी हुई है। यानि, इमरान खान के खिलाफ शहबाज शरीफ और सेना ने मजबूती से गठबंधन कर रखा है, ऐसे में इमरान खान अपने समर्थकों के सहारे कब तक बच पाएंगे, ये देखने वाली बात होगी।












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