'गोरी' महिलाओं की वजह से टूटा हिलेरी का राष्ट्रपति बनने का सपना
बड़ी संख्या में श्वेत समुदाय के लोगों ने हिलेरी क्लिंटन की जगह डोनाल्ड ट्रंप को दिया वोट और बनाया ट्रंप को राष्ट्रपति।
वाशिंगटन। तो अब यह तय हो चुका है कि तमाम विरोध के बावजूद रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अगले उत्तराधिकारी होंगे।
इसके साथ ही एक बार फिर से डेमोक्रेट और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी क्लिंटन का राष्ट्रपति बनने का सपना टूट गया। अगर हिलेरी राष्ट्रपति बन जाती तो फिर अमेरिका के इतिहास की पहली महिला राष्ट्रपति होती।
हिलेरी अगर पहली महिला राष्ट्रपति नहीं बन पाईं हैं तो इसकी वजह भी सिर्फ महिलाएं ही हैं। बात जानकर आप थोड़े हैरान हो सकते हैं लेकिन यह सच है। इस बार के अमेरिकी चुनाव पिछले सभी चुनावों से अलग थे।
पंडितों ने तो हिलेरी की जीत का ऐलान भी कर दिया लेकिन जो नतीजे आए उन्होंने सबको चौंका दिया।
अमेरिकी चुनावों में वोटर्स बंटा हुआ नजर आया, यह कहना थोड़ा गलत नहीं होगा। क्लिंटन जो पॉपुलर वोट्स में तो जीतीं लेकिन इलेक्टोरल वोट्स ने हरा दिया।
चुनाव बीत जाने के बाद और नतीजे आने के बाद जानिए कि आखिर हिलेरी का राष्ट्रपति बनने का सपना कैसे टूटा और कैसे बंटे हुए वोटिंग पैटर्न ने हिलेरी को भी हैरान कर दिया।

ब्लैक वर्सेज व्हाइट
डेमोक्रेट हिलेरी क्लिंटन अश्वेत मूल की महिलाओं के बीच तो अपनी लोकप्रियता बढ़ाती गईं लेकिन श्वेत महिलाओं के बीच वह रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप से पीछे छूटती जा रही थीं। हिलेरी क्लिंटन के पति और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने जब पहली बार चुनाव लड़ा था तो उन्हें सिर्फ 17 प्रतिशत अश्वेत महिलाओं ने वोट डाला। हिलेरी को 82 प्रतिशत अश्वेत महिलाओं ने वोट दिए। अब अगर बात श्वेत मूल की महिलाओं की बात करें तो बाजी ट्रंप मार ले गए। ट्रंप को 53 प्रतिशत श्वेत महिलाओं ने वोट डाला तो हिलेरी को सिर्फ 43 प्रतिशत श्वेत महिलाओं ने ही वोट डाला।

पुरुष वर्सेज महिला
डोनाल्ड ट्रंप, हिलेरी क्लिंटन की तुलना में पुरुषों के बीच ज्यादा लोकप्रिय रहे। ट्रंप को जहां 53 प्रतिशत महिलाओं ने वोट दिया तो वहीं हिलेरी क्लिंटन को 41 प्रतिशत पुरुषों ने ही वोट डाले। इसके अलावा महिलाओं में हिलेरी की लोकप्रियता ट्रंप से ज्यादा रहीं। एबीसी न्यूज, एपी सीबीसी न्यूज, फॉक्स न्यूज, एनबीसी और सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक 42 प्रतिशत महिलाओं ने ट्रंप को वोट दिया तो 54 प्रतिशत महिलाओं ने हिलेरी को वोट डाले।

कॉलेज जाने वाली युवा लड़कियों में कौन पॉपुलर
मंगलवार को जो वोटिंग हुई उसमें कॉलेज जाने वाली युवा लड़कियों के बीच क्लिंटन की पॉपुलैरिटी ट्रंप की तुलना में ज्यादा थी। 18 से 29 वर्ष की 63 प्रतिशत महिलाओं ने क्लिंटन को वोट दिया। वहीं सिर्फ 31 प्रतिशत ने ट्रंप को वोट डाले। इस उम्र के लड़कों में भी हिलेरी ज्यादा लोकप्रिय थीं क्योंकि उन्हें 46 प्रतिशत वोट मिले तो ट्रंप को सिर्फ 42 प्रतिशत वोट ही मिले। लेकिन यहां पर श्वेत समुदाय के लोगों ने ट्रंप के लिए संजीवनी बूटी की तरह काम किया। ट्रंप को श्वेत समुदाय के कॉलेज ग्रेजुएट 54 प्रतिशत लड़कों ने वोट डाले तो हिलेरी को 39 प्रतिशत वोट ही मिले। वहीं कॉलेज जाने वाली श्वेत लड़कियों ने जरूर हिलेरी का समर्थन किया। यहां पर हिलेरी को 45 के मुकाबले 51 वोट मिले।

युवा में कौन पॉपुलर
18 से 29 वर्ष के युवाओं में हिलेरी पॉपुलर रही हैं। उन्हें इस उम्र के तहत आने वाले 55 प्रतिशत लोगों ने वोट किया तो सिर्फ 37 प्रतिशत ने ही ट्रंप को वोट डाला। 30 से 44 वर्ष के लोगों की बात करें तो 50 प्रतिशत ने हिलेरी को वोट डाला तो 42 प्रतिशत ने ट्रंप को वोट दिया। लेकिन 45 से 64 वर्ष के लोगों ने ट्रंप को पसंद किया। जहां 53 वोट ट्रंप के हिस्से आए तो वहीं 44 प्रतिशत वोट हिलेरी को गए। वहीं 65 वर्ष की आयु से ज्यादा आयु वाले लोगों के बीच भी ट्रंप लोकप्रिय थे। ट्रंप को 53 प्रतिशत वोट मिले तो हिलेरी को 45 प्रतिशत वोट हासिल हुए।

कितने एशियन ट्रंप के साथ
एशिया के 65 प्रतिशत लोगों ने हिलेरी को वोट किया और इसमें भारतीय नागरिकों का योगदान सबसे अहम है। ट्रंप को सिर्फ 29 प्रतिशत एशियाई नागरिकों के वोट मिल सके। स्पेन के 65 प्रतिशत नागरिकों ने हिलेरी को वोट दिया और 29 प्रतिशत ने ट्रंप को वोट दिया।

अमीर वर्सेज गरीब
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी अमीरों के दम पर राष्ट्रपति बने हैं। हर वर्ष 50,000 डॉलर से कम कमाने वाले 52 प्रतिशत वोटर्स ने हिलेरी को चुना। यह 52 प्रतिशत इलेक्टोरल में 36 प्रतिशत का योगदान करते हैं। वहीं ट्रंप को इस इनकम वाले 41 प्रतिशत वोटर्स ने ही वोट डाले। 64 प्रतिशत अमेरिकी जिनक इनकम साल में 50,000 डॉलर से ज्यादा है उनमें 49 प्रतिशत ने ट्रंप को चुना और सिर्फ 47 प्रतिशत ने ही हिलेरी को वोट दिए।
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