जब PM बेंजामिन नेतन्याहू के बड़े भाई ने बचाई थी सैकड़ों यहूदियों की जान, खुद हो गए थे कुर्बान
इजरायल (Israel) और हमास (Hamas) के बीच पांच दिनों से भीषण जंग जारी है। इस भीषण युद्ध में अब तक दोनों तरफ से करीब 5000 लोग मारे जा चुके हैं। आतंकी संगठन हमास जहां अब नरम पड़ते जा रहा है वहीं इजराइल आक्रामक होता जा रहा है। इजराइली सेना ने गाजा को चारों तरफ से घेर लिया गया है। बता दें कि इजराइल पहली बार इस तरह के संकट का सामना नहीं कर रहा है बल्कि इससे पहले भी कई बार जंग का सामना कर चुका है।
पिछली कई जंग में सबसे यादगार कोई ऑपरेशन रहा वह है ऑपरेशन 'थंडरबोल्ट' जिसे इजराइल के नागरिक आज भी याद करते हैं। इस ऑपरेशन में PM बेंजामिन नेतन्याहू के बड़े भाई ने अपनी जान देकर सैकड़ों यहूदियों को बचाया था। बेंजामिन नेतन्याहू के बड़े भाई योनातन नेतन्याहू की वीरता को लोग याद करते हैं। योनातन नेतन्याहू ने बंधक बनाए विमान यात्रियों को छुड़ाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी थी।

पढ़ें पीएम बेंजामिन के बड़े भाई की वीरता की कहानी
बात 4 जुलाई 1976 की है जब आतंकियों ने इजरायल से उड़ान भरने वाले एक प्लेन को बीच रास्ते में हाईजैक कर लिया था और लेकर इसे युगांडा चले गए। युगांडा फिलिस्तीन समर्थक देशों में से एक था। प्लेन पर से इजरायली लोगों के अलावा बाकी सभी पैसेंजरों को उतार दिया गया। निशाना सिर्फ इजरायल था। तब मोसाद के साथ मिलकर इजरायली सेना ने ऑपरेशन थंडरबोल्ट चलाया और युगांडा की धरती से अपने 102 यहूदी नागरिकों को रेस्क्यू किया। लेकिन इस ऑपरेशन में बेंजामिन नेतन्याहू के बड़े भाई योनातन नेतन्याहू ने अपनी जान की कुर्बानी दे दी थी। वह इस ऑपरेशन का हिस्सा थे। उन्होंने आतंकियों से लड़ते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। आज इजरायल में उन्हें हीरो माना जाता है। इजरायली एक बार फिर योनातन की कुर्बानी याद कर रहे हैं, क्योंकि फिलिस्तीन आतंकियों के खिलाफ जंग में 150 इजरायली हमास के कब्जे में हैं।












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