तालिबान की वजह से अफगानिस्तान में बड़ा मानवीय संकट, आने वाली नस्लों पर भी बर्बादी का साया
जिन इलाकों पर तालिबान ने कब्जा कर लिया है, वहां पर तालिबानी आतंकी लड़कियों की खोज के लिए सर्च अभियान चला रहे हैं।
काबुल, अगस्त 12: तालिबान के हमले से अफगानिस्तान में भारी मानवीय संकट पैदा होता जा रहा है। देश के आपदा प्रबंधन मंत्री गुलाम बहाउद्दीन जिलानी के अनुसार, पिछले दो महीनों में अफगानिस्तान के 34 प्रांतों में 60 हजार से ज्यादा परिवार तालिबानी हमलों की वजह से विस्थापित हुए हैं और अब उनके सामने जिंदगी कैसे बचाएं, इसका सवाल खड़ा हो गया है। उनमें से कम से कम 17 हजार से ज्यादा परिवारों ने अफगानिस्तान की राष्ट्रीय राजधानी काबुल में शरण ले ली है, जिसे सुन्नी पश्तून लड़ाकों से अपनी जान का खतरा है।

सबसे बड़ा मानवीय संकट
जिस तेज गति से तालिबान अफगानिस्तान की जमीन पर कब्जा कर रहा है, उससे यह सवाल उठता है कि आखिर अफगान सरकार कितने समय तक देश के उन हिस्सों पर नियंत्रण बनाए रख सकती है, जहां अभी उसकी हुकूमत है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) के कार्यालय ने मंगलवार को चेतावनी दी है कि बढ़ती हिंसा और मानवाधिकारों के उल्लंघन और हनन को रोकने में विफलता से अफगानिस्तान के लोगों के लिए आने वाले वक्त में विनाशकारी परिणाम सामने आएंगे। विभिन्न स्थानीय समाचार रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका और नाटो बलों की वापसी के बाद तालिबाने बड़ी भारी संख्या में बेगुनाओं का कत्ल किया है। वहीं, अफगानिस्तान में महिलाओं और बच्चियों की हत्या के मामलों में 50 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। अफगानिस्तान मीडिया के मुताबिक सिर्फ इस साल अभी तक तालिबान ने कम से कम 468 बच्चों की हत्या कर दी है।
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लड़कियों के लिए बर्बर प्लान
जिन इलाकों पर तालिबान ने कब्जा कर लिया है, वहां पर तालिबानी आतंकी लड़कियों की खोज के लिए सर्च अभियान चला रहे हैं। तालिबान की तरफ से उन इलाकों के इमामों को कहा गया है कि वो उन लड़कियों की लिस्ट सौंपे जिनकी उम्र 12 साल से ज्यादा है। इसके साथ ही तालिबान ने उन महिलाओं की लिस्ट भी इमामों से मांगी है, जिनके शौहरों की मौत हो चुकी है। तालिबान के आतंकी लड़कियों की खोज में घर घर तलाशी अभियान चला रहे हैं। जिसकी काफी आलोचना की जा रही है, लेकिन तालिबान पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। खासकर सुरक्षाबलों की विधवाओं के साथ तालिबानी आतंकी काफी बर्बर तरीके से पेश आते हैं। अफगान मानवाधिकार प्रहरी महिला यूनाइटेड वॉयस एडवाइजरी ग्रुप ने कहा कि ''तालिबान 'विवाह जिहाद' चला रहा है, जिसकी दुनियाभर में विरोध की जानी चाहिए''

तालिबान के साथ भीषण लड़ाई
इस बीच अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत में पिछले कई दिनों से भारी लड़ाई जारी है और कई तालिबानी आतंकी मारे गये हैं। ये इलाका तालिबान का गढ़ माना जाता है और अफगान सेना काफी तेजी से इन इलाकों में ऑपरेशन को अंजाम दे रही है। जबकि तालिबानी आतंकी जल्द से जल्द काबुल पर कब्जा करना चाहते हैं। हालांकि, तालिबान ने अभी तक 9 प्रांतों की राजधानियों पर कब्जा जमा लिया है। वहीं, राष्ट्रपति अशरफ गनी महीने के अंत में अमेरिका और नाटो की वापसी से पहले अपने देश के विशेष बलों, मिलिशिया सरदारों और अमेरिकी वायुशक्ति पर भरोसा करते हुए जवाबी कार्रवाई करने की प्लानिंग कर रहे हैं। लेकिन, अमेरिकी सैन्य खुफिया विभागों ने अंदाजा लगाया है कि अगले 30 दिनों के अंदर काबुल को तालिबानी आतंकी घेर सकते हैं और 90 दिनों के अंदर अफगानिस्तान पर कब्जा कर सकते हैं।












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