अनुशासन से लबालब भरी है चीन की राजनीति, देखिए बैठक से पहले किस अंदाज में परोसी जा रही है चाय
रविवार को शुरू हुए कम्युनिस्ट पार्टी के अधिवेशन में कोरियोग्राफिक तरीके से चाय परोसा जाना सोशल मीडिया पर लोगों को खूब हैरान कर रहा है।
China's party meet:चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का अधिवेशन रविवार को शुरू हो चुका है। इस अधिवेशन में पांच साल बाद पूरे देश से लगभग 2,300 पार्टी सदस्य बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में इकट्ठा हुए हैं। ये सभी सदस्य यहां चीन के नए राष्ट्रपति का चुनाव करेंगे। 1921 में पार्टी के गठन के बाद आज जब ये 20वां अधिवेशन शुरू हुआ तो इसमें कुछ भी अव्यवस्थित नहीं था। सब कुछ एक क्रम में दिख रहा था। इसकी बानगी चाय परोसे जाने तक दिखी जिसे मानो एक नृत्य के अंदाज में परोसा जा रहा था।

शी जिनपिंग ने चाय परोसे जाने के तरीके में भी किया बदलाव
रविवार को शुरू हुए इस अधिवेशन में कोरियोग्राफिक तरीके से चाय का परोसा जाना सोशल मीडिया पर लोगों को खूब हैरान कर रहा है। एकबारगी चाय परोसे जाने के तरीके को देख लगता है कि कोई नृत्य चल रहा है। यह दृश्य दर्शाता है कि किस प्रकार 2012 में सत्ता हासिल करने के बाद के दस सालों में शी जिनपिंग ने न केवल देश के शासन में, बल्कि ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में चाय कैसे परोसी जाती है, इसमें भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

शी जिनपिंग का कप भरा नहीं जाता, बदला जाता है
शी जिनपिंग के कार्यकाल से पहले सिर्फ महिला परिचारक ही चाय परोसा करती थीं। सेवा प्रदान करते थे। हालांकि, शी के चुनाव के बाद इसमें हल्का बदलाव किया गया और अगली दो पंक्ति में पुरुष यह सेवा देने लगे। शी जिनपिंग ने चाय परोसे जाने के तरीके में एक और बदलाव किया। शी जिनपिंग उन 2300 पार्टी सदस्यों में से एकमात्र सदस्य हैं, जिनका कप रिफिल नहीं किया जाता बल्कि बदल डाला जाता है।

खुद को सर्वश्रेष्ठ दिखाने की चाहत रखते हैं शी जिनपिंग
जब शी चाय पी रहे होते हैं तब एक चाय परोसने वाला अतिरिक्त प्लाया साथ रखता है। वह पुराना प्याला हटाकर नया प्याला मेज पर रख देता है। इसका कारण अभी तक अज्ञात बना हुआ है। कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि यह व्यवस्था सुरक्षा चिंता की वजह से की गई है वहीं कुछ का ऐसा भी मानना है कि शी जिनपिंग खुद को सर्वश्रेष्ठ दिखाने की नीयत से ऐसा करते हैं।

चीन में 4000 साल पुराना चाय का इतिहास
चीन में चाय का इतिहास लगभग 4 हजार साल पुराना है। चाय, चीन के लिए एक स्वस्थ पेय के रूप में एक सांस्कृतिक राजदूत के रूप में कार्य करती है जो चीन में पैदा हुई और अब पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो चुकी है। चीन में चाय सिर्फ पीने की एक चीज नहीं है, बल्कि यह एक विशेष सांस्कृतिक प्रवृत्ति भी है। शी जिनपिंग का चाय के साथ संबंध फुजियान प्रांत में काम करने के दौरान शुरू हो सकता है।

चाय के विकास में शी जिनपिंग का योगदान
शी जिनपिंग ने चीन में चाय की पत्तियों की ग्रेडिंग, इसका बड़े पैमाने पर रोपण और वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्य से स्थानीय विशेषताओंके साथ चाय उद्योग विकसित करने पर जोर दिया है। शी जिनपिंग के प्रयासों का असर है कि चीन में चाय की किस्मों और चाय पत्ती की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है। शी जिनपिंग ने पारंपरिक चीनी संस्कृति को पेश करने और राजनयिक अवसरों पर चीनी दर्शन का वर्णन करने के लिए चाय को एक रूपक के रूप में बड़ी ही खूबसूरती से इस्तेमाल किया है।












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