अफगानिस्तान से जल्द ही समाप्त हो जाएंगे हिन्दू-सिख, देश में रह गए 100 से कम लोगः गुरनाम सिंह
अफगानिस्तान में जुल्मों के शिकार अल्पसंख्यक हिन्दू और सिखों के भागने का सिलसिला जारी है। अब अफगानिस्तान में बस 100 हिन्दू और सिख शेष रह गए हैं।
काबुल, 13 अगस्तः अफगानिस्तान में जुल्मों के शिकार अल्पसंख्यक हिन्दू और सिखों के भागने का सिलसिला जारी है। अब अफगानिस्तान में बस 100 हिन्दू और सिख शेष रह गए हैं। भारत सरकार, अफगानिस्तान में बचे हिन्दू और सिखों को वापस लाने के प्रयास में जुटी हुई है। इससे पहले 18 जून को इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत ने काबुल में कर्ता परवन गुरुद्वारे पर हमला किया जिसमें लगभघ 50 हिंदू, सिख और तालिबान के सदस्य मारे गए थे। अफगानिस्तान में हिन्दू और सिख समुदाय सहित धार्मिक अल्पसंख्यक हिंसा का शिकार हो रहे हैं। तालिबान के सत्ता में आने के बाद इन हमलों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।

भारत सरकार का किया धन्यवाद
हाल ही में अफगानिस्तान से भारत पहुंचे अफगान सिख नेता और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति काबुल के अध्यक्ष गुरनाम सिंह राजवंशी ने कहा, "मैं अपने 6 परिवार के सदस्यों के साथ अफगानिस्तान से आया था। विस्फोट में हमारा गुरुद्वारा नष्ट हो गया। अफगानिस्तान में अब 100 हिंदू सिख बचे हैं। हम भारत सरकार को धन्यवाद देते हैं क्योंकि उन्होंने बहुत मदद की।" भारत सरकार बाकी बचे लोगों को यहां लाने की व्यवस्था करने में जुटी हुई है। बीते महीने 21 हिन्दू-सिख अफगानिस्तान से नई दिल्ली पहुंचे थे। इनके पास वीजा भी नहीं था।
इस्लामिक स्टेट से तालिबान को खतरा
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भारतीय विश्व मंच और भारत सरकार के समन्वय से संगटग्रस्त अफगान अल्पसंख्यक हिन्दू और सिखों को निकालने की पहल की थी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अफगान अल्पसंख्यकों को उनके किराए का भुगतान करके मानवीय सहायता प्रदान की थी। हालांकि बीते जुलाई को तालिबान ने अफगानिस्तान छोड़ गए अल्पसंख्यकों को वापस देश लौट आने का बुलावा दिया था। हालांकि वहां से आए लोग अब वापस अफगानिस्तान लौटने को तैयार नहीं हैं। पिछले साल अक्टूबर में काबुल के कार्त-ए-परवान जिले के एक गुरुद्वारे में 15 से 20 आतंकियों ने घुसकर गार्डों के बांध दिया था। इसके अलावा मार्च 2020 में काबुल के शॉर्ट बाजार इलाका स्थित श्री गुरू हर राय साहिब गुरुद्वारा में एक घातक हमला हुआ जिसमें 27 सिख मारे गए और कई लोग घायल हो गए। इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने हमले की जिम्मेदारी ली थी।
अफगानिस्तान में होते रहे हैं हमले
अफगानिस्तान में सिख समुदाय सहित धार्मिक अल्पसंख्यक लगातार निशाना बनाए जाते रहे हैं और रिछले साल अक्टूबर में काबुल के कार्त-ए-परवान जिले के एक गुरुद्वारे में 15 से 20 आतंकियों ने घुसकर गार्डों को बांध दिया था। वहीं, मार्च 2020 में काबुल के शॉर्ट बाजार इलाके में श्री गुरु हर राय साहिब गुरुद्वारा में एक घातक हमला हुआ था जिसमें 27 सिख मारे गए और कई घायल हो गए। इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने हमले की जिम्मेदारी ली थी।












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