एवेनफील्ड केस में मरियम नवाज और उनके पति सफदर बरी, पनामा पेपर कांड से जुड़ा था मामला

इस्लामाबाद, 29 सितंबरः उच्च न्यायालय ने गुरुवार को पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज और उनके पति कैप्टन (सेवानिवृत्त) सफदर को एवेनफील्ड मामले में बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति आमेर फारूक और न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तर कयानी की आईएचसी की दो सदस्यीय पीठ ने दोषसिद्धि के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई की। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने उन पर अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपराध करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया था।

जुलाई 2018 में अदालत ने सुनाई थी सजा

जुलाई 2018 में अदालत ने सुनाई थी सजा

अदालत ने 6 जुलाई 2018 को एवेनफील्ड भ्रष्टाचार मामले में पूर्व पीएम नवाज शरीफ को 10 साल की कैद, मरियम को 7 साल की कैद और सफदर को 1 साल कैद की सजा सुनाई थी। इसके अलाला नवाज पर 80 लाख पाउंड और मरियम पर 10 लाख पाउंड जुर्माना भी लगाया गया था। कुछ समय पहले, आईएचसी ने नवाज द्वारा एवेनफील्ड संदर्भ में उन्हें दी गई सजा के खिलाफ दायर एक अपील पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

मरियम ने अल्लाह का जताया शुक्रिया

मरियम ने अल्लाह का जताया शुक्रिया

इससे पहले अगस्त 2019 में, मरियम को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, जब वह जेल में अपने पिता से मिलने जा रही थी। बाद में, एक स्थानीय अदालत ने नवंबर 2019 में जमानत दे दी। आईएचसी के फैसले के बाद पत्रकारों से बातचीत में मरियम ने कहा कि आज उन्हें गौरवान्वित करने के लिए वह अल्लाह की शुक्रगुजार हैं। मरियम ने कहा, "इस तरह से झूठ का अंत होता है।" मरियम ने वर्षों तक अपना केस लड़ने के लिए अपनी कानूनी टीम को धन्यवाद दिया। जब वह पत्रकारों को संबोधित कर रही थीं, तो उन्हें अपने "चाचा" का भी फोन आया।

मरियम ने इमरान पर साधा निशाना

मरियम ने इमरान पर साधा निशाना

मरियम ने पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान से पूछा कि वह अब क्या करेंगे क्योंकि उन्हें "झूठा" और "साजिशकर्ता" साबित कर दिया गया है, जबकि वह बाइज्जत बरी हो चुकी हैं। मरियम ने खान से कहा कि वह अब एक "असहाय" व्यक्ति है और चाहे वह अपने कामों के लिए जवाब देने का फैसला करे या नहीं, इतिहास इसका जवाब देगा।

क्या है ये एवेनफील्ड केस?

क्या है ये एवेनफील्ड केस?

नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो(एनएबी) ने 8 सितंबर 2017 को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनके दोनों बेटों हुसैन नवाज, हसन नवाज, बेटी मरियम नवाज, दामाद मुहम्मद सफदर और वित्त मंत्री इशाक डार के खिलाफ चार मामले में केस दायर किया गया। अकेले तीन मामले नवाज शरीफ और उनके परिवार के नाम से दर्ज किया गया। इन पर आरोप था कि भ्रष्टाचार कर इन्होंने में लंदन स्थित एवेनफील्ड अवैध संपत्ति खरीदी है। ऐसा आरोप था कि यह सारी प्रॉपर्टी मुखौटा कंपनियों जिसमें अजिजिया स्टील कंपनी, हिल मेटल कंपनी, जेद्दाह सहित फ्लैगशिप इनवेस्टमेंट लिमिटेड सिहत 15 अन्य कंपियों के नाम पर खरीदी गईं।

पनामा पेपर्स मामले में नवाज का नाम आने के बाद खुला मामला

पनामा पेपर्स मामले में नवाज का नाम आने के बाद खुला मामला

बतादें कि शरीफ परिवार के लंदन की सारी संपत्ति का खुलासा पनामा पेपर्स में नाम आने के बाद हुआ था। शरीफ के एवेनफील्ड प्रॉपर्टी के चारों मकान पर कई सवाल उठे थे। मेफेयर के किनारे पर बना हाइड पार्क का यह सबसे महंगे मकान हैं। यह सभी प्रॉपर्टी मुखौटा कंपनियों के नाम पर खरीदी गईं थीं जो टैक्स हैवेन कहे जाने वाले ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में रजिस्टर्ड कंपनियां है। पनामा कोर्ट में शरीफ और उनके परिवार का नाम आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एकाउंटबिलिटी कोर्ट को निर्देश दिए थे कि सारे मामले की सुनवाई छह महीने के भीतर खत्म की जाए।

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