ट्रंप की अमेरिका से विदेशी भगाओ मुहिम का भारत पर क्या होगा असर?
अगर नए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू किया गैर-कानूनी तरीके से अप्रवासियों को बाहर निकालना तो फिर भारत पर भी हो सकता है असर।
वाशिंगटन। नए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान कर दिया है कि वह तीन मिलियन यानी तीस लाख ऐसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू करेंगे जो अप्रवासी हैं और गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में रह रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी चैनल सीबीएस के कार्यक्रम 60 मिनट्स को दिए इंटरव्यू में यह बात कही।

बराक ओबामा सबसे सफल
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान के समय से ही अप्रवासियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की बात कही है। राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में करीब 2.5 मिलियन गैर-कानूनी अप्रवासियों को उनके मुल्क वापस भेजा गया था। यह किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति के इतिहास में सबसे बड़ा रिकॉर्ड था।
ओबामा ने उठाए सबसे ज्यादा कदम
राष्ट्रपति ओबामा ने अवैध अप्रवासियों को अमेरिका में आने से रोकने के लिए कई अहम कदम उठाए और सभी उपायों को दोगुना कर दिया था। सीमा पर एजेंट्स की संख्या को दोगुना किया गया, बॉर्डर पर पेट्रोल बढ़ाई और सभी जेलों के साथ संपर्क किया गया जहां पर दूसरे देशों से आने वाले नागरिकों को हिरासत में रखा जा सके।
ट्रंप ने किया था ऐलान
ट्रंप ने इस बात का ऐलान उस समय किया था जब पिछले वर्ष दिसंबर में कैलिफोर्निया के सेंट बर्नाडिनो में एक आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में शामिल हमलावर पाकिस्तान मूल का था और गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में रह रहा था।
क्या कहते हैं आंकड़ें
अमेरिका के माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट (एमआईपी) ने इस वर्ष अप्रैल में एक लेख में उन देशों का जिक्र किया था जहां से सबसे ज्यादा लोग अमेरिका में बसने के लिए आते हैं। इस रिपोर्ट में अमेरिकी जनगणना विभाग के वर्ष 2014 के आंकड़ों के अलावा कई और एजेंसियों के आंकड़ें लिए गए थे।
- अमेरिका में वर्ष 2014 में 42.4 मिलियन अप्रवासी हैं और यह अमेरिकी जनसंख्या का 13.3 प्रतिशत हिस्सा हैं।
- वर्ष 2014 के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका की जनसंख्या 318.9 मिलियन है।
- वर्ष 2013 से 2014 के बीच विदेशों में जन्म लेने वाली जनसंख्या की अमेरिका में एक मिलियन यानी 2.5 % की दर से बढ़ोतरी हुई।
- अमेरिका में पहली बार वर्ष 1850 में जनगणना हुई थी और उस समय करीब 2.2 मिलियन अप्रवासी अमेरिका में थे।
- वर्ष 1860 से 1920 तक अमेरिका में अप्रवासियों की संख्या 13% से 15% के बीच रही।
- वर्ष 1890 में यह अपने सर्वोच्च स्तर 14.8 % पर पहुंच गई थी जब यूरोप से बड़ी संख्या में अप्रवासी अमेरिका में आकर बसे।
किस देश के कितने अप्रवासी
- वर्ष 2014 में 1.3 मिलियन अप्रवासी अमेरिका में आए यानी वर्ष 2013 के आंकड़ों की तुलना में इसमें 11 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
- वर्ष 2014 के आंकड़ों के मुताबिक अप्रवासियों की संख्या में भारत के 147,500 लोग अमेरिका आए।
- इसके बाद चीन का नंबर था जिसके नागरिक 131,800 अमेरिका में रहे।
- ट्रंप के निशाने पर रहे मैक्सिको के 130,000 अमेरिका में बसे।
- कनाडा के 41,200 और फिलीपींस के 40,500 नागरिक अमेरिका में बसे।
1990 से 2013 तक कितना इजाफा
- अमेरिकी जनगणना विभाग के मुताबिक वर्ष 1990 से लेकर 2013 तक मैक्सिको के अप्रवासियों की संख्या में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ।
- मैक्सिको से वर्ष 1990 में 4,298,014 अप्रवासी आए तो वर्ष 2013 में यह आंकड़ा 62.9% बढ़कर 11,584,977 क पहुंच गया
- चीन के वर्ष 1990 में 921,070 अप्रवासी नागरिक थे। वर्ष 2013 में 61.4 % का इजाफा के साथ 2,383,831 अप्रवासी नागरिक रिकॉर्ड हुए।
- वहीं तीसरे नंबर पर भारत था जिसके वर्ष 1990 में 450,406 अप्रवासी नागरिक अमेरिका में थे।
- वर्ष 2013 में भारत के अप्रवासी नागरिकों की संख्या में 77.9% का इजाफा हुआ है और यह संख्या 2,034,677 पर पहुंच गई।
यानी अगर डोनाल्ड ट्रंप ने गैर-कानूनी तरीके से बसे अप्रवासियों पर कार्रवाई करनी शुरू की तो फिर भारत पर भी थोड़ा असर पड़ सकता है।
वर्ष 2013 के आंकड़ों के मुताबिक करीब 11 मिलियन गैर-कानूनी अप्रवासी अमेरिका में रहे हैं। सबसे ज्यादा यानी 54% गैर-कानूनी अप्रवासी अमेरिका के चार राज्यों में बसे हैं।
कैलिफोर्निया में 28% , टेक्सास में 13% न्यूयॉर्क में आठ प्रतिशत और फ्लोरिडा में पांच प्रतिशत गैर-कानूनी अप्रवासी बसे हैं। ये ऐसे राज्य हैं जहां पर भारतीयों की संख्या भी सबसे ज्यादा है।












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