‘आप रूस को घेर नहीं सकते, ये असंभव है’, भारत और चीन का नाम लेकर पुतिन का US पर निशाना
पुतिन ने साफ कर दिया है कि, रूस को घेरना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। उन्होंने भारत और चीन का नाम लेकर अमेरिका को चिढ़ाया है।
मॉस्को, 11 जून : रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने व्लादिमीर पुतिन खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। रूस के खिलाफ इन देशों अब तक कई सारे प्रतिबंध लगा चुके हैं। हालांकि, इससे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को कोई फर्क नहीं पड़ा। उन्होंने तमाम प्रतिबंधों के बावजूद यूक्रेन पर विजय प्राप्त करने की कसम खाई। अब खबर है कि पुतिन ने भारत और चीन का नाम लेकर अमेरिका पर तंज कसा है।

पुतिन ने कहा रूस को घेरना असंभव
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस के पास न केवल भारत और चीन बल्कि लातिन अमेरिकी व अफ्रीकी देशों के साथ साझेदारी कायम करने का अवसर है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस जैसे देश को घेरना असंभव है। विश्व के ताकतवर देशों में से एक रूस के राष्ट्रपति ने मॉस्को में देश के युवा उद्यमियों के साथ हुई बैठक के दौरान यह बात कही, और बात-बात में ही अमेरिका पर उन्होंनें तंज कस दिया।

कई देशों के साथ साझेदारी कायम करने का अवसर
व्लादिमीर पुतिन ने बैठक के दौरान कहा कि, यह दुनिया बड़ी और विविध है। आपने अभी चीन और भारत का जिक्र किया। चीन और भारत ही क्यों? लातिन अमेरिका भी इसमें शामिल है। अफ्रीका अभी पीछे है। रूस के पास न केवल चीन और भारत बल्कि वहां 1.5 अरब लोग रहते हैं। दक्षिण-पूर्वी एशिया भी है। रूस के पास न केवल चीन और भारत बल्कि लातिन अमेरिका और अफ्रीका के साथ भी साझेदारी कायम करने का अवसर है।

रूस, यूक्रेन जंग
रूस ने यूक्रेन पर 24 फरवरी को हमला किया था। इसके बाद से अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों ने पुतिन के देश पर भारी प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिया। इससे पुतिन को कोई फर्क नहीं पड़ा बल्कि उन्होंने यूक्रेन को जीतने की कसम खा ली।

अमेरिका, पश्चिमी देशों ने लगाया था प्रतिबंध
बैठक में यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए पुतिन ने आगे कहा कि, रूस जैसे देश को घेरना असंभव है। उन्होंने दावा किया कि रूस अपने लक्ष्य को लेकर एकदम अडिग है और उससे किसी भी देश को कोई खतरा नहीं है। पुतिन ने युवा उद्यमियों को अपने व्यवसाय का विस्तार करने और घरेलू उत्पादकता को बढ़ाने का आह्वान किया।

प्रतिबंधों का रूस पर कोई असर नहीं
बता दें कि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाकर राष्ट्रपति पुतिन को नाराज करने का काम किया है। इन सब बातों को देखते हुए रूस ने यूक्रेन में जंग को खत्म नहीं करते हुए इसे और अधिक बढ़ाने का फैसला किया है।

दुनिया में तेल, गैस का संकट
रूस और यूक्रेन के बीच जंग के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस के दाम बढ़ते ही जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने तो यहां तक कह दिया है कि अगर युद्ध और लंबा खिंचा तो आने वाले समय में दुनिया खाद्य संकट उत्पन्न हो जाएगा और लोग भुखमरी का सामना करेंगे।

जंग का यूरोपीय अर्थव्यवस्था पर खराब असर
वहीं, जंग के कारण तेल और गैस के दाम बढ़ने से इसका सीधा असर यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इस बीच रूस ने भारत और चीन के साथ सस्ते में तेल बेचने की डील कर अपने व्यापार को आगे बढ़ाया है। इससे रूस को नए विदेशी साझीदार मिल रहे हैं और उसकी अर्थव्यवस्था को सहारा भी मिल रहा है।












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