Elon Musk की Tesla की नाक में दम, क्या दुनिया जीत पाएंगी चीन की इलेक्ट्रिक कारें? जानिए कीमत और सबकुछ
Chinese electric vehicles: इलेक्ट्रिक कार बाजार (ईवी मार्केट) में धाक जमाने के लिए पहले से ही पश्चिमी देशों की कार निर्माताएं हिस्सेदारी के लिए हाथापाई कर रही हैं, लेकिन चीन की इलेक्ट्रिक गाड़ियों ने उनके लिए मुसीबत बढ़ा दी है। चीन की इलेक्ट्रिक कारें उनके सामने डरावने दुश्मन की तरफ आ गये हैं।
इलेक्ट्रिक कार बाजार में एक बड़ी हिस्सेदारी पर कब्जा करने के लिए चीन आक्रामकता के साथ निवेश कर रहा है और मौजूदा हालात ये हैं, कि दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क, जिनकी कार कंपनी टेस्ला ने इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में अपनी बादशाहत बना ली थी, उसकी कारें बिकनी कम हो गईं हैं, जिससे टेस्ला के शेयर्स टूटने लगे हैं।

एलन मस्क की टेस्ला, पश्चिमी बाजारों में सबसे प्रसिद्ध इलेक्ट्रिक गाड़ियों की निर्माता है और इस साल की पहली तिमाही की टेस्ला की कार की बिक्री 2023 की पहली तिमाही के मुकाबले 20 प्रतिशत कम हो गई है। जिससे टेस्ला के शेयर्स इस साल 25 प्रतिशत क्रैश कर गये हैं।
कार बाजार एक्सपर्ट्स का कहना है, कि टेस्ला कारों की बिक्री गिरने के पीछे चीन की Xiaomi है, जो मोबाइल फोन बनाने के लिए जानी जाती है, लेकिन अब इसने इलेक्ट्रिक कार का निर्माण शुरू कर दिया है, जिसका मुख्यालय चीन की राजधानी बीजिंग में है। Xiaomi ने इस साल की शुरूआत में अपना पहला EV-SU7 लॉन्च किया है।
चीनी कार निर्माताओं की आक्रामकत ने पश्चिमी देशों के कार निर्माताओं को सकते में डाल दिया है और उनके सामने एक विशाल बाजार को खोने का खतरा मंडरा रहा है। इस साल जनवरी में विश्लेषकों के साथ एक कॉल पर, टेस्ला के बॉस एलन मस्क ने कहा था, कि "हमारा मानना है कि आम तौर पर, चीनी कार कंपनियां दुनिया में सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धी कार कंपनियां हैं।"
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि उन्हें चीन के बाहर महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी।"
जबकि, यही एलन मस्क हैं, जिन्होंने साल 2011 में ब्लूमबर्ग को दिए गये इंटरव्यू में चीनी कारों का मजाक उड़ाया था और उनसे जब चीनी इलेक्ट्रिक कारों को लेकर सवाल पूछा गया था, तो वो हंसने लगे थे। जब एंकर ने उनसे पूछा था, कि आप हंस क्यों रहे हैं, तो एलन मस्क ने मजाक उड़ाते हुए कहा था, कि "क्या आपने उनकी कारें देखी हैं? आप उनकी कारों को प्रतिस्पर्धी बिल्कुल नहीं मान सकते हैं और मुझे नहीं लगता है, कि उनका प्रोडक्ट अच्छा है।" 13 सालों के बाद एलन मस्क के जवाब बदल गये हैं।

चीन की गाड़ियां कितनी पॉपुलर हो रही हैं?
पेरिस स्थित ऊर्जा सलाहकार, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मुताबिक, चीनी इलेक्ट्रिक गाड़ियां पहले से ही दुनिया भर में बिक्री का 60 प्रतिशत हिस्सा बना चुके हैं। टेस्ला और BYD पिछले कुछ वर्षों से बाजार हिस्सेदारी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
मार्केट रिसर्च फर्म ट्रेंडफोर्स की फरवरी 2024 की रिपोर्ट में कहा गया है, कि चीनी निर्माता पहले से ही वैश्विक बाजार हिस्सेदारी के लिए शीर्ष पांच स्थानों में से तीन पर कब्जा कर चुके हैं, जैसे BYD 17 प्रतिशत, GAC Aion 5.2 प्रतिशत और SAIC-GM-Wuling का 4.9 प्रतिशत बाजार पर कब्जा हो चुका है। टेस्ला 19.9 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ फिलहाल शीर्ष स्थान पर कायम है, लेकिन एक साल में उसकी स्थिति बदल सकती है। जबकि जर्मन निर्माता वोक्सवैगन 4.6 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ पांचवें स्थान पर है।
इन आंकड़ों में और बदलाव आ सकता था, अगर चीनी कार कंपनी BYD के ऑफर को भारत सरकार ने ठुकरा नहीं दिया होता। BYD ने भारत में इलेक्ट्रिक कार बनाने के लिए प्लांट खोलने के लिए 2 अरब डॉलर की निवेश का प्रपोजल दिया था, जिसे भारत ने ठुकरा दिया। जिससे भारत में इलेक्ट्रिक कार बाजार अभी पूरी तरह से खुला हुआ है।
हैरानी की बात ये है, कि आज से सिर्फ 12 साल पहले इलेक्ट्रिक कार बाजार में चीन की हिस्सेदारी सिर्फ 0.1 प्रतिशत थी।
सुरक्षा के लिहाज से चीनी गाड़ियों पर कितना भरोसा?
12365ऑटो नामक एक चीनी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, जो एक प्रणाली का उपयोग करके कार की क्वालिटी की निगरानी करती है, और ग्राहकों की संतुष्टि को मापने के लिए बेचे गए प्रति 10,000 वाहनों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करती है, उसमें कहा गया है, कि सुरक्षा के मामले में अभी भी शीर्ष पर टेस्ला की कारें ही हैं। अलग अलग मॉडलों में टेस्ला की कारें पहले और तीसरे नंबर पर मौजूद हैं, लेकिन कई चीनी कारों और टेस्ला के बीच का अंतर काफी मामूली है।

क्या टेस्ला की कारों से सस्ती हैं चीनी इलेक्ट्रिक कारें
चीन की कई इलेक्ट्रिक कारें यूरोपीय बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन फिलहाल अमेरिका में नहीं। अमेरिका का निकटतम देश जहां चीनी इलेक्ट्रिक कारें बेची जाती हैं, वह मेक्सिको है, जहां वो कुछ हद तक सस्ती हैं।
चीनी निर्माता BYD की डॉल्फिन मिनी की मैक्सिको में खरीदने की कीमत 21,000 डॉलर है। तुलनात्मक रूप से, सबसे सस्ता इसी मॉडल जैसा अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निसान लीफ 29,000 डॉलर या शेवरले बोल्ट लगभग 27,000 डॉलर में आता है। हालांकि, चीन में अन्य चीनी निर्माताओं से प्रतिस्पर्धा के कारण डॉल्फिन मिनी की कीमत सिर्फ 9,640 डॉलर ही है।
BYD युआन प्लस (चीन के बाहर Atto 3 के नाम से बेचा जाता है) की कीमत चीन के अंदर और बाहर 119,800 युआन (16,550 डॉलर) से शुरू होती है। हालांकि, यह उन कीमतों से मेल नहीं खा सकता है, टेस्ला पहले से ही चीन के भीतर चीनी कारों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए अब नया मूल्य निर्धारण कर रहा है। उदाहरण के लिए, टेस्ला का मॉडल Y, चीन में 258,900 युआन (35,766 डॉलर) से शुरू होता है, जबकि अमेरिका में इसकी कीमत 44,990 डॉलर है।
Xiaomi SU7 को चीन में खरीदने की कीमत 215,900 युआन (29,825 डॉलर) है। हालांकि, यह अभी तक चीन के बाहर उपलब्ध नहीं है, लेकिन तुलनात्मक रूप से, टेस्ला का मॉडल 3, यूएस में 38,990 डॉलर से शुरू होता है।

चीन की इलेक्ट्रिक गाड़ियां इतनी सस्ती क्यों हैं?
चीनी सरकार अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल क्षेत्र को भारी सब्सिडी देती है, जिसमें उपभोक्ताओं और निर्माताओं, दोनों के लिए भारी भरकम टैक्स छूट की पेशकश शामिल है।
कनाडाई स्वतंत्र अनुसंधान और सलाहकार फर्म, एडमास इंटेलिजेंस ने अपनी रिसर्च में पाया है, कि "साल 2024 से चीनी खरीदारों को एक पूर्ण इलेक्ट्रिक वाहन पर टैक्स का भुगतान ही नहीं करना होगा, जिसकी ड्राइविंग रेंज कम से कम 200 किमी (124 मील) प्रति चार्ज हो।"
पिछले साल जून में, चीन ने इलेक्ट्रिक कारों के बाजार को बनाने के लिए सेल्स टैक्स में 71.8 अरब डॉलर की छूट के लिए पैकेज पेश किया था, जिसे चार सालों में लागू किया जाएगा। इसका मकसद, उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है। वहीं, इस साल इलेक्ट्रिक कारों के लिए सेल्स टैक्स में अधिकतम 30,000 युआन ($4,144) प्रत्येग कार की छूट दी जाएगी, वहीं साल 2026 और 2027 में अधिकतम 15,000 युआन ($2,072) की टैक्स छूट दी जाएगी।

वहीं, चीन को परामर्श देने वाले जर्मन थिंक टैंक कील इंस्टीट्यूट के अनुसार, चीनी सरकार ने BYD कार कंपनी को 3.7 अरब डॉलर की सब्सिडी भी दी है, जिसने हाल ही में पिछले साल की चौथी तिमाही की तुलना में इलेक्ट्रिक कारों की डिलीवरी में इस साल की चौथी तिमाही में 42 प्रतिशत की कमी दर्ज की है।
फिलहाल, अमेरिकी इलेक्ट्रिक गाड़िया बनाने वाली कंपनियों को सिर्फ अमेरिका में चीनी निर्माताओं से प्रतिस्पर्धा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। लेकिन, अमेरिका में इलेक्ट्रिक कारें काफी ज्यादा महंगी हैं और अमेरिका में पेट्रोल और डीजल कारें काफी सस्ती हैं। लेकिन, दूसरे देशों में चीन की कारें बाजारों पर काफी हद तक कब्जा कर चुकी हैं और आने वाले वक्त में चीनी कारों से मुकाबला करना आसान नहीं होगा।












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