Oil LPG Crisis: तेल बेचकर दुनिया का सबसे अमीर देश बनेगा ओमान! कैसे युद्ध के बीच निकली लॉटरी
Oil LPG Crisis: ईरान और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते तनाव ने जहां पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है, वहीं ओमान के लिए यह स्थिति एक बड़ा आर्थिक वरदान साबित हो रही है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) के पास अपनी रणनीतिक स्थिति और ईरान के साथ संतुलित रिश्तों की वजह से ओमान आज एक 'सुरक्षित सप्लाई हब' बन गया है।
जहां अन्य खाड़ी देश युद्ध की मार झेल रहे हैं, वहीं ओमान का तेल व्यापार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। ओमान न केवल अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत कर रहा है, बल्कि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बनकर शांति की कोशिशें भी कर रहा है।

Oman Oil Boom: ओमान की चांदी
युद्ध के कारण जहां सऊदी और यूएई जैसे देशों के लिए व्यापारिक मुश्किलें बढ़ी हैं, वहीं ओमान के लिए रास्ते खुल गए हैं। सुरक्षित समुद्री रास्ता होने के कारण दुनिया भर के व्यापारी अब ओमान का रुख कर रहे हैं। ईरान द्वारा बड़े हमलों से बचे रहने के कारण ओमान की साख एक 'सेफ जोन' के रूप में बनी है। इसी भरोसे ने ओमान को इस संकट के समय में आर्थिक रूप से खाड़ी का सबसे उभरता हुआ खिलाड़ी बना दिया है।
Gulf Oil Trade: तेल की कीमतों में भारी उछाल
जंग की वजह से ओमान के कच्चे तेल की मांग आसमान छू रही है। जो तेल पहले $60 प्रति बैरल बिकता था, उसकी कीमत अब $150 तक पहुंच गई है। फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, ओमान अब रूस के बाद सबसे पसंदीदा तेल सप्लायर बन गया है। दाम बढ़ने के साथ-साथ ओमान ने अपना प्रोडक्शन भी बढ़ा दिया है। पहले जहां ओमान 8 लाख बैरल तेल बेचता था, वहीं अब यह मात्रा लगभग दोगुनी हो चुकी है।
ये भी पढे़ं: US Iran War: 5000 पाउंड का बंकर बस्टर बम, जिसने ली Ali Larijani की जान, बनाने में कितना पैसा होता है खर्च?
Strait of Hormuz Crisis: हॉर्मुज की चालाकी और भूगोल
विश्व मानचित्र पर ओमान की स्थिति बहुत खास है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के एक तरफ ईरान है और दूसरी तरफ ओमान। ओमान को अपना तेल बाहर भेजने के लिए हॉर्मुज के विवादित संकरे रास्ते को पार करने की जरूरत नहीं पड़ती। वह सीधे अरब सागर और हिंद महासागर से जुड़ा है। यही कारण है कि ईरान के हॉर्मुज बंद करने की धमकी का ओमान पर कोई असर नहीं पड़ता, जिससे उसकी सप्लाई बिना रुके जारी रहती है।
World News Hindi: ईरान-ओमान का अनूठा तालमेल
ईरान चाहकर भी ओमान के जहाजों को निशाना नहीं बना सकता। जानकारों का मानना है कि ओमान के पास अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण पलटवार करने की ताकत है, जिससे ईरान का हॉर्मुज पर कंट्रोल कमजोर पड़ सकता है। इसके अलावा, ओमान ने हमेशा ईरान के साथ 'सॉफ्ट' डिप्लोमेसी रखी है। इसी आपसी समझ का फायदा ओमान को मिल रहा है और उसके तेल टैंकर बिना किसी डर के यूरोप और एशिया की ओर जा रहे हैं।
ये भी पढे़ं: LPG-Oil Crisis: अभी और बढ़ेगा गैस-तेल का संकट? भारत पर भी मंडरा रहा खतरा! Trump ने मदद के लिए फैलाए हाथ
शांतिदूत की ग्लोबल पहचान
ओमान सिर्फ पैसा ही नहीं कमा रहा, बल्कि दुनिया की नजरों में एक 'पीस मेकर' बनकर उभरा है। वह ईरान और अमेरिका के बीच कड़वाहट कम करने के लिए लगातार बातचीत का नेतृत्व कर रहा है। हाल ही में 17 मार्च को ओमान ने शांति का एक प्रस्ताव भी दिया था। भले ही ईरान के सुप्रीम लीडर ने इसे अभी ठुकरा दिया हो, लेकिन इस कोशिश ने अंतरराष्ट्रीय बाजार और व्यापारियों के बीच ओमान के प्रति भरोसे को और मजबूत कर दिया है।












Click it and Unblock the Notifications