USA ने सुनी शहबाज शरीफ की खुफिया बातचीत, हिना रब्बानी का सीक्रेट फाइल 'चुराया'.. लीक दस्तावेज से खुलासा
पिछले महीने अमेरिका ने सीक्रेट जानकारियां लीक करने के मामले में 21 साल के एक सैनिक को गिरफ्तार किया था। लीक दस्तावेजों से पता चला है, कि अमेरिका अपने दोस्त देशों की भी जासूसी करता है।

US Secret Leak on Pakistan: पिछले महीने अमेरिकी खुफिया दस्तावेज लीक कर दिए गये थे, जिसे वॉशिंगटन पोस्ट ने सार्वजनिक कर दिया था। लीक हुए अमेरिकी खुफिया दस्तावेजों ने भारत, ब्राजील, पाकिस्तान और मिस्र सहित प्रमुख विकासशील देशों को लेकर बाइडेन प्रशासन की रणनीति क्या है, उसे सार्वजनिक कर दिया था।
लेकिन, लीक हुए अमेरिकी सीक्रेट दस्तावेज में पाकिस्तान को लेकर जो बातें कही गई हैं, उसने शहबाज शरीफ सरकार की पैरों तले जमीन खिसका की है। इस सीक्रेट दस्तावेज में पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खान का एक इंटरनल मेमो भी शामिल है, जिसमें उन्होंने अमेरिका और चीन के बीच फंसे पाकिस्तान की बात की थी।
पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार का जो इंटरनल मेमो लीक हुआ है, उसके मुताबिक उन्होंने पाकिस्तान की स्थिति गंभीर बताई थी। हिना रब्बानी खार का ये सीक्रेट मेमो मार्च महीने का है, जिसमें उन्होंने कहा था, कि अब पाकिस्तान, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच का रास्ता नहीं बना सकता है।
हिना रब्बानी खार का ये सीक्रेट मेमो 'पाकिस्तान के पास मुश्किल विकल्प' टाइटल के साथ है, जिसमें हिना रब्बानी ने पाकिस्तान के नेतृत्व को पश्चिम को खुश करने की कोशिशों को लेकर चेतावनी दी है।
हिना रब्बानी के सीक्रेट मेमो में क्या है?
हिना रब्बानी खार ने अपने सीक्रेट मेमो में पाकिस्तानी नेतृत्व को सावधान करते हुए कहा है, कि "अगर पाकिस्तान, अमेरिका के साथ अपने रिश्ते को सहेजने की कोशिश करता है, तो आखिरकार उसे चीन के साथ अपने संबंधों को त्यागना होगा, जिसके साथ उसके 'वास्तविक रणनीतिक भागीदारी' हैं"।
हिना रब्बानी खार का सीक्रेट मेमो कैसे लीक हुआ और अमेरिका के पास कैसे पहुंचा, इसके सोर्स के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। लिहाजा, अब पाकिस्तान में सवाल ये उठ रहे हैं, कि आखिर अमेरिका की जड़ें पाकिस्तानी शासन के अंदर कितनी गहरी हैं, कि वो पाकिस्तान के अत्यंत गोपनीय और संवेदनशील जानकारियां भी उड़ा लेता है।
प्रधानमंत्री की भी बात सुनता है अमेरिका?
इसके अलावा, अमेरिकी सीक्रेट दस्तावेज में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को लेकर भी बातें लिखी गई हैं, जो उन्होंने सीक्रेट मीटिंग्स में की थीं, जिससे सवाल उठ रहे हैं, कि क्या अमेरिका, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की जासूसी करता है और क्या उनकी बातें सुनता है?
शहबाज शरीफ ने 17 फरवरी को अपने एक सहयोगी से रूस-यूक्रेन युद्ध में पाकिस्तान की स्थिति को लेकर जो बात की थी, वो अमेरिकी लीक दस्तावेज में शामिल है।
इस लीक दस्तावेज में बताया गया है, कि शहबाज शरीफ अपने सहयोगी के साथ यूक्रेन को लेकर यूनाइटेड नेशंस में लाए गये प्रस्ताव को लेकर बात कर रहे हैं। उनके बीच ये बातचीत हो रही है, कि पश्चिमी देशों के भारी दबाव के बीच यूनाइटेड नेशंस में वोटिंग के दौरान पाकिस्तान को क्या करना चाहिए।
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इस बातचीत में शहबाज शरीफ को उनका सहयोगी ये सलाह दे रहा है, कि अगर पाकिस्तान ने यूनाइटेड नेशंस में पश्चिमी देशों के प्रस्ताव का समर्थन किया, तो पाकिस्तान, जो रूस के साथ ऊर्जा व्यापार में शामिल होना चाहता है, वो सौदा खतरे में पड़ जाएगा। अंत में पाकिस्तान ने यूनाइटेड नेशंस में वोटिंग से दूर रहने का प्लान बनाया और उन 32 देशों में शामिल हो गया, जिन्होंने ना तो प्रस्ताव का समर्थन किया और ना ही विरोध किया।












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